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Saharanpur News: प्रमुख अधीक्षक-चिकित्सकों का विवाद बढ़ा, शासन तक पहुंचा मामला
Thu, 21 Aug 2025 01:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:26 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में प्रमुख अधीक्षक और चिकित्सकों के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। अधिकारी और चिकित्सक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने लखनऊ पत्र लिख दिया है। मामला शासन तक पहुंच गया। वहीं न्यू सर्जिकल वार्ड से भर्ती मरीजों को छुट्टी दे दी है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दोनों सर्जन चिकित्सक कार्यालय में बुलाए और उनका पक्ष जाना।
मंगलवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण करते हुए नर्सिंग ड्यूटी कक्ष से न्यू सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों की बीएचटी उठा ले आई थीं। सर्जन डॉ. सीपी रोशन मरीजों को देखने पहुंचे तो उन्हें बीएचटी गायब मिली थी। बिना बीएचटी सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक भर्ती मरीजों को नहीं देखा गया था। 11 मरीजों की बीएचटी थी। इसके बाद डॉ. सीपी रोशन और डॉ. शिवेंद्र सिंह सीधे प्रमुख अधीक्षक कक्ष में पहुंचे थे, जहां पर खूब हंगामा हुआ था। प्रमुख अधीक्षक ने चिकित्सकों से यहां तक कह दिया था कि मेरे कक्ष से बाहर जाइए।
वहीं, सर्जन डॉ. सीपी रोशन की तरफ से मेरे विधायक हैं, धरना दिलवा दूंगा, कह दिया था। मामला इतना बढ़ा कि मंगलवार शाम मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने एडी हेल्थ डॉ. कुमुद रानी को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली थी।
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बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने सर्जन डॉ. शिवेंद्र सिंह व डॉ. सीपी रोशन को कार्यालय बुलाकर बात सुनी। इस दौरान पीएमएस संगठन से जुड़े चिकित्सक भी शामिल रहे। वहीं, जो मरीज अलग-अलग तारीखों में न्यू सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुए थे, उन्हें देखने के बाद सर्जन चिकित्सक ने डिस्चार्ज कर दिया। आरोप है कि प्रमुख अधीक्षक ने मरीजों के डिस्चार्ज पर रोक लगाई थी। हालांकि बाद में उन्होंने सहमति दे दी थी।
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मंगलवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण करते हुए नर्सिंग ड्यूटी कक्ष से न्यू सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों की बीएचटी उठा ले आई थीं। सर्जन डॉ. सीपी रोशन मरीजों को देखने पहुंचे तो उन्हें बीएचटी गायब मिली थी। बिना बीएचटी सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक भर्ती मरीजों को नहीं देखा गया था। 11 मरीजों की बीएचटी थी। इसके बाद डॉ. सीपी रोशन और डॉ. शिवेंद्र सिंह सीधे प्रमुख अधीक्षक कक्ष में पहुंचे थे, जहां पर खूब हंगामा हुआ था। प्रमुख अधीक्षक ने चिकित्सकों से यहां तक कह दिया था कि मेरे कक्ष से बाहर जाइए।
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वहीं, सर्जन डॉ. सीपी रोशन की तरफ से मेरे विधायक हैं, धरना दिलवा दूंगा, कह दिया था। मामला इतना बढ़ा कि मंगलवार शाम मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने एडी हेल्थ डॉ. कुमुद रानी को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली थी।
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बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने सर्जन डॉ. शिवेंद्र सिंह व डॉ. सीपी रोशन को कार्यालय बुलाकर बात सुनी। इस दौरान पीएमएस संगठन से जुड़े चिकित्सक भी शामिल रहे। वहीं, जो मरीज अलग-अलग तारीखों में न्यू सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुए थे, उन्हें देखने के बाद सर्जन चिकित्सक ने डिस्चार्ज कर दिया। आरोप है कि प्रमुख अधीक्षक ने मरीजों के डिस्चार्ज पर रोक लगाई थी। हालांकि बाद में उन्होंने सहमति दे दी थी।