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Saharanpur News: यह कैसा स्मार्ट सिटी, दस फीट के दायरे में तीन-तीन स्ट्रीट लाइटें
Sun, 12 May 2024 03:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 12 May 2024 03:20 AM IST
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सहारनपुर। टेंडर की शर्ताें में है इसलिए कार्यदायी संस्था वहां भी स्ट्रीट लाइट लगवा रही है, जहां जरूरत नहीं है। नतीजा, नगर निगम पर आर्थिक भार बढ़ेगा, जबकि नगर निगम पथ प्रकाश के लिए पहले ही प्रति माह 1.80 करोड़ रुपये का विद्युत बिल चुका रहा है। देखकर हैरानी होगी कि पांच से दस फीट के दायरे में एक या दो नहीं, बल्कि तीन-तीन स्ट्रीट लाइटें लगी हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत दिल्ली रोड को हसनपुर चुंगी तक स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है। उक्त रोड पर पहले से ही पथ प्रकाश की शानदार व्यवस्था है। सड़क के डिवाइडर पर टी-पोल लगे हैं, जिनके दोनों साइड में बड़ी स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, साथ ही निगम ने टी-पोल पर तिरंगी स्ट्रिप लाइटें लगवाई हुई हैं। इनकी वजह से पूरा मार्ग रात में जगमग रहता है, लेकिन स्मार्ट रोड बना रही कार्यदायी संस्था सड़क के फुटपाथ पर अलग से स्ट्रीट लाइटें लगाने की तैयारी में है, जिसके लिए खंभे खड़े कर दिए गए हैं, जबकि फुटपाथ, फुटपाथ न रहकर निजी अस्पतालों की पार्किंग या ग्रीन बेल्ट बना हुआ है। कुछ लाइटें तो ग्रीन बेल्ट में लगाई जा रही हैं, जिनका फायदा राहगीरों को नहीं होगा।
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लगने के एक सप्ताह बाद से बंद हैं लाइटें
पुल जोगियान से पुल खुमरान तक एक साइड को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया गया है। उक्त मार्ग पर भी एक साइड में डिजाइनर खंभों के साथ स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। करीब छह महीने पहले लाइटें लगी थी, जो कुछ दिन जली। अब करीब पांच माह से बंद पड़ी हैं। कई लाइटें पेड़ों के पत्तों में छिपी हैं। हैरत की बात यह है कि इस मार्ग पर वहां भी नई लाइट लगा दी गई है, जहां पहले से एक या दो स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। कई प्वाइंट ऐसे हैं, जहां पांच से दस फीट के दायरे में दो से तीन लाइटें लगी हैं।
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70 वार्डों में 61 हजार लाइटें
महानगर के 70 वार्डों में पहले से ही 61 हजार लाइटें लगी हैं, जिनमें ज्यादातर एलईडी लाइट हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रति माह 1.80 करोड़ रुपये का विद्युत बिल चुकाता है। ऐसे में जहां जरूरत नहीं है वहां लाइटें लगाकर यह खर्च और बढ़ेगा।
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स्मार्ट रोड के टेंडर की शर्तों में है कि फुटपाथ पर लाइटें लगवाई जाएं। यही वजह है कि कार्यदायी संस्था नई लाइटें लगा रही है। इन लाइटों से एक ओर जहां राहगीरों को फायदा होगा वहीं स्मार्ट रोड सुंदर भी नजर आएंगी।
- अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत दिल्ली रोड को हसनपुर चुंगी तक स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है। उक्त रोड पर पहले से ही पथ प्रकाश की शानदार व्यवस्था है। सड़क के डिवाइडर पर टी-पोल लगे हैं, जिनके दोनों साइड में बड़ी स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, साथ ही निगम ने टी-पोल पर तिरंगी स्ट्रिप लाइटें लगवाई हुई हैं। इनकी वजह से पूरा मार्ग रात में जगमग रहता है, लेकिन स्मार्ट रोड बना रही कार्यदायी संस्था सड़क के फुटपाथ पर अलग से स्ट्रीट लाइटें लगाने की तैयारी में है, जिसके लिए खंभे खड़े कर दिए गए हैं, जबकि फुटपाथ, फुटपाथ न रहकर निजी अस्पतालों की पार्किंग या ग्रीन बेल्ट बना हुआ है। कुछ लाइटें तो ग्रीन बेल्ट में लगाई जा रही हैं, जिनका फायदा राहगीरों को नहीं होगा।
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लगने के एक सप्ताह बाद से बंद हैं लाइटें
पुल जोगियान से पुल खुमरान तक एक साइड को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया गया है। उक्त मार्ग पर भी एक साइड में डिजाइनर खंभों के साथ स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। करीब छह महीने पहले लाइटें लगी थी, जो कुछ दिन जली। अब करीब पांच माह से बंद पड़ी हैं। कई लाइटें पेड़ों के पत्तों में छिपी हैं। हैरत की बात यह है कि इस मार्ग पर वहां भी नई लाइट लगा दी गई है, जहां पहले से एक या दो स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। कई प्वाइंट ऐसे हैं, जहां पांच से दस फीट के दायरे में दो से तीन लाइटें लगी हैं।
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70 वार्डों में 61 हजार लाइटें
महानगर के 70 वार्डों में पहले से ही 61 हजार लाइटें लगी हैं, जिनमें ज्यादातर एलईडी लाइट हैं। इसके बावजूद नगर निगम प्रति माह 1.80 करोड़ रुपये का विद्युत बिल चुकाता है। ऐसे में जहां जरूरत नहीं है वहां लाइटें लगाकर यह खर्च और बढ़ेगा।
स्मार्ट रोड के टेंडर की शर्तों में है कि फुटपाथ पर लाइटें लगवाई जाएं। यही वजह है कि कार्यदायी संस्था नई लाइटें लगा रही है। इन लाइटों से एक ओर जहां राहगीरों को फायदा होगा वहीं स्मार्ट रोड सुंदर भी नजर आएंगी।
- अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर