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कुलपति और कुलसचिव ने किया मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का विमोचन
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मनोवैज्ञानिक परीक्षण का विमोचन करते वीसी व कुल सचिव
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय परिसर पुवांरका में सोमवार को कुलपति प्रोफेसर एचएस सिंह और कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र कुमार मौर्य ने डॉ. मनमोहन गुप्ता द्वारा लिखित तीन मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का विमोचन किया। डॉ. मनमोहन गुप्ता देव ऋषि कालेज ऑफ एजूकेशन के प्राचार्य हैं।
डॉ. मनमोहन ने बताया कि शिक्षा उनका विषय रहा है। अभी तक उनकी 24 पुस्तकें और 50 से अधिक शोध पत्र और लेख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो तीन मनोवैज्ञानिक परीक्षण लिखे गए हैं। उनमें पहला परीक्षण सूचना संप्रेक्षण तकनीकी अभिवृत्ति मापनी, दूसरा सूचना संप्रेक्षण तकनीकी योग्यता मापनी और तीसरा सूचना संप्रेक्षण तकनीकी आत्म अवधारणा मापनी हैं। यह तीनों कंप्यूटर से जुड़े हैं। छात्र का व्यवहार क्या है, उसकी योग्यता क्या है और उनकी अभिवृत्ति क्या है। वह मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के माध्यम से जाना जाएगा। यह विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों के लिए भी उपयोगी हैं। खास बात यह है कि यह प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा सभी पर लागू होते हैं। परीक्षणों के विमोचन के दौरान आरएस त्यागी आदि मौजूद रहे। डॉ. मनमोहन की इस उपलब्धि पर उनके कॉलेज के प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों ने बधाई दी है।
विशाल ने पास किया नेट
सहारनपुर। गांव इस्माइलपुर माजरा निवासी विशाल चौधरी ने नेट क्वालीफाई किया है। विशाल के पिता सुबोध कुमार किसान हैं, जबकि मां सपना देवी गृहिणी हैं। विशाल ने एमकॉम तक की पढ़ाई गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारान से की है। उनका सपना प्रोफेसर बनने का है। अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम और माता-पिता व गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया है।
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डॉ. मनमोहन ने बताया कि शिक्षा उनका विषय रहा है। अभी तक उनकी 24 पुस्तकें और 50 से अधिक शोध पत्र और लेख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो तीन मनोवैज्ञानिक परीक्षण लिखे गए हैं। उनमें पहला परीक्षण सूचना संप्रेक्षण तकनीकी अभिवृत्ति मापनी, दूसरा सूचना संप्रेक्षण तकनीकी योग्यता मापनी और तीसरा सूचना संप्रेक्षण तकनीकी आत्म अवधारणा मापनी हैं। यह तीनों कंप्यूटर से जुड़े हैं। छात्र का व्यवहार क्या है, उसकी योग्यता क्या है और उनकी अभिवृत्ति क्या है। वह मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के माध्यम से जाना जाएगा। यह विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों के लिए भी उपयोगी हैं। खास बात यह है कि यह प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा सभी पर लागू होते हैं। परीक्षणों के विमोचन के दौरान आरएस त्यागी आदि मौजूद रहे। डॉ. मनमोहन की इस उपलब्धि पर उनके कॉलेज के प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों ने बधाई दी है।
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विशाल ने पास किया नेट
सहारनपुर। गांव इस्माइलपुर माजरा निवासी विशाल चौधरी ने नेट क्वालीफाई किया है। विशाल के पिता सुबोध कुमार किसान हैं, जबकि मां सपना देवी गृहिणी हैं। विशाल ने एमकॉम तक की पढ़ाई गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारान से की है। उनका सपना प्रोफेसर बनने का है। अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम और माता-पिता व गुरुजनों के आशीर्वाद को दिया है।
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