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Saharanpur News: आंधी से मकान की छत गिरी, किशोर की मौत
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देवबंद। घ्याना गांव में शुक्रवार रात आई तेज आंधी में एक कच्चे मकान की छत ढह गई। मलबे में दबने से निहार (15) पुत्र अनिल की मौत हो गई, जबकि उसका पिता घायल हो गया।
अनिल उर्फ लील्लू मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी पत्नी नंदिनी की 10 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। रोजाना की तरह शुक्रवार रात वह अनिल अपने बेटे निहार (15) के साथ कमरे में सोया हुआ था। रात करीब डेढ़ बजे आई तेज आंधी से कमरे की छत अचानक गिर गई। लोगों ने मलबे में दबे घायल अनिल व उसके बेटे निहार को किसी तरह बाहर निकाला। तब तक निहार की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्राम प्रधान नीरज भी वहां पहुंचे। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (किसान जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय त्यागी ने सरकार से पीड़ित अनिल के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलवाने और उसका पक्का मकान बनाकर देने की मांग की है।
पीड़ित अनिल ने बताया कि इकलौते बेटे के साथ ही घर भी खो दिया है। अब वह बेघर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक निहार 10वीं कक्षा में पढ़ता था। एसडीएम युवराज सिंह का कहना है कि मृतक किशोर के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संवाद
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अनिल उर्फ लील्लू मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसकी पत्नी नंदिनी की 10 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। रोजाना की तरह शुक्रवार रात वह अनिल अपने बेटे निहार (15) के साथ कमरे में सोया हुआ था। रात करीब डेढ़ बजे आई तेज आंधी से कमरे की छत अचानक गिर गई। लोगों ने मलबे में दबे घायल अनिल व उसके बेटे निहार को किसी तरह बाहर निकाला। तब तक निहार की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और ग्राम प्रधान नीरज भी वहां पहुंचे। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (किसान जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय त्यागी ने सरकार से पीड़ित अनिल के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलवाने और उसका पक्का मकान बनाकर देने की मांग की है।
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पीड़ित अनिल ने बताया कि इकलौते बेटे के साथ ही घर भी खो दिया है। अब वह बेघर हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक निहार 10वीं कक्षा में पढ़ता था। एसडीएम युवराज सिंह का कहना है कि मृतक किशोर के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संवाद
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