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जनपद में दो हजार हेक्टेयर से अधिक बढ़ा गन्ने का रकबा

Thu, 23 Jul 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 11:33 PM IST
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Sugarcane acreage has increased in the district by more than two thousand hectares
सहारनपुर। जनपद में हुए सर्वे में गत वर्ष की अपेक्षा इस सीजन में 2000 हेक्टेयर से अधिक गन्ना क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि अभी सर्वे के अंतिम आंकडे़ आने शेष हैं। यदि अब तक के आंकड़ों को भी आधार माना जाए तो जनपद की उत्पादकता के हिसाब से 1873126 क्विंटल अधिक उत्पादन होने की संभावना है। इससे जून तक चली जिले की शुगर मिलों पर पेराई का दबाव बढ़ जाएगा।
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जनपद में गन्ना सर्वें हो चुका है। गन्ना विभाग सर्वे के आंकड़ों को अंतिम रूप देने में जुटा है। गन्ना विभाग प्रतिवर्ष गन्ने के रकबे का सर्वे कराता है। जिससे आने वाले पेराई सीजन के लिए गन्ना पेराई की रणनीति बनाई जा सके। सर्वे के आधार पर ही विभाग शुगर मिलों को गन्ना क्षेत्रफल का आवंटन करता है। जिले में देवबंद चीनी मिल का पेराई सत्र सबसे आखिर में समाप्त हुआ। यह चीनी मिल नौ जून तक पेराई करने के बाद बंद हुई। इस बार गन्ने की उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। जहां गत सीजन में जिले में गन्ने की उत्पादकता 774 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी वहीं इस बार इसके बढ़कर 862 क्विंटल होने की उम्मीद है। क्रॉप कटिंग के आंकडे़ यही दर्शा रहे हैं। रकबा और उत्पादकता बढ़ने से जिले में गन्ने का उत्पादन अधिक होने की संभावना है। जिससे चीनी मिलों पर दबाव बनना तय है।
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बंद मिलों को चलवाने के लिए हो चुके आंदोलन
जिले की बंद पड़ी बिडवी और टोडरपुर चीनी मिलों को चलवाने के लिए क्षेत्रीय किसान कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इन दोनों चीनी मिलों पर किसान धरना भी दे चुके हैं। जिन्हें प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था। बिडवी शुगर मिल पर आंदोलन करने वाले किसानों में से एक बिट्टू नंबरदार का कहना है कि 2013 से बंद पड़ी इस मिल को चलवाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने मई 2018 में दिया था, लेकिन इस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। जिससे क्षेत्र के किसान परेशान है। टोडरपुर मिल चलवाने की मांग को लेकर हुए आंदोलन में शामिल चौधरी ओमी पंवार एडवोकेट का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए इस मिल का चलना बेहद जरूरी है।
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जनपद में गन्ना सर्वे पूरा हो चुका है। इसके आंकड़ों को अंतिम रूप दिया रहा है। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार इस बार 107173 हेक्टेयर गन्ना रकबा होने की उम्मीद है। जो गत सीजन से 2173 हेक्टेयर अधिक है। हालांकि अंतिम आंकड़ों में इसके ओर बढ़ने की संभावना है। इस बार उत्पादकता भी बढ़कर 862 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। इससे मिलों पर दबाव पड़ना लाजिमी है। रकबे और उत्पादन के हिसाब से ही पेराई की रणनीति बनाई जाएगी।
--कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
--जिले में गन्ना एवं चीनी मिलों की स्थिति
- गन्ने का क्षेत्रफल--107173 (अनंतिम)
-गत सीजन में चले शुगर मिल---06
-बंद पडे़ शुगर मिल-----------02
- गन्ना क्रय केंद्र----400
-गन्ने की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर--862 क्विंटल
गत सीजन में कुल गन्ना पेराई--520 लाख क्विंटल
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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