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भाजपा सरकार की जिद पर भारी पड़ा किसानों का संघर्ष

Fri, 19 Nov 2021 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 11:33 PM IST
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The struggle of farmers overshadowed the insistence of the BJP government
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा को राजनीतिक दलों ने किसानों के संघर्ष की जीत करार दिया है। उन्होंने सरकार से शहीद हुए किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने और एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बढ़ते भारी जन दबाव ने भाजपा सरकार को अपनी जिद छोड़ने को मजबूर किया है, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि भाजपा हमेशा से ही किसान हितैषी रही है।
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किसानों के लंबे संघर्ष की जीत
किसानों के लंबे एवं जोरदार संघर्ष और सपा को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन ने प्रधानमंत्री को कृषि कानून वापसी के लिए मजबूर कर दिया। अन्य मांगों को लेकर किसानों की लड़ाई अभी जारी है। आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और एक आश्रित को सरकारी नौकरी भी दी जाए। - चौधरी रुद्रसेन, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी।
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देर से लिया गया अधूरा निर्णय
प्रधानमंत्री द्वारा तीनों कृषि कानूनों के वापसी की घोषणा देर से लिया गया अधूरा निर्णय है। किसान एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी भी चाहते हैं। कानून वापसी का पूरा श्रेय किसान एकता एवं उनके दृढ़ निश्चय को जाता है। देश की जनता करीब एक वर्ष से चल रहे इस आंदोलन में हुई किसानों की शहादत का हिसाब भी प्रधानमंत्री से मांगती है। - राव केसर, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल।
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किसानों की अन्य मांगें भी पूरी करे सरकार
प्रधानमंत्री ने चुनाव को देखते हुए कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की है। भाजपा को पता चल चुका है कि जन विरोध के चलते वह आने वाले चुनाव में सत्ता से बाहर होने वाली है। इस आंदोलन में काफी किसान शहीद हुए हैं। सरकार किसानों कि अन्य मांग भी पूरा करे। - चौधरी मुजफ्फर अली, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
किसानों के संघर्ष एवं सच्चाई की जीत
प्रधानमंत्री के द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लिया जाना किसानों के संघर्ष और सच्चाई की जीत है। यह सरकार को चला रहे उद्योगपतियों की हार है। सरकार ने जिस तरह तीनों कानूनों का वापस लिया है। इससे साफ है कि कानूनों में कहीं ना कहीं खोट था। सरकार को कोई भी कानून बनाने से पहले जनहित का ख्याल रखना चाहिए। - हाजी फजलुर्रहमान, बसपा सांसद।

हमेशा किसानों के हित में रहीं भाजपा सरकार
केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें हमेशा ही किसानों की हितैषी रहीं है। प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा किसानों की मांग के अनुरूप की है। हमारी सरकार हमेशा किसानों को साथ लेकर चली है। आगे भी सरकार किसानों के हित में कई निर्णय लेगी। किसान अब आंदोलन समाप्त कर घर लौट आएं। - डॉ. महेंद्र सैनी, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी।

सपा जिलाध्यक्ष रूद्रसैन

सपा जिलाध्यक्ष रूद्रसैन- फोटो : SAHARANPUR

रालोद जिलाध्यक्ष रावकेसर

रालोद जिलाध्यक्ष रावकेसर- फोटो : SAHARANPUR

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