फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Ward reservation changed like this, many are missing election battle

Saharanpur News: ऐसा बदला वार्ड आरक्षण, कइयों का छूट रहा चुनावी रण

Sun, 04 Dec 2022 05:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 05:00 AM IST
विज्ञापन
Ward reservation changed like this, many are missing election battle
सहारनपुर। नगर निगम में वार्डों के आरक्षण ने कइयों को चुनावी रण छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। चुनावी रण से बाहर होते दिख रहे इन दावेदारों में ज्यादातर वह पार्षद हैं, जिनका बोर्ड में खासा प्रभाव रहा है। इनमें कुछ लोग बोर्ड को चलाने में सहयोगी रहे तो कुछ बोर्ड बैठकों में हंगामे के चलते लाइट में रहे, लेकिन वार्डों के आरक्षण के बाद वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इनमें से कुछ दावेदार अब अन्य वार्ड से लड़ने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन

वार्ड 20 पहले सामान्य जाति का था, जिससे कंचन धवन भाजपा के टिकट पर जीती थीं। बोर्ड में वह उप सभापति हैं। आगामी चुनाव को लेकर भी वह और उनके पति सुरेंद्र धवन आश्वस्त थे और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी थी, लेकिन उनका वार्ड अनुसूचित जाति में चला गया है, जिसके बाद अब इस वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी धरी रह गई है। अब वह कहां से चुनाव लड़ेंगे या अगला कदम क्या होगा यह अभी सामने नहीं आया है। बसपा के टिकट पर जीतकर पार्षद बने चंद्रजीत सिंह निक्कू का वार्ड 15 पहले सामान्य में था। वह भी चुनाव को लेकर अपने क्षेत्र में कार्य कराते रहे, लेकिन उनका भी वार्ड अब अनुसूचित जाति में चला गया है। अब वह अन्य वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं और कांग्रेस में हैं। वार्ड 19 से रमेश छाबड़ा चुनाव जीते थे। उन्होंने भी चुनाव को लेकर अच्छी तैयारी कर रखी थी, लेकिन यह वार्ड भी अनुसूचित जाति में चला गया है, जिसके बाद उनके सामने भी नया संकट पैदा हो गया है। वार्ड 12 से यशपाल पुंडीर पार्षद बने थे, लेकिन वार्ड अनुसूचित जाति में चले जाने के कारण अब वह भी असमंजस की स्थिति में हैं। पार्षद दिग्विजय सिंह का वार्ड 34 पहले सामान्य जाति में था। अगले चुनाव की तैयारी में जोरशोर से जुटे थे, लेकिन यह वार्ड अब ओबीसी में चला गया है। ओबीसी में आरक्षित रहे वार्ड 13 से प्रमोद चौधरी पार्षद बने थे। उन्होंने ने भी चुनाव लड़ने की तैयारी की है, लेकिन अब यह सीट भी अनुसूचित जाति महिला पर चली गई है। वार्ड आठ से बसपा के अनिल कुमार जीतकर पार्षद बने थे। अब यह वार्ड भी ओबीसी महिला में चला गया है। इनके अलावा भी अनेक वार्डों की स्थिति ऐसी है, जहां दावेदारों को झटका लगा है।
विज्ञापन

सात दिन में दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
बेशक वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया जा चुका है, लेकिन जब तक आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक सब कुछ संभव है। हालांकि ज्यादातर वार्डों का आरक्षण वही रहने की संभावना है, जो जारी किया गया है। लेकिन जिन भी लोगों को आरक्षण पर आपत्ति है वह सात दिन में दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed