करोड़ों की टैक्स चोरी का मामला: एसटीएफ की जांच में खुला ये बड़ा राज, ऐसे चल रहा था खेल
- सुुनियोजित था टैक्स चोरी का खेल, दो माह में लगे 70 गाड़ियों के चक्कर
- इन गाड़ियों के जरिए 60 दिन होती थी 26 करोड़ की टैक्स चोरी
- आठ दिन में साक्ष्य जुटाकर लखनऊ के रवाना हुई एसआईटी
विस्तार
सहारनपुर में टपरी स्थित को-आपरेटिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शराब फैक्टरी में एसटीएफ द्वारा पकड़ी गई टैक्स चोरी के मामले में एसआईटी आठ दिन में साक्ष्य जुटाकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। जांच में सामने आया है कि सुनियोजित तरीके से टैक्स चोरी हो रही थी। दो माह में शराब से लदे 70 वाहनों के चक्कर लगे हैं, जिनके जरिए करीब 26 करोड़ की टैक्स चोरी की गई। इसी तरह एक वर्ष में 100 करोड़ के राजस्व की हानि पहुंचाई गई है। तीन मार्च की रात शराब फैक्टरी में टैक्स चोरी की जांच लखनऊ एसआईटी को मिली थी। चार मार्च की सुबह आईपीएस देवरंजन वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी ने टपरी स्थित फैक्टरी पहुंचकर जांच शुरू की। तमाम बिंदुओं पर जांच कर आबकारी उपायुक्त के नवाबगंज स्थित कार्यालय पर कई बार जाकर पड़ताल की और दस्तावेज भी कब्जे में लिए। इसके अलावा निलंबित अधिकारी और जेल में बंद आरोपियों के प्रारंभिक बयान लिए।
शनिवार की सुबह एसआईटी यहां से गाजियाबाद और उसके बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गई। आठ दिन में एसआईटी ने एक-एक बिंदु पर साक्ष्य जुटाए। अभी तक हुई जांच में सामने आया कि दो माह में करीब 70 गाड़ियां शराब की फैक्टरी से निकली हैं, जिसके लिए 60 दिन में 26 करोड़ की टैक्स चोरी की गई। इसी तरह सालभर में करीब 100 करोड़ टैक्स की चोरी को अंजाम दिया गया।
प्रमुख सचिव गृह को दी सौंपी जाएगी रिपोर्ट
एसआईटी ने जांच के ज्यादातर बिंदुओं को गोपनीय रखा है। एसआईटी सोमवार को प्रमुख सचिव (गृह) को जांच रिपोर्ट देगी। जांच में पता चला कि शराब लदा एक वाहन दस्तावेजों और बिल के साथ निकलता था तो दूसरा वाहन बिना बिल के निकाल दिया जाता था। तब, उस वाहन के जीपीआरएस और फैक्टरी में लगे सीसीटीवी को भी बंद कर दिया जाता था। इसी तरह एक वर्ष तक आबकारी विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर सुनियोजित तरीके से टैक्स चोरी की गई है।
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लखनऊ जेल में शिफ्ट होंगे आरोपी
इस मामले में अभी आठ आरोपी जेल गए हैं। एसआईटी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को लखनऊ जेल में शिफ्ट किया जाएगा। मामले की जांच लखनऊ में ही चलेगी। शराब फैक्टरी मालिक, ठेकेदार और आबकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी होने वह भी लखनऊ जेल में ही रहेंगे।
यह था मामला
एसटीएफ ने शराब फैक्टरी में छापा मारकर करीब 100 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी थी। इस मामले में सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन मोहम्मद आरिफ जमील की तरफ से देहात कोतवाली में 18 लोगों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसमें आबकारी निरीक्षक अरविंद वर्मा और सहायक आबकारी आयुक्त जगराम पाल, फैक्टरी मालिक प्रणव अनेजा, सेल्स हेड अश्वनी सहित 18 आरोपियों को नामजद किया गया था। मामले में आबकारी उपायुक्त आरके चतुर्वेदी सहित सात अधिकारियों को शासन स्तर से निलंबित किया जा चुका है।
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