फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Sugar treatment ... regular exercise and balanced catering

शुगर का इलाज... नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान

Tue, 12 Nov 2019 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Nov 2019 11:12 PM IST
विज्ञापन
Sugar treatment ... regular exercise and balanced catering
शुगर का इलाज... नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान
विज्ञापन

सहारनपुर। भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित जीवनशैली के बीच सबसे अधिक जो बीमारी लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है, वह है मधुमेह यानी शुगर। कभी अमीर और आराम परस्त लोगों की बीमारी कहा जाने वाला मधुमेह आज मेहनतकश लोगों में भी तेजी से फैल रहा है। बच्चे तक इसके शिकार हो रहे हैं। खानपान में सुधार लाकर और नियमित व्यायाम से मधुमेह के खतरों को मात दे सकते हैं।
मधुमेह के रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी, पैरों में दिक्कत होना आम है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. संजीव मिगलानी ने बताया कि ओपीडी में आने वाला हर चौथा मरीज मधुमेह का शिकार होता है। इस बार डब्ल्यूएचओ ने मधुमेह दिवस की थीम का ‘परिवार और डायबिटीज’ दी है। एसबीडी जिला अस्पताल में वरिष्ठ बाल रोग विशेष डा. एके चौधरी का कहना है कि मैं कई साल से जिला अस्पताल में हूं। अभी तक चार-पांच मामले ऐसे आए होंगे, जिनमें किसी बच्चे में मधुमेह की शिकायत रही हो। बाल रोग विशेष डा. बिरेंद्र भट्ट का कहना है कि बच्चों में मधुमेह के मामले 0.1 फीसदी होते हैं। जिन बच्चों में मधुमेह की शिकायत होती है, उनका पहला लक्षण होता है कि वे बेसुध रहते हैं।
विज्ञापन

कैसे होता है मधुमेह
जब शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है, तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को मधुमेह कहते हैं। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो पाचक ग्रंथि द्वारा बनता है। इसका कार्य शरीर के अंदर भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है। यही वह हार्मोन होता है, जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। मधुमेह हो जाने पर शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में कठिनाई होती है। इस स्थिति में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मधुमेह के प्रकार
-टाइप-वन : इसमें शून्य से 30 वर्ष तक के लोग आते हैं, जिनमें मधुमेह होने का खतरा 10 फीसदी होता है।
- टाइप-टू : इसमें 30 वर्ष से अधिक आयु के लोग आते हैं, जिनको मधुमेह होने का खतरा 90 फीसदी रहता है।
- जीडीएम : इसमें मधुमेह की शिकार गर्भवती के पेट में पल रहे बच्चे को मधुमेह होने का खतरा 10 फीसदी रहता है।
मधुमेह के लक्षण
- बार-बार पेशाब का आना और अधिक प्यास लगना।
- बहुत अधिक भूख लगना और अचानक वजन कम होना।
- चश्मे का नंबर बार-बार बदलना।
- गुप्तांगों में बार-बार इंफैक्शन होना।
मधुमेह के जटिल लक्षण
- गुर्दे खराब होना, जिससे चेहरे, पैरों और हाथों में सूजन आना।
- अंधापन या मोतिया होना।
- दिल पर असर, मधुमेह के मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य मरीजों से 50 गुना अधिक होता है। मरीजों को दर्दरहित हार्ट अटैक आ सकता है।
- नसों पर असर, जिससे हाथों और पैरों में जलन हो सकती है।
- बार-बार इंफैकशन, जिससे न्यूमोनिया या टीबी हो सकती है।
- दिमाग की नसों पर असर आने से लकवा हो सकता है।
मधुमेह के खतरे को ऐसे कम करें
- व्यायाम : सप्ताह में कम से कम पांच दिन व्यायाम करें। प्रतिदिन आधा घंटा बैडमिंटन, टेबिल टेनिस, तेजी से चलना, तैरना या साइकिल चलाने का काम करें।
- मोटापा : यदि मधुमेह के मरीज में मोटापा है तो उसे कम करें।
- आहार : ककड़ी, खीरा, मूली, सलाद, बंद गोभी, पतला सूप, नींबू-पानी, बिना चीनी की छाछ का सेवन करें। रोटी, चावल, खिचड़ी, दालें और चिकन, अंडे, अमरूद, पपीता, संतरा और सेब कम मात्रा में खाएं। गुड़, ग्लूकोज, शहद, मिठाइयां, तेलयुक्त अचार, पेस्ट्री, केक, किशमिश, बादाम, काजू, शराब, बीयर, केला, चीकू, आलू, अरबी, आम, केला न खाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed