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इज्जत के नाम पर हिंसा के खिलाफ बने कानून : मधु
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:17 AM IST
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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने कहा कि इज्जत के नाम पर होने वाली हिंसा और हत्याओं के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत के संविधान ने प्रत्येक वयस्क नागरिक को अधिकार दे रखा है कि वह किसी भी जाति और धर्म के व्यक्ति से विवाह कर सकता है, लेकिन अधिकतर जाति एवं खाप पंचायतें प्रेमी जोड़ों और उनके परिवारों के खिलाफ गैर संवैधानिक फरमान सुनाती है।
सोमवार को रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में पोस्टर जारी करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2012 में इज्जत के नाम पर हुई हत्याओं के देश में 333 मामले दर्ज हुए थे। इसके अलावा उनके परिवार का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार से करने से लेकर अमानवीय कृत्य किए जाते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति इज्जत के नाम पर हो रहे अपराधों के खिलाफ एक अलग कानून चाहती है। वर्ष 2010 में संगठन ने एक ड्राफ्ट केंद्र सरकार को सौंपा था।
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इसमें कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस की जवाबदेही तय करने, प्रेमी जोड़ों के लिए संरक्षण गृह और उन्हें मुआवजा देने का प्रावधान भी रखा गया है, लेकिन सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई है। इसे लेकर सहारनपुर में 29 अक्तूबर को एक सम्मेलन हो रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सरोज वर्मा, मंत्री राधा मिश्रा, फरहाना, गुलनाज रहीं।
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उन्होंने कहा कि भारत के संविधान ने प्रत्येक वयस्क नागरिक को अधिकार दे रखा है कि वह किसी भी जाति और धर्म के व्यक्ति से विवाह कर सकता है, लेकिन अधिकतर जाति एवं खाप पंचायतें प्रेमी जोड़ों और उनके परिवारों के खिलाफ गैर संवैधानिक फरमान सुनाती है।
सोमवार को रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में पोस्टर जारी करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2012 में इज्जत के नाम पर हुई हत्याओं के देश में 333 मामले दर्ज हुए थे। इसके अलावा उनके परिवार का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार से करने से लेकर अमानवीय कृत्य किए जाते हैं।
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति इज्जत के नाम पर हो रहे अपराधों के खिलाफ एक अलग कानून चाहती है। वर्ष 2010 में संगठन ने एक ड्राफ्ट केंद्र सरकार को सौंपा था।
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इसमें कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस की जवाबदेही तय करने, प्रेमी जोड़ों के लिए संरक्षण गृह और उन्हें मुआवजा देने का प्रावधान भी रखा गया है, लेकिन सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई है। इसे लेकर सहारनपुर में 29 अक्तूबर को एक सम्मेलन हो रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सरोज वर्मा, मंत्री राधा मिश्रा, फरहाना, गुलनाज रहीं।