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दोबारा होगा अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रवृत्ति फार्मों का सत्यापन
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सहारनपुर। केंद्र सरकार से छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के आवेदनों का सत्यापन दोबारा होगा। जिला अल्पसंख्यक विभाग जांच कर पुन: ऑनलाइन फार्म ट्रांसफर करेगा। जनपद में 2230 शिक्षण संस्थाओं से करीब 25 हजार छात्रों ने आवेदन किया था। केंद्र सरकार ने इनका डाटा वापस भेज दिया है।
इन सभी आवेदनों की गहनता से जांच की जाएगी। इनमें से कई शिक्षण संस्थान ऐसे भी है, जिन्होंने छात्रवृत्ति फार्म नहीं भरे थे, लेकिन केंद्र सरकार की मंशा है कि प्रत्येक छात्र को योजना का लाभ मिले। इसी वजह से शिक्षण संस्थाओं का ऑनलाइन पंजीकरण कराया और यह बाध्यता रखी कि जो ऑनलाइन पंजीकृत होगा, उसी शिक्षण संस्थान के छात्र योजना का लाभ प्राप्त कर पाएंगे। पहले शिक्षण संस्थानों की संख्या 450 थी, जो ऑनलाइन पंजीकरण होने के बाद बढ़कर 2230 हो गई है। 15 जनवरी तक इन शिक्षण संस्थानों से 25 हजार फार्म भरकर केंद्र सरकार के पोर्टल पर भेजे गए थे, लेकिन उन सभी को सरकार ने वापस भेज दिया है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक विभाग को एक-एक फार्म की पुन: जांच कर दोबारा सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से पांच फरवरी तक जांच की जाएगी और उसके बाद दोबारा फार्मों को केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
ताकि न हो अनियमितता
छात्रवृत्ति में किसी भी स्तर पर अनियमितता न बरती जाए, इसीलिए शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन कराया गया। ताकि एक छात्र के नाम से कई-कई फार्म न भरे जा सकें और जांच करने में भी आसानी हो सके।
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हो सकती है कार्रवाई
दोबारा फार्मों की जांच में अगर किसी शिक्षण संस्थान की तरफ से कोई लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई भी हो सकती है। इसको लेकर सरकार की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।
छात्रवृत्ति के फार्मों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। इसको लेकर कार्य शुरू कर दिया है। सभी शिक्षण संस्थाओं का ऑनलाइन पंजीकरण करा दिया गया है। - भरत लाल गौड़, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी।
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इन सभी आवेदनों की गहनता से जांच की जाएगी। इनमें से कई शिक्षण संस्थान ऐसे भी है, जिन्होंने छात्रवृत्ति फार्म नहीं भरे थे, लेकिन केंद्र सरकार की मंशा है कि प्रत्येक छात्र को योजना का लाभ मिले। इसी वजह से शिक्षण संस्थाओं का ऑनलाइन पंजीकरण कराया और यह बाध्यता रखी कि जो ऑनलाइन पंजीकृत होगा, उसी शिक्षण संस्थान के छात्र योजना का लाभ प्राप्त कर पाएंगे। पहले शिक्षण संस्थानों की संख्या 450 थी, जो ऑनलाइन पंजीकरण होने के बाद बढ़कर 2230 हो गई है। 15 जनवरी तक इन शिक्षण संस्थानों से 25 हजार फार्म भरकर केंद्र सरकार के पोर्टल पर भेजे गए थे, लेकिन उन सभी को सरकार ने वापस भेज दिया है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक विभाग को एक-एक फार्म की पुन: जांच कर दोबारा सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से पांच फरवरी तक जांच की जाएगी और उसके बाद दोबारा फार्मों को केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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ताकि न हो अनियमितता
छात्रवृत्ति में किसी भी स्तर पर अनियमितता न बरती जाए, इसीलिए शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन कराया गया। ताकि एक छात्र के नाम से कई-कई फार्म न भरे जा सकें और जांच करने में भी आसानी हो सके।
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हो सकती है कार्रवाई
दोबारा फार्मों की जांच में अगर किसी शिक्षण संस्थान की तरफ से कोई लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई भी हो सकती है। इसको लेकर सरकार की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।
छात्रवृत्ति के फार्मों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। इसको लेकर कार्य शुरू कर दिया है। सभी शिक्षण संस्थाओं का ऑनलाइन पंजीकरण करा दिया गया है। - भरत लाल गौड़, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी।