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बाढ़ का पानी उतरा तो बर्बादी के निशान छोड़ गया
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चिलकाना (सहारनपुर)। यमुना में आई बाढ़ का पानी तो उतर गया है, लेकिन अपने पीछे बर्बादी के निशान छोड़ गया है। गांव पंचकुआं से लेकर टोडरपुर भूखड़ी तक करीब 40 किसानों की दो सौ बीघा जमीन जलमग्न हो गई है। इस जमीन में लगे पॉपुलर के पेड़ तथा गन्ने की फसल यमुना में समा गई।
गांव टोडरपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय ने बताया कि गांव टोडरपुर के किसान रामपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, देवी सिंह, मोहर सिंह, पूर्ण सिंह, चौधरी संजय, संजीत कुमार, शराब सिंह, समय सिंह, जनक सिंह नारायणपुर के हरीश पंवार, जनक सिंह, राजपाल सिंह, चौ. अच्छे सिंह, कंवरपाल पंचकुआं के रफल सिंह, अनूप चौधरी, संजय सिंह, ओम्मी सिंह, जसवीर सिंह, मेनपाल सिंह आदि की करीब दो सौ बीघा जमीन यमुना में समा गई है। गाजदीनपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय नंबरदार ने बताया कि यमुना नदी के पश्चिम घाट पर स्थित गांव गाजदीनपुर तथा भूड़ के किसान अली हसन, नूर हसन, मीर हसन तथा नेत्रपाल की जमीन में भी कटाव हुआ है।
किसानों का कहना है कि उनके खेतों में खड़ी फसल उनकी आंखों के सामने ही यमुना में बह गए। यमुना का पानी उतरने के बाद खेतों में खड़ी धान की फसल तो पूरी तरह चौपट हो गई है। बाढ़ के पानी के कारण धान की फसल नीचे गिर गई है तथा जल्दी ही यह फसल सड़ने के कगार पर आ जाएगी।
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गांव सोंधेबांस निवासी बिजेंद्र सैनी ने बताया कि यमुना में तेज पानी आने के कारण एक सप्ताह से नाव भी बंद है। जिस कारण गांव सोंधेबास तथा गाजदीनपुर का संपर्क उत्तर प्रदेश से पूरी तरह कटा हुआ है। सहारनपुर आने जाने के लिए लोगों को हरियाणा के यमुनानगर होते हुए जाना पड़ रहा है।
बाढ़ से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा रही है। उसी के बाद किसानों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी। जमीन कटाव की स्थिति के बारे में राजस्व विभाग की टीम जानकारी कर रही है। इस बारे में रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। अब यमुना में पानी नहीं है। स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
किंशुक श्रीवास्तव
एसडीएम सदर
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गांव टोडरपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय ने बताया कि गांव टोडरपुर के किसान रामपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, देवी सिंह, मोहर सिंह, पूर्ण सिंह, चौधरी संजय, संजीत कुमार, शराब सिंह, समय सिंह, जनक सिंह नारायणपुर के हरीश पंवार, जनक सिंह, राजपाल सिंह, चौ. अच्छे सिंह, कंवरपाल पंचकुआं के रफल सिंह, अनूप चौधरी, संजय सिंह, ओम्मी सिंह, जसवीर सिंह, मेनपाल सिंह आदि की करीब दो सौ बीघा जमीन यमुना में समा गई है। गाजदीनपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय नंबरदार ने बताया कि यमुना नदी के पश्चिम घाट पर स्थित गांव गाजदीनपुर तथा भूड़ के किसान अली हसन, नूर हसन, मीर हसन तथा नेत्रपाल की जमीन में भी कटाव हुआ है।
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किसानों का कहना है कि उनके खेतों में खड़ी फसल उनकी आंखों के सामने ही यमुना में बह गए। यमुना का पानी उतरने के बाद खेतों में खड़ी धान की फसल तो पूरी तरह चौपट हो गई है। बाढ़ के पानी के कारण धान की फसल नीचे गिर गई है तथा जल्दी ही यह फसल सड़ने के कगार पर आ जाएगी।
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गांव सोंधेबांस निवासी बिजेंद्र सैनी ने बताया कि यमुना में तेज पानी आने के कारण एक सप्ताह से नाव भी बंद है। जिस कारण गांव सोंधेबास तथा गाजदीनपुर का संपर्क उत्तर प्रदेश से पूरी तरह कटा हुआ है। सहारनपुर आने जाने के लिए लोगों को हरियाणा के यमुनानगर होते हुए जाना पड़ रहा है।
बाढ़ से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा रही है। उसी के बाद किसानों के लिए मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी। जमीन कटाव की स्थिति के बारे में राजस्व विभाग की टीम जानकारी कर रही है। इस बारे में रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। अब यमुना में पानी नहीं है। स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
किंशुक श्रीवास्तव
एसडीएम सदर

गांव सोंधेबास में नदी से हुआ कटाव- फोटो : SAHARANPUR

चिलकाना में बाढ़ से खराब हुई फसल- फोटो : SAHARANPUR