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बढ़ी गन्ने की एफआरपी से कोई खुश तो कोई निराश
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किसान नेता नीरज चौधरी
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में 15 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि पर किसान संगठनों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है। बढ़ी इुई एफआरपी को लेकर कोई खुश है तो कोई निराशा जता रहा है। केंद्र सरकार ने एफआरपी को 290 से बढ़ाकर 305 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। हालांकि किसानों को राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य का भुगतान होता है। जो अगेती प्रजातियों का 350 रुपये और सामान्य प्रजातियों का 335 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी के आधार पर किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान होता है।
400 रुपये से कम स्वीकार नहीं होगा गन्ना मूल्य
केंद्र सरकार ने एफआरपी कम बढ़ाया है। किसानों को राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य का ही भुगतान होता है। जिसे राज्य सरकार एफआरपी के आधार पर तय करती है। किसान किसी भी सूरत में 400 रुपये प्रति क्विंटल से कम गन्ना मूल्य का स्वीकार नहीं करेंगे। --- राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
संतुष्ट नहीं किसान
केंद्र सरकार ने जो एफआरपी बढ़ाया है, वह लागत को देखते हुए काफी कम है। लगातार बढ़ रही महंगाई और लागत को देखते हुए प्रदेश सरकार को राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य 450 प्रति क्विंटल होना चाहिए। किसानों को लाभकारी और समय पर गन्ना मूल्य भुगतान मिलना चाहिए। -- सुखवीर सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन।
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अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने एफआरपी में अब तक सबसे अधिक बढ़ोतरी की है। अब राज्य सरकार को भी इसी अनुपात में राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए। अब किसान को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं, बल्कि लाभकारी मूल्य दिया जाएगा। -- श्यामवीर त्यागी, प्रदेश संयोजक (गन्ना) भारतीय किसान संघ।
बढ़ोतरी के लिए आभार
गन्ने की एफआरपी में 15 रुपये की बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार का आभार। अब एफआरपी 290 रुपये से बढ़ाकर 305 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। अब राज्य सरकार को भी सम्मानजनक राज्य परामर्शी मूल्य बढ़ाना होगा। --- नीरज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव युवा भारतीय किसान यूनियन (भानू)
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400 रुपये से कम स्वीकार नहीं होगा गन्ना मूल्य
केंद्र सरकार ने एफआरपी कम बढ़ाया है। किसानों को राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य का ही भुगतान होता है। जिसे राज्य सरकार एफआरपी के आधार पर तय करती है। किसान किसी भी सूरत में 400 रुपये प्रति क्विंटल से कम गन्ना मूल्य का स्वीकार नहीं करेंगे। --- राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
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संतुष्ट नहीं किसान
केंद्र सरकार ने जो एफआरपी बढ़ाया है, वह लागत को देखते हुए काफी कम है। लगातार बढ़ रही महंगाई और लागत को देखते हुए प्रदेश सरकार को राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य 450 प्रति क्विंटल होना चाहिए। किसानों को लाभकारी और समय पर गन्ना मूल्य भुगतान मिलना चाहिए। -- सुखवीर सिंह, कार्यकारी जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन।
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अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने एफआरपी में अब तक सबसे अधिक बढ़ोतरी की है। अब राज्य सरकार को भी इसी अनुपात में राज्य परामर्शी गन्ना मूल्य घोषित करना चाहिए। अब किसान को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं, बल्कि लाभकारी मूल्य दिया जाएगा। -- श्यामवीर त्यागी, प्रदेश संयोजक (गन्ना) भारतीय किसान संघ।
बढ़ोतरी के लिए आभार
गन्ने की एफआरपी में 15 रुपये की बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार का आभार। अब एफआरपी 290 रुपये से बढ़ाकर 305 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। अब राज्य सरकार को भी सम्मानजनक राज्य परामर्शी मूल्य बढ़ाना होगा। --- नीरज चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव युवा भारतीय किसान यूनियन (भानू)

किसान नेता श्यामवीर त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

किसान नेता सुखबीर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

किसान नेता राजपाल सिंह- फोटो : SAHARANPUR