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Saharanpur News: आंकड़े चढ़े, उम्मीदें गिरीं...एचआईवी संक्रमण की बढ़ती चोट

Mon, 01 Dec 2025 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 01:00 AM IST
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Statistics climb, hopes fall...the growing toll of HIV infection
सहारनपुर। तमाम प्रयासों के बाद भी लोग एड्स के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। हर साल मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। इसकी वजह संक्रमित सुई, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित ब्लड और मां से बच्चे को है। सात महीने में एड्स के 315 नए मरीज मिले हैं।
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सोमवार यानी आज विश्व एड्स दिवस है। एड्स लाइलाज है, लेकिन दवाओं के नियमित सेवन, तनावमुक्त, जीवनशैली अपनाकर एड्स होने पर लंबी जिंदगी जी सकते हैं। एसबीडी जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में पिछले कुछ सालों से एड्स पीड़ितों की संख्या बढ़ी है। इस साल अप्रैल से अक्तूबर तक 315 एचआईवी पीड़ित मिल चुके हैं। जिले में 2824 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 1739 पुरुष, 917 महिला, 26 थर्ड जेंडर शामिल हैं। इनके साथ ही 142 बच्चे हैं, जिनमें 88 मेल व 54 फिमेल हैं।
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- यहां होती है एचआईवी एड्स की जांच

आईसीटीसी सेंटर एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, फतेहपुर, नानौता, देवबंद, गंगोह।
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-- एचआईवी के लक्षण

- गले में लगातार सूजन का होना

- लगातार वजन घटते जाना

- कोई भी बीमारी होने के बाद ठीक न होना

- मुंह में घाव, त्वचा में खुजली, दर्द होना, सेहत का लगातार गिरना आदि
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-- ऐसे फैलता है संक्रमण

- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से

- संक्रमित सिरिंज का दूसरों के द्वारा प्रयोग करने से

- संक्रमित मां से शिशु को जन्म से पूर्व, प्रसव के समय या प्रसव शीघ्र बाद
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-- ऐसे करें बचाव

- मादक औषधियों के आदी व्यक्ति के द्वारा उपयोग में ली गई सिरिंज का प्रयोग न करें

- जब कभी खून की जरूरत हो, पंजीकृत ब्लड बैंक से जांच किए गए खून का ही उपयोग करें

- चिकित्सीय उपकरणों को 20 मिनट पानी में उबालकर जीवाणुरहित करके ही उपयोग में लें
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-- वर्जन
लोगों में एड्स को लेकर जागरुकता की कमी है। यही कारण है कि लोग चपेट में आ रहे हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर घबराना नहीं चाहिए। बीमारी होने पर बताएं। अब बेहतर और असरदार दवाएं उपलब्ध हैं।
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- डॉ. सर्वेश कुमार, नोडल अधिकारी
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