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Saharanpur News: नक्शे में खेल, शासन तक गूंजा मामला, आज अदालत में सुनवाई

Thu, 12 Mar 2026 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 12 Mar 2026 12:37 AM IST
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The game in the map, the matter reached the government, hearing in the court today
सहारनपुर। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर ग्रीन वैली कॉलोनी के नक्शे में हेराफेरी करने के मामले में आज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में सुनवाई होगी। अदालत ने प्राधिकरण के अधिकारियों समेत कई लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इसके अलावा प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन और जिलाधिकारी से भी पूरे मामले में जांच रिपोर्ट मांग रखी है, जो आज अदालत में पेश होनी है।
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दरअसल, निजी बिल्डरों की तरफ से 70510 वर्ग मीटर में ग्रीन वैली कॉलोनी काटी जा रही है। नियमानुसार 40 हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक की आवासीय कॉलोनियों में 10 प्रतिशत भूखंड और भवनों का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलने चाहिए, लेकिन ग्रीन वैली कॉलोनी में ऐसा नहीं किया गया। एक शिकायतकर्ता की तरफ से अधिवक्ता राजकुमार के माध्यम से यह मामला विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में पिछले माह दाखिल कराया गया था। इसमें आरोप लगाया गया कि गरीबाें को मिलने वाले इस लाभ से बचने के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों ने मिलीभगत कर एक ही कॉलोनी को दो भागों में बांट दिया, जिससे 40 हजार वर्ग मीटर की बाध्यता खत्म हो जाए। ऐसे में एक नक्शा 36860 वर्ग मीटर पर स्वीकृत करा लिया, जबकि दूसरा नक्शा 33649 वर्ग मीटर का किया गया। एक नक्शे में 160 भूखंड और दूसरे में 129 भूखंड स्वीकृत कराए गए। कुछ सरकारी जमीन को भी इसमें मिलाकर चहारदीवारी कर दी गई। आरोप है कि कॉलोनी मालिकों के अलावा प्राधिकरण के अधिकारी और तहसील स्तर के अधिकारी भी इसमें शामिल है।
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अधिवक्ता राजकुमार ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ समझौते के बाद शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस लेनी चाही थी, लेकिन अदालत ने उसका हलफनामा स्वीकार नहीं किया। पूरे मामले पर आज बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है।
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शासन ने मंडलायुक्त से मांगा था जवाब
अधिवक्ता राजकुमार ने बताया कि विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की तरफ से इस मामले में विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अलावा प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन से भी जांच रिपोर्ट मांगी थी। प्रमुख सचिव से जवाब मांगा गया कि इस पूरे मामले में जांच कर अपनी आख्या अदालत में पेश करें। इसके अलावा जिलाधिकारी से भी पूरे मामले में आख्या मांगी गई थी। शासन के आदेश पर मंडलायुक्त की तरफ से जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी।

यह मामला जानकारी में है। शासन ने मंडलायुक्त महाेदय के माध्यम से जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसमें जांच कराई जा रही है। जल्दी ही अदालत में जांच रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी।
- मनीष बंसल, जिलाधिकारी
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