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चुनाव नहीं लडूंगा, सपा में ही रहूंगा: मसूद अख्तर
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सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे मसूद अख्तर
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। देहात विधानसभा के निवर्तमान विधायक मसूद अख्तर ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वो सपा में ही रहेंगे तथा अपना पूरा समर्थन सपा प्रत्याशियों को देंगे। मसूद अख्तर ने शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मुलाकात कर सपा में रहने की बात कही है।
जनपद के कद्दावर नेता इमरान मसूद के समर्थन से गत 2017 के विधानसभा चुनाव में मसूद अख्तर सहारनपुर देहात सीट से कांग्रेस के टिकट से विधायक बने थे। इस बार चुनाव की घोषणा होते ही वो भी इमरान मसूद के साथ कांग्रेस छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। इमरान ने बेहट और मसूद अख्तर के लिए देहात सीट की मांग की थी, मगर ऐसा नहीं हुआ। बीते दस दिनों से राजनीतिक घटनाक्रम चलता रहा। बृहस्पतिवार को इमरान मसूद की लखनऊ में अखिलेश यादव के साथ मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने सपा में ही रहने की बात कही। सपा हाईकमान ने इमरान के करीबी डॉ. रागिब अंजुम को सपा जिलाध्यक्ष बनाया, साथ ही उनके समर्थक विवेककांत को भी रामपुर मनिहारान सीट से गठबंधन का प्रत्याशी घोषित किया। इससे इमरान की नाराजगी भी दूर हो गई। मगर इमरान और मसूद अख्तर इस बार चुनाव लड़ने से वंचित रह गए। उधर, दो दिन पहले तस्वीर साफ नहीं होने तक मसूद अख्तर फिर से कांग्रेस में जाकर देहात सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, मगर इमरान के सपा में ही रहने पर उन्होंने भी सपा को ही समर्थन करने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को देेेहात सीट से सपा का चुनाव चिह्न ले चुके आशु मलिक ने मसूद अख्तर की मुलाकात लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से कराई। इस मुलाकात के बाद मसूद ने सपा में ही रहने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मैं इस बार चुनाव नहीं लडूंगा, मैं सपा में रह कर सपा प्रत्याशियों को पूर्ण समर्थन दूंगा।
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जनपद के कद्दावर नेता इमरान मसूद के समर्थन से गत 2017 के विधानसभा चुनाव में मसूद अख्तर सहारनपुर देहात सीट से कांग्रेस के टिकट से विधायक बने थे। इस बार चुनाव की घोषणा होते ही वो भी इमरान मसूद के साथ कांग्रेस छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। इमरान ने बेहट और मसूद अख्तर के लिए देहात सीट की मांग की थी, मगर ऐसा नहीं हुआ। बीते दस दिनों से राजनीतिक घटनाक्रम चलता रहा। बृहस्पतिवार को इमरान मसूद की लखनऊ में अखिलेश यादव के साथ मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने सपा में ही रहने की बात कही। सपा हाईकमान ने इमरान के करीबी डॉ. रागिब अंजुम को सपा जिलाध्यक्ष बनाया, साथ ही उनके समर्थक विवेककांत को भी रामपुर मनिहारान सीट से गठबंधन का प्रत्याशी घोषित किया। इससे इमरान की नाराजगी भी दूर हो गई। मगर इमरान और मसूद अख्तर इस बार चुनाव लड़ने से वंचित रह गए। उधर, दो दिन पहले तस्वीर साफ नहीं होने तक मसूद अख्तर फिर से कांग्रेस में जाकर देहात सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, मगर इमरान के सपा में ही रहने पर उन्होंने भी सपा को ही समर्थन करने का निर्णय लिया है।
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शुक्रवार को देेेहात सीट से सपा का चुनाव चिह्न ले चुके आशु मलिक ने मसूद अख्तर की मुलाकात लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से कराई। इस मुलाकात के बाद मसूद ने सपा में ही रहने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मैं इस बार चुनाव नहीं लडूंगा, मैं सपा में रह कर सपा प्रत्याशियों को पूर्ण समर्थन दूंगा।
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