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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर हड़ताल, कामकाज ठप
Wed, 06 Feb 2019 11:44 PM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Wed, 06 Feb 2019 11:44 PM IST
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सहारनपुर में हड़ताल पर बैठी सरकारी कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों ने छह दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है।
कोई नेता अगर एक दिन के लिए भी सांसद या विधायक बन जाता है तो पेंशन शुरू हो जाती है जबकि वर्षों तक सेवा करने वाले कर्मचारियों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है, जो निंदनीय है। हड़ताल की वजह से सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
बुधवार को हकीकतनगर स्थित रामलीला मैदान पर कर्मचारी, शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच और आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षकों, आरटीओ, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग सिंचाई विभाग, श्रम विभाग कोषागार, चकबंदी विभाग, राजस्व संग्रह अमीन सहित कर्मचारियों ने हड़ताल रखकर धरना दिया।
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अध्यक्ष संदीप पंवार ने कहा कि अब सरकार पर भरोसा नहीं है। पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। संयोजक सीपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार रहें। इसके पश्चात प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
इस दौरान एके माथुर, सुशील चंद्र, रविंद्र कुमार, संजीव कुमार, वीके जैन, सरदार सिंह, आरपी कांबोज, सीपी सिंह, तालिब हसन, डाक्टर नौशाद, नदीम खान, विजयपाल सिंह, अरविंद यादव, राजीव, सुशील कुमार, नासिर अहमद, अशोक मलिक, राजीव यादव, गजेंद्र सिंह पंवार, राजेश कुमार, शालू शर्मा मौजूद रहे। उधर, हड़ताल की वजह से सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। उन्होंने लोगों के काम नहीं हो सकी। अभी हड़ताल छह दिन चलनी है। ऐसे में स्थिति बेहद खराब हो सकती है।
सरसावा में पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों संगठनों ने अपनी ताकत दिखाई। बुधवार को नकुड़ रोड स्थित खंड विकास कार्यालय पर कर्मचारी संघों ने धरना दिया। धरने में शामिल सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, लेखपाल संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के सदस्यों ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
शिक्षक नेता तेजपाल सिंह राठी, खंड विकास कार्यालय के सलीम अहमद, कामिल गौड़ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के साथ कुठाराघात कर रही है। पेंशन कर्मचारी पर कोई सरकारी मेहरबानी नहीं बल्कि उनका अधिकार है, जो कर्मचारी अपने जीवन के महत्वपूर्ण साल सरकार की सेवा में लगाता है, पेंशन उस सेवा का प्रतिफल है, लेकिन सरकार कर्मचारी हितों को ताक पर रख रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। इस दौरान गोपाल कृष्ण शर्मा, काला सिंह, बबली रानी, नीरज शर्मा, साजदा अंसारी, तजरियान अमीन, मुनेश देवी, जोनेश कुमार, संजीव बालियान, विश्वास कुमार, प्रदीप कुमार, दानिश, कुलदीप, रमन अग्रवाल, विवेक, विनोद यादव मौजूद रहे।
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कोई नेता अगर एक दिन के लिए भी सांसद या विधायक बन जाता है तो पेंशन शुरू हो जाती है जबकि वर्षों तक सेवा करने वाले कर्मचारियों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है, जो निंदनीय है। हड़ताल की वजह से सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
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बुधवार को हकीकतनगर स्थित रामलीला मैदान पर कर्मचारी, शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच और आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षकों, आरटीओ, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग सिंचाई विभाग, श्रम विभाग कोषागार, चकबंदी विभाग, राजस्व संग्रह अमीन सहित कर्मचारियों ने हड़ताल रखकर धरना दिया।
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अध्यक्ष संदीप पंवार ने कहा कि अब सरकार पर भरोसा नहीं है। पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। संयोजक सीपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार रहें। इसके पश्चात प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
इस दौरान एके माथुर, सुशील चंद्र, रविंद्र कुमार, संजीव कुमार, वीके जैन, सरदार सिंह, आरपी कांबोज, सीपी सिंह, तालिब हसन, डाक्टर नौशाद, नदीम खान, विजयपाल सिंह, अरविंद यादव, राजीव, सुशील कुमार, नासिर अहमद, अशोक मलिक, राजीव यादव, गजेंद्र सिंह पंवार, राजेश कुमार, शालू शर्मा मौजूद रहे। उधर, हड़ताल की वजह से सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। उन्होंने लोगों के काम नहीं हो सकी। अभी हड़ताल छह दिन चलनी है। ऐसे में स्थिति बेहद खराब हो सकती है।
सरसावा में पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों संगठनों ने अपनी ताकत दिखाई। बुधवार को नकुड़ रोड स्थित खंड विकास कार्यालय पर कर्मचारी संघों ने धरना दिया। धरने में शामिल सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, लेखपाल संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के सदस्यों ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
शिक्षक नेता तेजपाल सिंह राठी, खंड विकास कार्यालय के सलीम अहमद, कामिल गौड़ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के साथ कुठाराघात कर रही है। पेंशन कर्मचारी पर कोई सरकारी मेहरबानी नहीं बल्कि उनका अधिकार है, जो कर्मचारी अपने जीवन के महत्वपूर्ण साल सरकार की सेवा में लगाता है, पेंशन उस सेवा का प्रतिफल है, लेकिन सरकार कर्मचारी हितों को ताक पर रख रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। इस दौरान गोपाल कृष्ण शर्मा, काला सिंह, बबली रानी, नीरज शर्मा, साजदा अंसारी, तजरियान अमीन, मुनेश देवी, जोनेश कुमार, संजीव बालियान, विश्वास कुमार, प्रदीप कुमार, दानिश, कुलदीप, रमन अग्रवाल, विवेक, विनोद यादव मौजूद रहे।