{"_id":"5e307ba68ebc3e4b494cb8e8","slug":"sugar-mills-of-district-suppressed-sugarcane-price-payment-of-rs-274-crore-saharanpur-news-mrt465983731","type":"story","status":"publish","title_hn":"274 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान दबाए बैठी जिले की चीनी मिलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
274 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान दबाए बैठी जिले की चीनी मिलें
विज्ञापन
274 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान दबाए बैठी जिले की चीनी मिलें
सहारनपुर। शासन-प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जनपद की शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य बढ़ता ही जा रहा है। जिले की सभी छह मिलों पर चालू पेराई सत्र का 274 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो गया है। हालांकि चीनी मिलों ने पिछले सीजन में खरीदे गए गन्ने का संपूर्ण भुगतान कर दिया है। लेकिन बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज अभी भी अवशेष है।
समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने पर किसानों में रोष व्याप्त होता जा रहा है। गन्ना खरीद एवं आपूर्ति अधिनियम के तहत गन्ना आपूर्ति करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान कराने और इसके बाद पेमेंट करने पर चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बावजूद शुगर मिलें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रही हैं। जिले की मिलों ने पिछले सत्र का तो भुगतान कर दिया, लेकिन मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 274 करोड रुपये से अधिक बकाये का भुगतान नहीं हो सका है। गांव नंदी फिरोजपुर निवासी प्रदीप नंबरदार, गांव हलगोया के जियाउल हक, भाकियू के महानगर अध्यक्ष चौधरी मुकेश तोमर आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। जब किसान के पास भुगतान आता है तो उसका सीधा असर बाजार पर पड़ता है। क्योंकि किसान अपनी आवश्यकता का सामान तभी खरीदते हैं। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए सभी चीनी मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। सभी शुगर मिलों को चीनी बेचकर भुगतान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
सहारनपुर। शासन-प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जनपद की शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य बढ़ता ही जा रहा है। जिले की सभी छह मिलों पर चालू पेराई सत्र का 274 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो गया है। हालांकि चीनी मिलों ने पिछले सीजन में खरीदे गए गन्ने का संपूर्ण भुगतान कर दिया है। लेकिन बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज अभी भी अवशेष है।
समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने पर किसानों में रोष व्याप्त होता जा रहा है। गन्ना खरीद एवं आपूर्ति अधिनियम के तहत गन्ना आपूर्ति करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान कराने और इसके बाद पेमेंट करने पर चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बावजूद शुगर मिलें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरत रही हैं। जिले की मिलों ने पिछले सत्र का तो भुगतान कर दिया, लेकिन मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने का 274 करोड रुपये से अधिक बकाये का भुगतान नहीं हो सका है। गांव नंदी फिरोजपुर निवासी प्रदीप नंबरदार, गांव हलगोया के जियाउल हक, भाकियू के महानगर अध्यक्ष चौधरी मुकेश तोमर आदि का कहना है कि समय पर गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। जब किसान के पास भुगतान आता है तो उसका सीधा असर बाजार पर पड़ता है। क्योंकि किसान अपनी आवश्यकता का सामान तभी खरीदते हैं। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए सभी चीनी मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। सभी शुगर मिलों को चीनी बेचकर भुगतान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन