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सुषमा स्वराज का सहारनपुर से था गहरा नाता
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भगत सिंह चौक पर जनसभा के दौरान पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व पूर्व विधायक लाजकृष्ण गांधी। फा?
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर महिला नेता सुषमा स्वराज का सहारनपुर से गहरा नाता था। वह पहली बार 1991 में सहारनपुर शहर में आई थी और भगत सिंह चौक पर जनसभा की थी। उनकी खास बात यह थी कि जिससे एक बार मिलती थी, वह उनके विचारों से इतना प्रभावित होता था कि कभी भूल नहीं पाता था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से हर कोई गमजदा है। वह सहारनपुर के नजदीक ही हरियाणा के जनपद अंबाला की रहने वाली थी। इस कारण उन्हें सहारनपुर से खास लगाव था। सुषमा स्वराज वर्ष 1991 में पहली बार सहारनपुर चुनाव प्रचार करने के लिए आई थी, तब सहारनपुर नगर से पूर्व विधायक लाज कृष्ण गांधी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। पूर्व विधायक लाज कृष्ण गांधी बताते हैं कि सुषमा स्वराज की खास बात यह थी कि तब वह जिस-जिस से मिली थी तो उनको हमेशा के लिए अपना बना लिया था। उसके बाद से लाज कृष्ण गांधी और सहित अनेक भाजपाइयों का उनका सीधा संपर्क रहा है। इसके बाद भी सुषमा स्वराज का कई बार सहारनपुर आना जाना लगा रहा। उन्होंने बेहट, गंगोह, नकुड़ और शहर में कई बार सभाएं की है। भाजपा महानगर प्रचार प्रसार समिति के संयोजक महेंद्र सचदेवा का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सुषमा स्वराज सहारनपुर नहीं आ पाई, लेकिन इससे पूर्व वह अनेक बार सहारनपुर आई है। अंबाला नजदीक होने की वजह से सड़क के रास्ते से भी वह कई बार सहारनपुर होते हुए अन्य जनपदों को गई हैं।
वहीं, 1998 में लोकसभा चुनाव के दौरान सहारनपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी नकली सिंह के समर्थन में सुषमा स्वराज ने सहारनपुर के जुबली पार्क में चुनावी जनसभा की थी। उस समय भाजपा के नगर महामंत्री दिनेश सेठी रहे थे, जो अब उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य हैं। दिनेश सेठी ने बताया कि सुषमा स्वराज जी के संबोधन से युवाओं में ऊर्जा का संचार हुआ था, जिस कारण चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।
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पांच मिनट में जारी करा दिया था साहिल का वीजा
सहारनपुर। लोकसभा चुनाव 2019 से पूर्व सुषमा स्वराज जब विदेश मंत्री थी तो उन्होंने सहारनपुर निवासी साहिल भाटिया का वीजा पांच मिनट में जारी करा दिया था।
लोहानी सराय निवासी साहिल भाटिया पुत्र राजेश भाटिया को तीन माह पूर्व विदेश जाना था। इसके लिए उसके सभी दोस्तों के वीजा और कागजात पूरे हो चुके थे, लेकिन किन्हीं कारणों से साहिल का वीजा जारी नहीं हो पा रहा था। राजेश भाटिया ने बताया कि साहिल वीजा के लिए दिल्ली स्थित कार्यालय के चक्कर काट रहा था। उसने तब सुषमा स्वराज को ट्वीट कर दिया। इसके पांच मिनट के अंदर ही दिल्ली कार्यालय से फोन आया था और साहिल का वीजा जारी हो गया था।
राघव मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है
सहारनपुर। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर भाजपाइयों में शोक छाया है। भाजपा के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने दिल्ली पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राघव लखनपाल शर्मा ने फोन पर बातचीत में कहा कि सुषमा स्वराज के जाने से देश और पार्टी को बड़ी क्षति पहुंची है। मेरे परिवार की तीन पीढ़ियों से सुषमा स्वराज से गहरा नाता रहा है। मेरे स्वयं राजनीतिक सफर में समय-समय पर पूर्व विदेश मंत्री का स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। सांसद रहते हुए एक बार जब मैैैंने उन्हें उनके मंत्रालय से संबंधित किसी व्यक्ति के कार्य के लिए पत्र लिखा तो दो दिन के भीतर ही सुषमा स्वराज की तरफ से उत्तर प्राप्त हो गया। इसके बाद संसद में सुषमा स्वराज से मिलकर उनकी तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया। उस समय में सुषमा स्वराज बोली थीं कि क्या तुमने देखा कि मैंने तुम्हारे पत्र के ऊपर अपने हाथ से प्रिय राघव लिखकर संबोधित किया। राघव लखनपाल शर्मा का कहना है कि इस प्रकार का अपनापन और प्यार पाकर उनका हृदय खुशी से गद गद हो उठा था। 