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ढह गया ढमोला नदी पर बना लोहे का पुल

Sat, 22 May 2021 11:46 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 11:46 PM IST
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The iron bridge over the Dhamola river collapsed
सहारनपुर। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान सदर बाजार थाने के निकट ढमोला नदी पर बना लोहे का पुल शनिवार दोपहर बाद ढह गया। पुल के ऊपर से गुजर रही पाइपलाइन भी टूट गई। इससे कई कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
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हादसा शनिवार दोपहर बाद करीब सवा दो बजे हुआ। विश्वकर्मा चौक की तरफ से पुल का आधा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। इस पुल के ऊपर से ही नगर निगम की पाइपलाइन भी जा रही है, वह भी टूट गई। मौके पर लोग इकट्ठा हो गए, जिसके बाद क्षेत्रीय पार्षद अमित त्यागी और अन्य लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। नगर निगम से अवर अभियंता टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अवर अभियंता ने बताया कि पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत कराई जा रही है। फिलहाल इस लाइन में पानी की आपूर्ति बंद करा दी गई है।
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-- इन इलाकों में की पेयजल आपूर्ति बंद
पुल के साथ पेयजल पाइपलाइन टूटने से हिम्मतनगर, ब्रजेशनगर, कपिल विहार सहित आधा दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां में पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि नगर निगम के जल कल विभाग के महाप्रबंधक मनोज आर्य का कहना है कि पुल के पार भी निगम के सात नलकूप हैं, जिनसे पेयजल आपूर्ति होती है। जिन इलाकों में इस पाइपलाइन से आपूर्ति होती थी, वहां भी एक दो दिन में पेयजल आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी।
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नहीं हो रही थी आवाजाही
लोहे का यह पुल जर्जर हो चुका था और इसका प्रयोग आवाजाही के लिए नहीं हो रहा था। क्योंकि इसके बराबर में ही 30 साल पहले से नया पुल संचालित है, जिससे वाहनों की आवाजाही होती है। लोहे के पुल का सिर्फ वैकल्पिक मार्ग के तौर पर दुपहिया वाहन चालक प्रयोग करते थे। शनिवार को जब पुल टूटा तो उस समय इससे कोई नहीं गुजर रहा था, क्योंकि कोरोना कर्फ्यू की वजह से भी वाहनों की आवाजाही कम है।

करीब 180 साल पुराना है पुल का इतिहास
यह पुल अंग्रेजी हुकूमत के दौरान 19वीं सदी के 5वें दशक में (1830 से 1840 के बीच) अंग्रेज अफसर जेम्स पावेल ने बनवाया था। पावेल ने इस पुल के नजदीक ही सदर थाने के सामने स्थित सेंट थॉमस चर्च की भी स्थापना कराई थी। चूंकि उस दौरान आइटीसी एवं रिमाउंट डिपो के रायल परिवार प्रार्थना के लिए यहां पहुंचते थे। ढमोला नदी पर लोहे का पुल बनवाने का भी उद्देश्य यही था कि बाजोरिया रोड और रिमाउंट डिपो की तरफ से आने वालों को परेशानी ना हो।
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