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दस बैनामे में पकड़ी 33 लाख की स्टांप शुल्क चोरी
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सहारनपुर। शहर के पॉश इलाकासदर बाजार थाने के सामने जमीन के 10 बैनामे कराने में करीब 33 लाख रुपये स्टांप शुल्क चोरी पाई गई है। स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 11.35 लाख रुपये अर्थदंड और 7.82 लाख रुपये समेत करीब 52.23 लाख रुपये जमीन खरीदने वालों को जमा कराने होंगे। यह आदेश जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के न्यायालय ने गत पांच मार्च को किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय त्यागी ने बताया कि दीवानी कचहरी तिराहे के सामने से सदर बाजार थाने की तरफ जाने वाले मार्ग पर उमेश चंद जैन निवासी नोएडा और अजय जैन निवासी बेहट की करीब 3200 वर्ग गज जमीन है। उसके पिछले हिस्से में प्लाटिंग कर दस बैनामे किए गए। प्लाटिंग में पीछे की तरफ रास्ता दर्शाया गया और स्टांप शुल्क कम अदा किया गया, जबकि यह संपत्ति दो रास्ते पर है।
बैनामे होने के बाद जांच हुई। जिसमें कम स्टांप शुल्क अदा करने का खुलासा हुआ। इसके बाद मामला जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के न्यायालय में चला। अदालत ने गत पांच मार्च को इन सभी मामलों में आदेश जारी किया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जमीन के खरीदार नरेश सतीजा और भूपेश के बैनामे में अलग-अलग 4 लाख 23 हजार 670 रुपये स्टांप शुल्क, 60 हजार 500 रुपये निबंधन शुल्क और 13 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया।
इसके अतिरिक्त गौरव के नाम तीन बैनामे हुए। जिनमें 8 लाख 64 हजार रुपये स्टांप शुल्क अदा करने होंगे, जबकि 1 लाख 23 हजार रुपये निबंधन शुल्क और 2 लाख 85 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा। वहीं, गगन चावला के बैनामे में 4 लाख 39 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 62 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख 45 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा। अनिता शाह के बैनामे में 2 लाख 98 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 42 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख रुपये अर्थदंड देना होगा। अनिता शाह के नाम एक और बैनामा हुआ, उसमें भी इतनी ही रकम अदा करनी होगी। वहीं, अंकुर शाह के बैनामे पर 2 लाख 98 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 42 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख रुपये अर्थदंड देना होगा। इसके अतिरिक्त गगन चावला के बैनामे में 4 लाख 39 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 62 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख 45 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इनमें चार बैनामे अधूरे थे। जिनमें भूपेश, नरेश सतीजा और गगन चावला के दो बैनामे शामिल हैं। इन चारों बैनामों को कम स्टांप शुल्क लगाने के कारण जांच मेें भेज दिया गया था।
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जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय त्यागी ने बताया कि दीवानी कचहरी तिराहे के सामने से सदर बाजार थाने की तरफ जाने वाले मार्ग पर उमेश चंद जैन निवासी नोएडा और अजय जैन निवासी बेहट की करीब 3200 वर्ग गज जमीन है। उसके पिछले हिस्से में प्लाटिंग कर दस बैनामे किए गए। प्लाटिंग में पीछे की तरफ रास्ता दर्शाया गया और स्टांप शुल्क कम अदा किया गया, जबकि यह संपत्ति दो रास्ते पर है।
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बैनामे होने के बाद जांच हुई। जिसमें कम स्टांप शुल्क अदा करने का खुलासा हुआ। इसके बाद मामला जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के न्यायालय में चला। अदालत ने गत पांच मार्च को इन सभी मामलों में आदेश जारी किया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जमीन के खरीदार नरेश सतीजा और भूपेश के बैनामे में अलग-अलग 4 लाख 23 हजार 670 रुपये स्टांप शुल्क, 60 हजार 500 रुपये निबंधन शुल्क और 13 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया।
इसके अतिरिक्त गौरव के नाम तीन बैनामे हुए। जिनमें 8 लाख 64 हजार रुपये स्टांप शुल्क अदा करने होंगे, जबकि 1 लाख 23 हजार रुपये निबंधन शुल्क और 2 लाख 85 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा। वहीं, गगन चावला के बैनामे में 4 लाख 39 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 62 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख 45 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा। अनिता शाह के बैनामे में 2 लाख 98 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 42 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख रुपये अर्थदंड देना होगा। अनिता शाह के नाम एक और बैनामा हुआ, उसमें भी इतनी ही रकम अदा करनी होगी। वहीं, अंकुर शाह के बैनामे पर 2 लाख 98 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 42 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख रुपये अर्थदंड देना होगा। इसके अतिरिक्त गगन चावला के बैनामे में 4 लाख 39 हजार रुपये स्टांप शुल्क, 62 हजार रुपये निबंधन शुल्क और एक लाख 45 हजार रुपये अर्थदंड देना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इनमें चार बैनामे अधूरे थे। जिनमें भूपेश, नरेश सतीजा और गगन चावला के दो बैनामे शामिल हैं। इन चारों बैनामों को कम स्टांप शुल्क लगाने के कारण जांच मेें भेज दिया गया था।