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लक्ष्य निकाय चुनाव, निगाहें मिशन 2019 पर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:09 AM IST
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उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते भाजपाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में निकाय चुनाव के जरिए 2019 के लोकसभा चुनाव की ताप नापने में जुटी सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व के मुद्दे से किसी कीमत पर भटकना नहीं चाहती है।
यही कारण है कि निकाय चुनाव पर निगाहें जमाकर सहारनपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2019 को लक्ष्य बनाकर ही निशाना साधा। यही कारण है कि निकाय चुनाव में भी सपा, बसपा और कांग्रेस को तिकड़ी करार देते हुए इनके द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को रोकने की बात को प्रमुखता से रखा।
जय श्रीराम के जयघोष से अपनी बात शुरू कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी का हनुमान बताया। अपने भाषण के अंत में तुलसीदास की चौपाई पढ़कर भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को पूरी तरह साफ किया।
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इन सबके बीच अपने पूरे भाषण में डिप्टी सीएम ने एक बार भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का नाम तक नहीं लिया। इसके पीछे भाजपा में शीर्ष स्तर पर चल रही खींचतान की झलक भी साफ तौर पर दिखाई दी।
निकाय चुनाव में पूरी ताकत से जुटी भाजपा इस रण के जरिए अपनी 2019 की सियासी जमीन को और मजबूत करना चाहती है। यही कारण है कि सहारनपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने में रत्तीभर कसर नहीं छोड़ी।
मंच से उन्होंने ऐलान किया कि यहां अधिकारी कान खोलकर सुन लें कि यह सरकार उनके कारण नहीं, कार्यकर्ताओं के कारण आई है। ऐसे में कार्यकर्ताओं का सम्मान करें और इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को हनुमान की संज्ञा दी और मथुरा, काशी की तर्ज पर शाकंभरी देवी व त्रिपुर बाला सुंदरी का जिक्र किया।
इतना ही नहीं, सैफई में कृष्ण प्रतिमा लगाए जाने और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मंदिर जाने पर तंज कसा और इशारों में उन्होंने हिंदुत्व की लहर में उनकी मजबूरी करार दी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने अब सैफई में मूर्ति लगवा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने यह कहकर अपनी जमीन मजबूत की कि नकल होती है मगर बराबरी नहीं। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होंने अफसरों को भी आड़े हाथों लिया।
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यही कारण है कि निकाय चुनाव पर निगाहें जमाकर सहारनपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2019 को लक्ष्य बनाकर ही निशाना साधा। यही कारण है कि निकाय चुनाव में भी सपा, बसपा और कांग्रेस को तिकड़ी करार देते हुए इनके द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को रोकने की बात को प्रमुखता से रखा।
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जय श्रीराम के जयघोष से अपनी बात शुरू कर उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी का हनुमान बताया। अपने भाषण के अंत में तुलसीदास की चौपाई पढ़कर भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को पूरी तरह साफ किया।
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इन सबके बीच अपने पूरे भाषण में डिप्टी सीएम ने एक बार भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का नाम तक नहीं लिया। इसके पीछे भाजपा में शीर्ष स्तर पर चल रही खींचतान की झलक भी साफ तौर पर दिखाई दी।
निकाय चुनाव में पूरी ताकत से जुटी भाजपा इस रण के जरिए अपनी 2019 की सियासी जमीन को और मजबूत करना चाहती है। यही कारण है कि सहारनपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने में रत्तीभर कसर नहीं छोड़ी।
मंच से उन्होंने ऐलान किया कि यहां अधिकारी कान खोलकर सुन लें कि यह सरकार उनके कारण नहीं, कार्यकर्ताओं के कारण आई है। ऐसे में कार्यकर्ताओं का सम्मान करें और इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को हनुमान की संज्ञा दी और मथुरा, काशी की तर्ज पर शाकंभरी देवी व त्रिपुर बाला सुंदरी का जिक्र किया।
इतना ही नहीं, सैफई में कृष्ण प्रतिमा लगाए जाने और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मंदिर जाने पर तंज कसा और इशारों में उन्होंने हिंदुत्व की लहर में उनकी मजबूरी करार दी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलवाने अब सैफई में मूर्ति लगवा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने यह कहकर अपनी जमीन मजबूत की कि नकल होती है मगर बराबरी नहीं। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होंने अफसरों को भी आड़े हाथों लिया।