सहारनपुर। रक्तदान के मामले में सहारनपुर में नया प्रयोग हुआ है। इस बार कुत्ते (बगीरा) की जान बचाने के लिए दूसरे कुत्ते (स्कूबी) से रक्तदान कराया गया। हालांकि इतने प्रयास के बावजूद बगीरा की जान बच नहीं पाई।
मानकमऊ निवासी अक्षय चौधरी के जर्मन शेफर्ड नस्ल के बगीरा नाम के कुत्ते की तबीयत कई दिन से खराब थी। बगीरा लगातार कमजोर हो रहा था। ऐसे में उसे खलासी लाइन में क्लीनिक चलाने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. नीरज को दिखाया गया। जांच में बगीरा का हीमोग्लोबिन कम आया। उन्होंने बगीरा को खून चढ़ाने की सलाह दी। ब्लड के लिए बैग चाहिए था, जो नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में अक्षय ने किसी के माध्यम से फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट के पंकज पांचाल और तरुण भोला आदि से संपर्क किया। उन्होंने बैग उपलब्ध कराया। इसके बाद डोनर की तलाश हुई। शुगर मिल क्षेत्र निवासी विकास लोढ़ा अपने जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते स्कूबी का रक्त देने के लिए तैयार हो गए। मंगलवार रात खलासी लाइन स्थित क्लीनिक पर ही स्कूबी से रक्त लेकर बगीरा को चढ़ाया गया, मगर इतने प्रयास के बाद भी बगीरा की जान नहीं बचाई जा सकी। फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट के सदस्य तरुण भोला ने बताया कि उनके ट्रस्ट में कई राज्यों और शहरों के लोग सदस्य हैं। आज तक किसी जानवर से रक्तदान नहीं कराया गया है। उनकी समझ में यह दूसरा मामला है। कुछ वर्ष पहले मध्य प्रदेश में एक कुत्ते द्वारा रक्तदान करने की जानकारी मिली थी।