2019 लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद जब उनका स्वास्थ्य जानने के लिए फोन पर वार्ता हुई तो मैंने उनसे मिलकर आशीर्वाद लेने की इच्छा जाहिर की। इस पर सुषमा ने कहा कि राघव मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है। उनकी यह बातें आज भी दिमाग में गूंज रही हैं।
सुषमा स्वराज ने 29 साल पहले गंगोह में किया था सभा को संबोधित
गंगोह। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन से जहां पूरा देश स्तब्ध है वही गंगोह के लोगों को भी उनका पुराना संस्मरण याद आ गया। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान यहां एक राजनीतिक सभा को संबोधित भी किया था और कार्यकर्ताओं के साथ एक यादगार फोटो भी साझा किया था।
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का गंगोह आगमन वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में हुआ था। सहारनपुर लोकसभा सीट से चौधरी नकली सिंह और नकुड विधानसभा सीट से साधुराम सैनी भाजपा के प्रत्याशी थे। उनके चुनाव प्रचार के लिए भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज ने गंगोह के श्री रामलीला भवन में जनसभा को संबोधित किया था। उसी समय तत्कालीन भाजपा नगराध्यक्ष राकेश गोयल, नगर महामंत्री रमेशचंद गर्ग, मा. सोमप्रकाश सैनी, लक्ष्मण दास साधक वाल्मीकि, मेजर अशोक मित्तल, श्रीराम गुप्ता, संदीप तायल आदि कार्यकर्ताओं के अनुरोध पर उन्होंने एक फोटो खिंचवाया था। 29 साल पहले खींचा गया वही फोटो आज यादगार बन गया। उनके निधन का समाचार सुन भाजपाइयों के साथ साथ अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक लोगों की आंखें नम हो गई।
घाड़ के लोगों को आज भी याद है सुषमा का भाषण
बेहट। अपने लंबे राजनीतिक करियर में दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कई यादगार भाषण दिए, जिनका तमाम मौके पर जिक्र होता रहा है। ऐसा ही एक भाषण उन्होंने घाड़ क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दिया था, जिसे यहां के लोग अब तक नहीं भूले हैं। उन्होंने जनसभा में महंगाई पर बोलते हुए कहा था कि गरीब की थाली से दाल गायब हो गई है। दाल की जगह पानी ने ले ली है।
प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक एवं कर्मठ जनसेविका एवं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन की खबर ने घाड़ क्षेत्र के लोगों को दुखी किया है। उन्हे 8 अप्रैल 2007 की याद दिला दी है। विधानसभा चुनाव के दौरान उस समय मुजफ्फराबाद विधानसभा क्षेत्र सीट से भाजपा प्रत्याशी दिवंगत सुशील सैनी के समर्थन में सुषमा स्वराज जसमौर गांव में जनसभा को संबोधित करने आई थी। भाजपा नेता अनिल सिंघल उस समय बेहट मंडल के अध्यक्ष थे। अनिल सिंघल ने बताया कि सुषमा स्वराज का कार्यक्रम दोपहर करीब एक बजे का था, लेकिन घाड़ क्षेत्र के लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए सुबह से ही जनसभा स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए थे। जसमौर निवासी पूर्व प्रधान डॉ. रविंद्र गहरवार ने बताया कि जनसभा से करीब एक किमी दूर नौगांवा रोड पर हेलीपैड बनाया गया था, लेकिन चौतरफा आम के बागान होने की वजह से पायलट को हेलीपैड की लोकेशन नहीं मिल सकी थी। काफी देर हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराता रहा। इसके बाद पायलट ने हेलीकॉप्टर को जनसभा स्थल पर ही लैंड कराया था। साधारण व्यक्तित्व की धनी दिवंगत सुषमा स्वराज जैसे ही हेलीकॉप्टर से उतरकर मंच के लिए बढ़ी तो महिलाओं एवं पुरुषों की भीड़ उनके स्वागत के लिए दौड़ पड़ी। उन्हें आज भी बहुत अच्छी तरह से याद है कि जब उन्होंने मंच पर उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कराई थी तो उनकी पीठ थपथपा कर उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का हौसला दिया था। उन्होंने बताया कि मंच पर कार्यक्रम में देरी से पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले जनता से माफी मांगी थी और फिर अपना भाषण शुरू किया था। घाड़ के गरीब लोगों के दिल में उनकी बात इस कदर उतर गई थी, जिसे लोग आज भी याद कर रहे हैं।
जसमोर निवासी पंडित संजय प्रपन्नाचार्य ने बताया कि वह भाजपा नेत्री की जनसभा के मंच का संचालन कर रहे थे। जैसे ही सुषमा जी हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मंच पर आई तो उन्होंने उन्हें अपने घर से ले लाया गया शॉल ओढ़ाया था। उनकी सुषमा से 2 मिनट की बात हुई थी। उन्होंने उनसे पूछा था कि आप कहां के रहने वाले हैं, तब उन्होंने कहा था कि वह जसमौर के रहने वाले हैं और मां शाकंभरी देवी के संस्कृत विद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने मंच से अपने भाषण में आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी का जिक्र करते हुए कहा था कि घाड़ क्षेत्र के लोग सौभाग्यशाली हैं, जो मां भगवती के पावन चरणों में रह रहे हैं। दिवंगत सुशील सैनी के पुत्र चेतन सैनी ने बताया कि उनके पापा के सुषमा स्वराज से घरेलू संबंध थे। उन्हें आज भी याद है कि मंच से उन्होंने कहा था कि आप लोग सुशील सैनी को नहीं, बल्कि उन्हें वोट दे रहे हैं। वे पहली बार घाड़ क्षेत्र में उनके पास आई हैं, इसलिए उनका मान सम्मान रख लेना।
नौगांवा के ग्रामीण रंगीलाल चौहान ने दिवंगत भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज से मिलने के अवसर को याद करते हुए बताया कि वह ऐसी पहली महिला नेता थी, जिन्होंने मंच से घाड़वासियों की वास्तविक समस्याओं को मंच से सांझा किया था। कहा था यदि उनकी सरकार बनती है और भाजपा प्रत्याशी सुशील सैनी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते हैं तो वह इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरा सहयोग करेंगी। उनके निधन से क्षेत्र के लोग बहुत दुखी हैं और पूरा घाड़ क्षेत्र उन्हें याद कर रहा है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से हर कोई गमजदा है। वह सहारनपुर के नजदीक ही हरियाणा के जनपद अंबाला की रहने वाली थी। इस कारण उन्हें सहारनपुर से खास लगाव था। सुषमा स्वराज वर्ष 1991 में पहली बार सहारनपुर चुनाव प्रचार करने के लिए आई थी, तब सहारनपुर नगर से पूर्व विधायक लाज कृष्ण गांधी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। पूर्व विधायक लाज कृष्ण गांधी बताते हैं कि सुषमा स्वराज की खास बात यह थी कि तब वह जिस-जिस से मिली थी तो उनको हमेशा के लिए अपना बना लिया था। उसके बाद से लाज कृष्ण गांधी और सहित अनेक भाजपाइयों का उनका सीधा संपर्क रहा है। इसके बाद भी सुषमा स्वराज का कई बार सहारनपुर आना जाना लगा रहा। उन्होंने बेहट, गंगोह, नकुड़ और शहर में कई बार सभाएं की है। भाजपा महानगर प्रचार प्रसार समिति के संयोजक महेंद्र सचदेवा का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सुषमा स्वराज सहारनपुर नहीं आ पाई, लेकिन इससे पूर्व वह अनेक बार सहारनपुर आई है। अंबाला नजदीक होने की वजह से सड़क के रास्ते से भी वह कई बार सहारनपुर होते हुए अन्य जनपदों को गई हैं।
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वहीं, 1998 में लोकसभा चुनाव के दौरान सहारनपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी नकली सिंह के समर्थन में सुषमा स्वराज ने सहारनपुर के जुबली पार्क में चुनावी जनसभा की थी। उस समय भाजपा के नगर महामंत्री दिनेश सेठी रहे थे, जो अब उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य हैं। दिनेश सेठी ने बताया कि सुषमा स्वराज जी के संबोधन से युवाओं में ऊर्जा का संचार हुआ था, जिस कारण चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।
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पांच मिनट में जारी करा दिया था साहिल का वीजा
सहारनपुर। लोकसभा चुनाव 2019 से पूर्व सुषमा स्वराज जब विदेश मंत्री थी तो उन्होंने सहारनपुर निवासी साहिल भाटिया का वीजा पांच मिनट में जारी करा दिया था।
