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Saharanpur News: सहारनपुर के अनार और फुलझड़ी की दूसरे राज्यों में धूम
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सहारनपुर। दीपावली के त्योहार में अब कुछ ही दिन शेष हैं। इस दिन लोग जमकर आतिशबाजी करते हैं। जिले में बड़े पैमाने पर आतिशबाजी तैयार की जाती है। अनार और फुलझड़ी की दूसरे राज्यों में भी धूम रहती है। सबसे ज्यादा लाइसेंस थाना कुतुबशेर क्षेत्र में हैं।
जिले में हर साल आतिशबाजी तैयार करने के लाइसेंस बढ़ रहे हैं। वर्तमान में कुल 105 लाइसेंस हैं। उनमें 47 लाइसेंस आगरा और 58 जिलाधिकारी की ओर से जारी होते हैं। लाइसेंस दो प्रकार के बनते हैं। डीएम 15 किलो तक का लाइसेंस देते हैं। यानी एक समय में 15 किलोग्राम का मसाला तैयार कर आतिशबाजी तैयार कर सकते हैं। 15 किलोग्राम खत्म होने के बाद दोबारा से उतनी ही मात्रा में मसाला तैयार कर सकते हैं। अगर इससे अधिक मसाला तैयार करते हैं तो वह मानकों का उल्लंघन है। 600 किलोग्राम के भी लाइसेंस हैं। इतनी मात्रा में आतिशबाजी अपने गोदामों में भंडारण कर सकते हैं। इसके अलावा पांच हजार किलोग्राम का लाइसेंस आगरा से बनता है। थाना कुतुबशेर में सबसे ज्यादा 29 लाइसेंस हैं, जबकि एक कोतवाली मंडी में है, जो आगरा का है। यह अभी नहीं चल रहा है। कुछ दिन बाद दीपावली का त्योहार है। ऐसे में आतिशबाजी भंडारण पर पूरा फोकस किया जा रहा है। जिले में जिन लोगों को आतिशबाजी तैयार करने के लाइसेंस दिए गए हैं, वह सिर्फ फुलझड़ी और अनार कर सकते हैं।
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-- तीन दिन बिकेगी आतिशबाजी, अस्थायी लाइसेंस जारी
सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में 18 से 20 अक्तूबर0 तक आतिशबाजी की बिक्री होगी। इसके लिए अस्थायी लाइसेंस जारी कर दिए हैं। महाराज सिंह कॉलेज मैदान पर 40 दुकानें, जेवी जैन डिग्री कॉलेज मैदान पर 36, जीजीआईसी मैदान पर 26, सर्किट हाउस के सामने मैदान पर 37 और आईटीआई मैदान पर 25 दुकानों को अस्थायी आतिशबाजी की बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान आतिशबाजी लाइसेंसी स्वयं व्यवसाय नहीं करता पाया जाता है तो उसका आतिशबाजी माल जब्त करते हुए कार्रवाई होगी।
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-- वर्जन
जिनके पास लाइसेंस है वहां पर समय-समय पर चेकिंग की जा रही है। नियमों का कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रताप सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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जिले में हर साल आतिशबाजी तैयार करने के लाइसेंस बढ़ रहे हैं। वर्तमान में कुल 105 लाइसेंस हैं। उनमें 47 लाइसेंस आगरा और 58 जिलाधिकारी की ओर से जारी होते हैं। लाइसेंस दो प्रकार के बनते हैं। डीएम 15 किलो तक का लाइसेंस देते हैं। यानी एक समय में 15 किलोग्राम का मसाला तैयार कर आतिशबाजी तैयार कर सकते हैं। 15 किलोग्राम खत्म होने के बाद दोबारा से उतनी ही मात्रा में मसाला तैयार कर सकते हैं। अगर इससे अधिक मसाला तैयार करते हैं तो वह मानकों का उल्लंघन है। 600 किलोग्राम के भी लाइसेंस हैं। इतनी मात्रा में आतिशबाजी अपने गोदामों में भंडारण कर सकते हैं। इसके अलावा पांच हजार किलोग्राम का लाइसेंस आगरा से बनता है। थाना कुतुबशेर में सबसे ज्यादा 29 लाइसेंस हैं, जबकि एक कोतवाली मंडी में है, जो आगरा का है। यह अभी नहीं चल रहा है। कुछ दिन बाद दीपावली का त्योहार है। ऐसे में आतिशबाजी भंडारण पर पूरा फोकस किया जा रहा है। जिले में जिन लोगों को आतिशबाजी तैयार करने के लाइसेंस दिए गए हैं, वह सिर्फ फुलझड़ी और अनार कर सकते हैं।
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सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में 18 से 20 अक्तूबर0 तक आतिशबाजी की बिक्री होगी। इसके लिए अस्थायी लाइसेंस जारी कर दिए हैं। महाराज सिंह कॉलेज मैदान पर 40 दुकानें, जेवी जैन डिग्री कॉलेज मैदान पर 36, जीजीआईसी मैदान पर 26, सर्किट हाउस के सामने मैदान पर 37 और आईटीआई मैदान पर 25 दुकानों को अस्थायी आतिशबाजी की बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान आतिशबाजी लाइसेंसी स्वयं व्यवसाय नहीं करता पाया जाता है तो उसका आतिशबाजी माल जब्त करते हुए कार्रवाई होगी।
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जिनके पास लाइसेंस है वहां पर समय-समय पर चेकिंग की जा रही है। नियमों का कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रताप सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी