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शोभित के गंगोह परिसर में होगी रुद्र वन की स्थापना

Wed, 29 Jul 2020 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 12:39 AM IST
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Shobit University to plant one thousand rare Rudraksha plants
गंगोह कोतवाली परिसर में रूद्राक्ष का पौधा लगाकर शुभारम्भ करते अतिथि - फोटो : SAHARANPUR
गंगोह। राष्ट्रीय पौधारोपण अभियान के अंतर्गत शोभित विश्वविद्यालय जनपद में दुर्लभ रूद्राक्ष के एक हजार पौधों का रोपण करेगा। पहले चरण में गंगोह स्थित शिक्षण संस्थानों, प्रशासनिक कार्यालयों, धार्मिक केंद्रों सहित अनेक स्थलों पर रूद्राक्ष के पौधों का रोपण किया जायेगा।
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महामण्डलेश्वर मार्तण्डपुरी ने गंगोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं कोतवाली परिसर में पौधा रोपण कर इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि रूद्राक्ष के पौधे के रोपण का प्रतिशत भारत में विश्व की तुलना में केवल सात प्रतिशत है। भारत में रूद्राक्ष की प्रजातियां लुप्त हो रही हैं। वह पिछले पंद्रह साल से अधिक समय से पूरे भारत में रूद्राक्ष के पौधों के रोपण का अभियान चला रहे हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में 25 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। जो पूर्णतया वृक्ष बन चुके हैं और फल प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के गंगोह और मेरठ कैंपस में पचास से अधिक पूर्ण वृक्ष हैं। बताया कि रूद्राक्ष का फल कैपेसिटर के रूप में कार्य करता है। ब्रह्माण्डीय ऊर्जा को संग्रहित कर आवश्यकतानुसार प्रदान करता है। रूद्राक्ष का वृक्ष और फल रेडियोधर्मिता से रक्षा करता है। महामण्डलेश्वर मार्तण्डपुरी ने यह भी बताया कि रूद्राक्ष रोपण अभियान के अंतर्गत विद्यालय गंगोह परिसर में एक साथ एक सौ आठ रूद्राक्ष के पौधे का रोपण कर रूद्रवन की स्थापना की जायेगी।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि मेघगोपाल गोयल, प्रधानाचार्य संजय गुप्ता तथा रोटरी अध्यक्ष अजय गोयल ने गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया। वक्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में प्रदूषण रहित वातावरण के लिए धरती को हरा भरा रखना बहुत जरूरी है। स्वच्छ हवा हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए अति आवश्यक है। आरती सिंघल, मधु गोयल, डॉ. सुनीता अग्रवाल, सीमा तायल, कविता गोयल, अंजु बंसल, राकेश तायल, नीरज अग्रवाल, अनिल बंसल, नरेंद्र तायल, डॉ. विनीत अग्रवाल, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. एसआर सैनी, नितिन सिंघल रहे। संचालन नरेन्द्र सिंह ने किया।
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