{"_id":"eb0a2a37ae0116d70dc25590a123f8ec","slug":"unruly-mob-police-cracked-staves-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने लाठियां फटकारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेकाबू भीड़ पर पुलिस ने लाठियां फटकारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 08 Feb 2016 12:13 AM IST
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सहारनपुर में साढ़ौली कदीम ब्लाक प्रमुख के लिए रविवार को मतदान के दौरान जमकर बवाल हुआ। अब्दुल्लापुर निवासी महिला वोटर को अगवा किए जाने को लेकर गुस्साए सपाई और बसपाई एक दूसरे पर टूट पड़े। हालात बेकाबू होतेे देख पुलिस को लाठीचार्ज करना।
इस दौरान पुलिस की तरफ भीड़ में से किसी ने पत्थर फेंक दिया। पथराव का अंदेशा होने पर पुलिस को गोली चलाने की चेतावनी देने पड़ी। इस बीच एमएलसी उमर अली खान ने आगे आकर भीड़ को रोका और आरोप लगाया कि उनके लोगों की भीड़ में बसपा के किसी आदमी ने पत्थर फेंक कर माहौल खराब करने का प्रयास किया है।
रविवार की सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही सपा और बसपा नेताओं ने अपने वोटरों और समर्थकों को लेकर ब्लाक मुख्यालय के पास डेरा डाल दिया था। सपा प्रत्याशी के वोट शुरू में डलने के बाद पब्लिक इंटर कॉलेज में जमा बसपा नेताओं ने जब अपने वोट डलवाने चाहे, तो सपा समर्थकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका आरोप था कि बसपा के लोगों ने अब्दुल्लापुर निवासी महिला बीडीसी सुशीला को अगवा कर रखा है, जिसकी कोतवाली में तहरीर भी दी गई है। इसके अलावा भी छह बीडीसी जबरन अगवा किए गए हैं।
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जब तक उन्हें मुक्त नहीं किया जाता वे बसपाइयों को वोट नहीं डलवाने देंगे। इंटर कॉलेज के पिछले गेट पर जमा बसपा के लोगों द्वारा अपने वोटर निकालने का प्रयास करने पर कई बार सपाइयों और बसपाइयों में तीखी नोकझोंक हुई। सपाइयों का कहना था कि अगवा किए गए वोटरों को उनके सामने लाया जाए। उसके बाद उनके वोट डलवाए जाए। टकराव की स्थिति बनते देख पुलिस को बसपाइयों को गेट के अंदर बंद करवाना पड़ा।
बाद में जैसे ही पुलिस ने पांच-पांच वोटर सुरक्षा के बीच मतदान केंद्र पर भेजने शुरू किए, तो सपा समर्थक भड़क गए और बसपाइयों की तरफ दौड़ पड़े। गेट के अंदर घुसने का प्रयास कर रही सपाइयों की भीड़ को पुलिस ने रोकना चाहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी देहात जगदीश शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसी ने भीड़ में से पुलिस की तरफ पत्थर फेंका, तो पुलिस ने पथराव की आशंका के चलते गोली चलाने की चेतावनी दे डाली।
एमएलसी उमर अली खान ने समर्थकों की भीड़ को समझाकर शांत किया और आरोप लगाया कि बसपा के किसी आदमी ने उनके लोगों की भीड़ में घुसकर पत्थर फेंका है। बाद में दोनों पक्षों से वार्ता करने के बाद एसपी देहात और एडीएम एफ सैय्यद निजामुद्दीन ने आपत्ति वाले वोटरों को एक-एक करके बुलवाया और उनकी वीडियोग्राफी कराकर कड़ी सुरक्षा के बीच उनके वोट डलवाएं।
इन वोटरों को लेकर था तनाव