लोहानी सराय निवासी साहिल भाटिया पुत्र राजेश भाटिया को तीन माह पूर्व विदेश जाना था। इसके लिए उसके सभी दोस्तों के वीजा और कागजात पूरे हो चुके थे, लेकिन किन्हीं कारणों से साहिल का वीजा जारी नहीं हो पा रहा था। राजेश भाटिया ने बताया कि साहिल वीजा के लिए दिल्ली स्थित कार्यालय के चक्कर काट रहा था। उसने तब सुषमा स्वराज को ट्वीट कर दिया। इसके पांच मिनट के अंदर ही दिल्ली कार्यालय से फोन आया था और साहिल का वीजा जारी हो गया था।
राघव मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है
सहारनपुर। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर भाजपाइयों में शोक छाया है। भाजपा के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने दिल्ली पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राघव लखनपाल शर्मा ने फोन पर बातचीत में कहा कि सुषमा स्वराज के जाने से देश और पार्टी को बड़ी क्षति पहुंची है। मेरे परिवार की तीन पीढ़ियों से सुषमा स्वराज से गहरा नाता रहा है। मेरे स्वयं राजनीतिक सफर में समय-समय पर पूर्व विदेश मंत्री का स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। सांसद रहते हुए एक बार जब मैैैंने उन्हें उनके मंत्रालय से संबंधित किसी व्यक्ति के कार्य के लिए पत्र लिखा तो दो दिन के भीतर ही सुषमा स्वराज की तरफ से उत्तर प्राप्त हो गया। इसके बाद संसद में सुषमा स्वराज से मिलकर उनकी तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया। उस समय में सुषमा स्वराज बोली थीं कि क्या तुमने देखा कि मैंने तुम्हारे पत्र के ऊपर अपने हाथ से प्रिय राघव लिखकर संबोधित किया। राघव लखनपाल शर्मा का कहना है कि इस प्रकार का अपनापन और प्यार पाकर उनका हृदय खुशी से गद गद हो उठा था। 2019 लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद जब उनका स्वास्थ्य जानने के लिए फोन पर वार्ता हुई तो मैंने उनसे मिलकर आशीर्वाद लेने की इच्छा जाहिर की। इस पर सुषमा ने कहा कि राघव मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है। उनकी यह बातें आज भी दिमाग में गूंज रही हैं।
सुषमा स्वराज ने 29 साल पहले गंगोह में किया था सभा को संबोधित
गंगोह। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन से जहां पूरा देश स्तब्ध है वही गंगोह के लोगों को भी उनका पुराना संस्मरण याद आ गया। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान यहां एक राजनीतिक सभा को संबोधित भी किया था और कार्यकर्ताओं के साथ एक यादगार फोटो भी साझा किया था।
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का गंगोह आगमन वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में हुआ था। सहारनपुर लोकसभा सीट से चौधरी नकली सिंह और नकुड विधानसभा सीट से साधुराम सैनी भाजपा के प्रत्याशी थे। उनके चुनाव प्रचार के लिए भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज ने गंगोह के श्री रामलीला भवन में जनसभा को संबोधित किया था। उसी समय तत्कालीन भाजपा नगराध्यक्ष राकेश गोयल, नगर महामंत्री रमेशचंद गर्ग, मा. सोमप्रकाश सैनी, लक्ष्मण दास साधक वाल्मीकि, मेजर अशोक मित्तल, श्रीराम गुप्ता, संदीप तायल आदि कार्यकर्ताओं के अनुरोध पर उन्होंने एक फोटो खिंचवाया था। 29 साल पहले खींचा गया वही फोटो आज यादगार बन गया। उनके निधन का समाचार सुन भाजपाइयों के साथ साथ अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक लोगों की आंखें नम हो गई।
घाड़ के लोगों को आज भी याद है सुषमा का भाषण
बेहट। अपने लंबे राजनीतिक करियर में दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कई यादगार भाषण दिए, जिनका तमाम मौके पर जिक्र होता रहा है। ऐसा ही एक भाषण उन्होंने घाड़ क्षेत्र में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दिया था, जिसे यहां के लोग अब तक नहीं भूले हैं। उन्होंने जनसभा में महंगाई पर बोलते हुए कहा था कि गरीब की थाली से दाल गायब हो गई है। दाल की जगह पानी ने ले ली है।
