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सेवा मित्र पोर्टल 10 माह बाद भी सेवा देने में नाकाम
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सहारनपुर। कोरोना काल में रोजगार दिलाने के लिए लांच किया गया सेवामित्र पोर्टल लगभग 10 माह बाद भी सेवा देने को मोहताज है। इसके लिए सेवा प्रदाताओं के चार पंजीकरण भी कराए गए हैं। लेकिन अभी यह पोर्टल शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि, सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से रोजगार मेले लगाकर 3899 बेरोजगारों को विभिन्न कंपनियों में रोजगार जरूर दिलाया गया है।
कोरोना संकट के दौरान लगे लॉकडाउन ने उद्योगों एवं व्यापार को बुरी तरह चौपट कर दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुए हैं। बेरोजगार लोगों में से अधिकांश ने अपने घरों की ओर रुख किया। इस कारण प्रदेश सरकार ने उद्योगों से लेकर अन्य कारोबारियों को स्थानीय बेरोजगार लोगों को रोजगार दिलाने की ताकीद की। इसके लिए सेवा मित्र पोर्टल लांच किया गया। इसका उद्देश्य बेरोजगारों को योग्यता के आधार पर रोजगार दिलाना था। बड़ी संख्या में श्रमिकों के सत्यापन की समस्या की वजह से इसमें सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण कराने की व्यवस्था की गई। पंजीकरण की शर्तों की वजह से अब तक जनपद में मात्र चार सेवा प्रदाताओं ने ही पंजीकरण कराया है। इसके लिए 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है, जो तीन वर्ष के लिए वैध होगी। इसके बाद नवीनीकरण कराना होगा।
- चार श्रेणियों में सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण
- ए श्रेणी - तीन वर्षों से नियमित आयकर भरा हो, तीन वर्षों का सेवा देने का अनुभव एवं वार्षिक टर्नओवर 25 लाख रुपये रखा गया है।
- बी श्रेणी - दो वर्ष से आयकर भरा हो और दो वर्ष से सेवा दे रहा हो। वार्षिक टर्नओवर 10 लाख रुपये होना चाहिए।
- सी श्रेणी - एक वर्ष का आयकर भरा हो एवं एक वर्ष का सेवा देने का अनुभव हो। वार्षिक टर्नओवर पांच लाख रुपये रखा गया है।
- डी श्रेणी -- ऐसे सेवा प्रदाता, जिनके पास जीएसटी एवं स्टार्टअप पंजीकरण हो। इनके लिए सेवा देने और वार्षिक टर्नओवर शर्त नहीं रखी गई है।
------ वर्जन --
सेवा मित्र पोर्टल पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण चल रहा है। शीघ्र इस सेवा के शुरू होने की उम्मीद है। सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों के माध्यम से 3899 लोगों को रोजगार दिलाया जा चुका है।
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- शिव ललित सिंह, सहायक निदेशक सेवायोजन।
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कोरोना संकट के दौरान लगे लॉकडाउन ने उद्योगों एवं व्यापार को बुरी तरह चौपट कर दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हुए हैं। बेरोजगार लोगों में से अधिकांश ने अपने घरों की ओर रुख किया। इस कारण प्रदेश सरकार ने उद्योगों से लेकर अन्य कारोबारियों को स्थानीय बेरोजगार लोगों को रोजगार दिलाने की ताकीद की। इसके लिए सेवा मित्र पोर्टल लांच किया गया। इसका उद्देश्य बेरोजगारों को योग्यता के आधार पर रोजगार दिलाना था। बड़ी संख्या में श्रमिकों के सत्यापन की समस्या की वजह से इसमें सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण कराने की व्यवस्था की गई। पंजीकरण की शर्तों की वजह से अब तक जनपद में मात्र चार सेवा प्रदाताओं ने ही पंजीकरण कराया है। इसके लिए 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है, जो तीन वर्ष के लिए वैध होगी। इसके बाद नवीनीकरण कराना होगा।
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- चार श्रेणियों में सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण
- ए श्रेणी - तीन वर्षों से नियमित आयकर भरा हो, तीन वर्षों का सेवा देने का अनुभव एवं वार्षिक टर्नओवर 25 लाख रुपये रखा गया है।
- बी श्रेणी - दो वर्ष से आयकर भरा हो और दो वर्ष से सेवा दे रहा हो। वार्षिक टर्नओवर 10 लाख रुपये होना चाहिए।
- सी श्रेणी - एक वर्ष का आयकर भरा हो एवं एक वर्ष का सेवा देने का अनुभव हो। वार्षिक टर्नओवर पांच लाख रुपये रखा गया है।
- डी श्रेणी -- ऐसे सेवा प्रदाता, जिनके पास जीएसटी एवं स्टार्टअप पंजीकरण हो। इनके लिए सेवा देने और वार्षिक टर्नओवर शर्त नहीं रखी गई है।
------ वर्जन --
सेवा मित्र पोर्टल पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण चल रहा है। शीघ्र इस सेवा के शुरू होने की उम्मीद है। सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों के माध्यम से 3899 लोगों को रोजगार दिलाया जा चुका है।
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- शिव ललित सिंह, सहायक निदेशक सेवायोजन।