बेहट। साढ़ौली कदीम निवासी छोटन, हिंदूवाला के वाजिद, नुनियारी के दीपचंद, धौलरा के सतीश, भोजपुर के कामरान, नौगांवा के भूरा और अब्दुल्लापुर की सुशीला आदि बीड़ीसी वोटरों को सपाइयों एवं बसपाइयों के बीच तनाव था। इन विवादित वोटरों के पुलिस प्रशासन ने आखिर में वीडियोग्राफी कराकर वोट डलवाए। सुशील को अगवा करने का आरोप था, लेकिन उसे सपाई अपनी कार से लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश चौहान ने बताया कि सुशीला को किसी ने गंदेवड़ तिराहे पर छोड़ा।
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इस दौरान पुलिस की तरफ भीड़ में से किसी ने पत्थर फेंक दिया। पथराव का अंदेशा होने पर पुलिस को गोली चलाने की चेतावनी देने पड़ी। इस बीच एमएलसी उमर अली खान ने आगे आकर भीड़ को रोका और आरोप लगाया कि उनके लोगों की भीड़ में बसपा के किसी आदमी ने पत्थर फेंक कर माहौल खराब करने का प्रयास किया है।
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रविवार की सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही सपा और बसपा नेताओं ने अपने वोटरों और समर्थकों को लेकर ब्लाक मुख्यालय के पास डेरा डाल दिया था। सपा प्रत्याशी के वोट शुरू में डलने के बाद पब्लिक इंटर कॉलेज में जमा बसपा नेताओं ने जब अपने वोट डलवाने चाहे, तो सपा समर्थकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। उनका आरोप था कि बसपा के लोगों ने अब्दुल्लापुर निवासी महिला बीडीसी सुशीला को अगवा कर रखा है, जिसकी कोतवाली में तहरीर भी दी गई है। इसके अलावा भी छह बीडीसी जबरन अगवा किए गए हैं।
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जब तक उन्हें मुक्त नहीं किया जाता वे बसपाइयों को वोट नहीं डलवाने देंगे। इंटर कॉलेज के पिछले गेट पर जमा बसपा के लोगों द्वारा अपने वोटर निकालने का प्रयास करने पर कई बार सपाइयों और बसपाइयों में तीखी नोकझोंक हुई। सपाइयों का कहना था कि अगवा किए गए वोटरों को उनके सामने लाया जाए। उसके बाद उनके वोट डलवाए जाए। टकराव की स्थिति बनते देख पुलिस को बसपाइयों को गेट के अंदर बंद करवाना पड़ा।
बाद में जैसे ही पुलिस ने पांच-पांच वोटर सुरक्षा के बीच मतदान केंद्र पर भेजने शुरू किए, तो सपा समर्थक भड़क गए और बसपाइयों की तरफ दौड़ पड़े। गेट के अंदर घुसने का प्रयास कर रही सपाइयों की भीड़ को पुलिस ने रोकना चाहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी देहात जगदीश शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसी ने भीड़ में से पुलिस की तरफ पत्थर फेंका, तो पुलिस ने पथराव की आशंका के चलते गोली चलाने की चेतावनी दे डाली।
एमएलसी उमर अली खान ने समर्थकों की भीड़ को समझाकर शांत किया और आरोप लगाया कि बसपा के किसी आदमी ने उनके लोगों की भीड़ में घुसकर पत्थर फेंका है। बाद में दोनों पक्षों से वार्ता करने के बाद एसपी देहात और एडीएम एफ सैय्यद निजामुद्दीन ने आपत्ति वाले वोटरों को एक-एक करके बुलवाया और उनकी वीडियोग्राफी कराकर कड़ी सुरक्षा के बीच उनके वोट डलवाएं।
इन वोटरों को लेकर था तनाव
बेहट। साढ़ौली कदीम निवासी छोटन, हिंदूवाला के वाजिद, नुनियारी के दीपचंद, धौलरा के सतीश, भोजपुर के कामरान, नौगांवा के भूरा और अब्दुल्लापुर की सुशीला आदि बीड़ीसी वोटरों को सपाइयों एवं बसपाइयों के बीच तनाव था। इन विवादित वोटरों के पुलिस प्रशासन ने आखिर में वीडियोग्राफी कराकर वोट डलवाए। सुशील को अगवा करने का आरोप था, लेकिन उसे सपाई अपनी कार से लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश चौहान ने बताया कि सुशीला को किसी ने गंदेवड़ तिराहे पर छोड़ा।