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नहीं छीनने देंगे मूल जोत की जमीन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:38 AM IST
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चकबंदी के खिलाफ ज्ञापन देने जाते किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के गंगोह क्षेत्र के बुड्ढाखेड़ा गांव से सोमवार को काफी संख्या में कलक्ट्रेट और पुलिस लाइन पहुंचे किसानों ने चकबंदी के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल करने का आरोप लगाया है।
चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी से मिलकर उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया के नाम पर मूल जोत की जमीन को वे छीनने नहीं देंगे। उन्होंने हवाई चक लगाने के नाम पर भी शोषण करने का आरोप लगाया। विभाग की ओर से अब जांच कराकर राहत दिलाने का दिलासा दिया जा रहा है।
गांव से पहुंचे किसानों रामनाथ, विनोद कुमार, रामदास, ज्ञान सिंह, सुरेंद्र सिंह, ऋषिपाल, धन सिंह, राजाराम, हानिफ अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग से कानूनगो अजय राय सहित अन्य टीमों ने इस प्रक्रिया के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल किया है। किसानों की मूल जोत की जमीन छीनी जा रही है। मूल जोत की बजाय हवाई चक लगाए जा रहे हैं। कई किसानों के नलकूप भी जमीन के साथ ही दूसरे हवाई चक में चले गए हैं।
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उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव आंका जा रहा है। उन्होंने जमीन की सही कीमत लगवाने और मूल जोत पर चक दिलाने की मांग की। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया दुबारा अपनाने और अब तक चकबंदी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
उधर, बंदोबस्त अधिकारी सुरेंद्र चौधरी की ओर से बताया गया कि उन्हें चार्ज लिए अधिक समय नहीं हुआ है। इसलिए पीछे से चली आ रही चकबंदी को दिखवाकर उचित कदम उठाया जाएगा। समस्या उठाने वाले किसानों में ऋषिपाल सिंह, ज्ञान सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनूप, रजनीश, दिलशाद, जाकिर, हारुन, फुरकान, नवाब, ओमपाल आदि शामिल रहे।
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चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी से मिलकर उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया के नाम पर मूल जोत की जमीन को वे छीनने नहीं देंगे। उन्होंने हवाई चक लगाने के नाम पर भी शोषण करने का आरोप लगाया। विभाग की ओर से अब जांच कराकर राहत दिलाने का दिलासा दिया जा रहा है।
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गांव से पहुंचे किसानों रामनाथ, विनोद कुमार, रामदास, ज्ञान सिंह, सुरेंद्र सिंह, ऋषिपाल, धन सिंह, राजाराम, हानिफ अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि चकबंदी विभाग से कानूनगो अजय राय सहित अन्य टीमों ने इस प्रक्रिया के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल किया है। किसानों की मूल जोत की जमीन छीनी जा रही है। मूल जोत की बजाय हवाई चक लगाए जा रहे हैं। कई किसानों के नलकूप भी जमीन के साथ ही दूसरे हवाई चक में चले गए हैं।
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उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव आंका जा रहा है। उन्होंने जमीन की सही कीमत लगवाने और मूल जोत पर चक दिलाने की मांग की। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया दुबारा अपनाने और अब तक चकबंदी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
उधर, बंदोबस्त अधिकारी सुरेंद्र चौधरी की ओर से बताया गया कि उन्हें चार्ज लिए अधिक समय नहीं हुआ है। इसलिए पीछे से चली आ रही चकबंदी को दिखवाकर उचित कदम उठाया जाएगा। समस्या उठाने वाले किसानों में ऋषिपाल सिंह, ज्ञान सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनूप, रजनीश, दिलशाद, जाकिर, हारुन, फुरकान, नवाब, ओमपाल आदि शामिल रहे।