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Saharanpur News: दिल्ली वालों के दिल को भाया मियानगी के बैगन का भुर्ता

Mon, 12 Dec 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Dec 2022 11:48 PM IST
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The hearts of Delhi people filled the brinjal of Miangi
गांव मियानगी का बैंगन - फोटो : SAHARANPUR
बड़गांव (सहारनपुर)। बैंगन की खेती से आर्थिक तरक्की की सीढ़ियां चढ़ी जा सकती हैं यह मियानगी गांव के ज्योति कश्यप ने साबित कर दिखाया है। कभी गांव में ठेके पर जमीन लेकर बैंगन की खेती शुरू करने वाले ज्योति की मौत के बाद उनके पुत्रों ने इस खेती को आगे बढ़ाया और आज सौ बीघा से ज्यादा जमीन के मालिक बन गए हैं। दिल्ली की आजादपुर मंडी में उनका बैंगन मियानगी ब्रांड के नाम से बिकता है। अब उनकी देखादेखी बड़ी संख्या में कई गांवों के किसान बैंगन की खेती कर रहे हैं।
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ज्योति कश्यप ने करीब 40 वर्ष पहले ठेके पर जमीन लेकर गांव में बैंगन की खेती शुरू की थी। उन्नत बीज के कारण उसने अपने बैंगन की सप्लाई दिल्ली में करना शुरू किया। धीरे-धीरे दिल्ली की आजादपुर मंडी में मियानगी गांव का यह बैंगन ब्रांड बन गया। इसकी देखा देखी बड़गांव क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों किसान हजारों बीघा भूमि पर बैंगन की खेती कर रहे हैं। ज्योति कश्यप की मौत के बाद उनके तीन बेटे घनश्याम, सतपाल, बलबीर ने भी पिता की विरासत को जिंदा रखा और बैंगन की खेती को आगे बढ़ाया।
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ज्योति कश्यप के पौत्र योगेंद्र कश्यप, जय कुमार, दीपक, मोनू का कहना है कि वे सुरखा, नवकिरण व कंचन-75 तथा हाई ब्रिड बीज लगाते हैं। परंतु दिल्ली की आजादपुर मंडी में कंचन-75 बीज के बैंगन की मांग सबसे ज्यादा रहती है और वहां के लोग इसे सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। बताया कि सीजन में एक बीघा जमीन से हर चार दिन के बाद पांच कुंतल बैंगन तैयार हो जाता है। इसकी आजादपुर मंडी में काफी मांग है। वे बरसात के बाद नियमित स्प्रे करते हैं और खाद पानी का ध्यान रखते हैं जिस कारण उनकी फसल अच्छी होती है।
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मियानगी में अब बड़े पैमाने पर बैगन की खेती होती है जिसने यहां के किसानों का जीवन स्तर बदलने का काम किया है। पूर्व प्रधान कुलदीप सैनी कहते हैं कि छोटे किसानों ने गन्ना गेहूं का मोह छोड़ बैंगन की खेती का रुख किया तो खुशहाली उनके दरवाजे पर दस्तक देने लगी।

व्यापारी हाथोंहाथ खरीद लेते हैं मियानगी का बैंगन
दिल्ली आजादपुर मंड़ी के आढ़ती राशिद ने बताया कि साफ सुंदर होने की वजह से मियानगी गांव का बैगन ब्रांड बन चुका है जिसे बड़े बड़े व्यापारी मंड़ी में आते ही खरीद लेते हैं। यहां का बैंगन मंदी के दौर में 100 से 150 रुपये प्रति बैग के हिसाब से बिक रहा है। बरसात में सीजन के दौरान यह हजार रुपये प्रति बैग तक बिक जाता है। एक बैग में 30किग्रा बैंगन आता है, ऐसे में मंदी में पांच रुपये किलो तक और बरसात में यही बैंगन करीब 35 रुपये किलो तक थोक के भाव जाता है।
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