प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक एवं कर्मठ जनसेविका एवं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन की खबर ने घाड़ क्षेत्र के लोगों को दुखी किया है। उन्हे 8 अप्रैल 2007 की याद दिला दी है। विधानसभा चुनाव के दौरान उस समय मुजफ्फराबाद विधानसभा क्षेत्र सीट से भाजपा प्रत्याशी दिवंगत सुशील सैनी के समर्थन में सुषमा स्वराज जसमौर गांव में जनसभा को संबोधित करने आई थी। भाजपा नेता अनिल सिंघल उस समय बेहट मंडल के अध्यक्ष थे। अनिल सिंघल ने बताया कि सुषमा स्वराज का कार्यक्रम दोपहर करीब एक बजे का था, लेकिन घाड़ क्षेत्र के लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए सुबह से ही जनसभा स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए थे। जसमौर निवासी पूर्व प्रधान डॉ. रविंद्र गहरवार ने बताया कि जनसभा से करीब एक किमी दूर नौगांवा रोड पर हेलीपैड बनाया गया था, लेकिन चौतरफा आम के बागान होने की वजह से पायलट को हेलीपैड की लोकेशन नहीं मिल सकी थी। काफी देर हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराता रहा। इसके बाद पायलट ने हेलीकॉप्टर को जनसभा स्थल पर ही लैंड कराया था। साधारण व्यक्तित्व की धनी दिवंगत सुषमा स्वराज जैसे ही हेलीकॉप्टर से उतरकर मंच के लिए बढ़ी तो महिलाओं एवं पुरुषों की भीड़ उनके स्वागत के लिए दौड़ पड़ी। उन्हें आज भी बहुत अच्छी तरह से याद है कि जब उन्होंने मंच पर उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कराई थी तो उनकी पीठ थपथपा कर उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का हौसला दिया था। उन्होंने बताया कि मंच पर कार्यक्रम में देरी से पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले जनता से माफी मांगी थी और फिर अपना भाषण शुरू किया था। घाड़ के गरीब लोगों के दिल में उनकी बात इस कदर उतर गई थी, जिसे लोग आज भी याद कर रहे हैं।
जसमोर निवासी पंडित संजय प्रपन्नाचार्य ने बताया कि वह भाजपा नेत्री की जनसभा के मंच का संचालन कर रहे थे। जैसे ही सुषमा जी हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मंच पर आई तो उन्होंने उन्हें अपने घर से ले लाया गया शॉल ओढ़ाया था। उनकी सुषमा से 2 मिनट की बात हुई थी। उन्होंने उनसे पूछा था कि आप कहां के रहने वाले हैं, तब उन्होंने कहा था कि वह जसमौर के रहने वाले हैं और मां शाकंभरी देवी के संस्कृत विद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने मंच से अपने भाषण में आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी का जिक्र करते हुए कहा था कि घाड़ क्षेत्र के लोग सौभाग्यशाली हैं, जो मां भगवती के पावन चरणों में रह रहे हैं। दिवंगत सुशील सैनी के पुत्र चेतन सैनी ने बताया कि उनके पापा के सुषमा स्वराज से घरेलू संबंध थे। उन्हें आज भी याद है कि मंच से उन्होंने कहा था कि आप लोग सुशील सैनी को नहीं, बल्कि उन्हें वोट दे रहे हैं। वे पहली बार घाड़ क्षेत्र में उनके पास आई हैं, इसलिए उनका मान सम्मान रख लेना।
नौगांवा के ग्रामीण रंगीलाल चौहान ने दिवंगत भाजपा नेत्री सुषमा स्वराज से मिलने के अवसर को याद करते हुए बताया कि वह ऐसी पहली महिला नेता थी, जिन्होंने मंच से घाड़वासियों की वास्तविक समस्याओं को मंच से सांझा किया था। कहा था यदि उनकी सरकार बनती है और भाजपा प्रत्याशी सुशील सैनी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते हैं तो वह इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरा सहयोग करेंगी। उनके निधन से क्षेत्र के लोग बहुत दुखी हैं और पूरा घाड़ क्षेत्र उन्हें याद कर रहा है।

सहारनपुर के जुबली पार्क में 1998 में हुई चुनावी जनसभा को संबोधित करती पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वर- फोटो : SAHARANPUR

मंच पर भाषण देने के लिए माइक की तरफ बढ़ती सुषमा स्वराज फाइल (फोटो)- फोटो : SAHARANPUR

बेहट के गांव जसमोर में जनसभा को संबोधित करती सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)- फोटो : SAHARANPUR

गंगोह में 29 साल पहले स्थानीय नेताओं के साथ सुषमा स्वराज- फोटो : SAHARANPUR