सहारनपुर। राधा विहार स्थित औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा को विश्राम दिया गया। इसके साथ ही भोले बाबा की पूजा अर्चना कर उन्हें 56 भोग अर्पित किए गए। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि शिव ही सत्यम, शिवम, सुंदरम और पूर्ण है।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रभु श्री औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव का विधि-विधान से सोमनाथ ज्योर्तिलिंग महादेव के रूप में भव्य शृंगार चंदन से किया गया। इसके पश्चात 56 भोग अर्पित कर प्रभु की आरती उतारी गई। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि शिव सत, रज, तम के रूप में ही संपूर्ण सृष्टि में समाए हुए हैं। शिव ही परम पुरुष एवं प्रकृति को धारण पर ब्रह्म कहलाते हैं। उन्होंने कहा औघड़दानी रूप में सोमनाथ शृंगार जगत एवं जीव का कल्याण करने वाला है। शिव की शरणागति ही परम मोक्ष है। इस दौरान अरुण स्वामी, मेहरचंद जैन, नरेश चंदेल, ज्ञानेंद्र पुंडीर, रमेश शर्मा, दिनेश ठाकुर, सुचेता राय, बाला पुंडीर, ममता राणा, अनूप अहलूवालिया, सुनयना अहलूवालिया आदि मौजूद रहे।