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गन्ना भुगतान के लिए जोरदार हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:37 AM IST
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Farmer Meeting
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में शुगर मिलों द्वारा गन्ना भुगतान नहीं किए जाने पर किसानों ने किसान दिवस में जमकर हंगामा किया। अधिकारियों पर किसानों की अनदेखी करने, ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने, माइनरों में टेल तक पानी पहुंचाने की झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा सड़कों के निर्माण में गोलमाल करने का आरोप लगाया।
मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई बैठक में किसानों ने गन्ना भुगतान को लेकर जमकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्राइवेट मिलों ने तो किसानों को भुखमरी के कगार पर ही ला दिया है,
नानौता और सरसावा शुगर मिलों ने भी किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया है। किसान अपने बच्चों की शादी तक नहीं कर पा रहे हैं, स्कूल की फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। बाजार से उधार भी नहीं मिल पा रहा है अब। जबकि बैंक उन पर 12 प्रतिशत ब्याज ले रही हैं।
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किसानों से वसूली की जा रही है। किसान कहां जाए, अपना खेत तक बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। किसानों का आरोप है कि बागों में तार जर्जर होकर नीचे झूल रहे हैं, कई पेड़ आग की भेंट चढ़ गए,
किसानों को करंट लग गया। लेकिन अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। पीडब्लूडी अधिकारियों पर सड़क निर्माण में गोलमाल करने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि एक ही सड़क के तीन बार इस्टीमेट बनवाकर पास कराया गया,
भुगतान करा लिया गया और निर्माण सिर्फ एक बार ही कराया। सिंचाई विभाग के रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने के दावों को सरासर गलत बताया। किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय-विक्रय केंद्र के गोदाम को अधिकारी मिलीभगत करके कौड़ियों में किराए पर दे रहे हैं।
सीडीओ ने उसे रोकने के आदेश दिए। किसानों ने पैमाइश कराने के बाद भी चकरोड न बनने देने का आरोप लगाया। सीडीओ दीपक मीणा ने गन्ने के भुगतान न होने पर शासन को तुरंत पत्र भेजने के निर्देश जिला गन्ना अधिकारी को दिए और जून के अंत तक भुगतान मंगाने के प्रयास का आश्वासन दिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण कराने के आदेश दिए। इस मौके पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर, जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह मौजूद रहे।
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मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई बैठक में किसानों ने गन्ना भुगतान को लेकर जमकर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्राइवेट मिलों ने तो किसानों को भुखमरी के कगार पर ही ला दिया है,
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नानौता और सरसावा शुगर मिलों ने भी किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं किया है। किसान अपने बच्चों की शादी तक नहीं कर पा रहे हैं, स्कूल की फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। बाजार से उधार भी नहीं मिल पा रहा है अब। जबकि बैंक उन पर 12 प्रतिशत ब्याज ले रही हैं।
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किसानों से वसूली की जा रही है। किसान कहां जाए, अपना खेत तक बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। किसानों का आरोप है कि बागों में तार जर्जर होकर नीचे झूल रहे हैं, कई पेड़ आग की भेंट चढ़ गए,
किसानों को करंट लग गया। लेकिन अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। पीडब्लूडी अधिकारियों पर सड़क निर्माण में गोलमाल करने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि एक ही सड़क के तीन बार इस्टीमेट बनवाकर पास कराया गया,
भुगतान करा लिया गया और निर्माण सिर्फ एक बार ही कराया। सिंचाई विभाग के रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने के दावों को सरासर गलत बताया। किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय-विक्रय केंद्र के गोदाम को अधिकारी मिलीभगत करके कौड़ियों में किराए पर दे रहे हैं।
सीडीओ ने उसे रोकने के आदेश दिए। किसानों ने पैमाइश कराने के बाद भी चकरोड न बनने देने का आरोप लगाया। सीडीओ दीपक मीणा ने गन्ने के भुगतान न होने पर शासन को तुरंत पत्र भेजने के निर्देश जिला गन्ना अधिकारी को दिए और जून के अंत तक भुगतान मंगाने के प्रयास का आश्वासन दिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण कराने के आदेश दिए। इस मौके पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर, जिला पंचायत राज अधिकारी अमरजीत सिंह मौजूद रहे।