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मंडल स्तर पर निस्तारित होंगे आरटीआई के मामले
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 10 Dec 2016 12:01 AM IST
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राज्य सूचना आयुक्त।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में सूचना का अधिकार के मामलों की सुनवाई के लिए अब प्रतिवादी या वादी को लखनऊ के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। वर्ष 2015 में कानून में हुए संशोधन के तहत अब इन मुकदमों का निस्तारण मंडल स्तर पर ही होगा।
यह जानकारी राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने पत्रकार वार्ता में दी। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में उस्मान ने सूचना का अधिकार कानून को आम आदमी का सबसे बड़ा और सस्ता हथियार बताया।
उन्होंने लोगों से इस कानून का लाभ उठाने की अपील भी की। बताया कि अभी तक ऐसे मामलों की सुनवाई आयोग में होती थी, जिसके लिए प्रतिवादी और वादी को लखनऊ जाना होता था। मगर फरवरी से मंडल स्तर पर सुनवाई और निस्तारण हुआ करेगा।
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इसमें हर दूसरे या तीसरे महीने अलग-अलग जनपदवार प्रतिवादी और वादी को बुलाकर मामले निस्तारित करने के निर्देश सभी सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को दिए गए हैं।
सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि यदि आयोग की कार्रवाई से बचना है तो सूचना अधिकारी सूचनाओं को छिपाने की कोशिश न करें। वह सर्किट हाउस में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शुक्रवार को शामली के जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
उस्मान ने जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को बिना किसी भय या दबाव के नियमों के अनुरूप निर्धारित समय में आवेदनकर्ताओं को सूचना देने के निर्देश दिए।
कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने कहा कि कुछ जन सूचना अधिकारी पत्रावली पर सभी जानकारी होने के बाद भी आवेदक को सूचना नहीं देते, जो ठीक नहीं है। कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी भी अपने यहां लंबित अपीलों पर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी। हाफिज उस्मान ने जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों से कहा कि उनके पास जैसी भी सूचना उपलब्ध हो, वैसी ही दें। साथ ही तीसरे पक्ष से जुड़ी सूचना को तीसरे पक्ष की मर्जी के बिना न दें।
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यह जानकारी राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने पत्रकार वार्ता में दी। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में उस्मान ने सूचना का अधिकार कानून को आम आदमी का सबसे बड़ा और सस्ता हथियार बताया।
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उन्होंने लोगों से इस कानून का लाभ उठाने की अपील भी की। बताया कि अभी तक ऐसे मामलों की सुनवाई आयोग में होती थी, जिसके लिए प्रतिवादी और वादी को लखनऊ जाना होता था। मगर फरवरी से मंडल स्तर पर सुनवाई और निस्तारण हुआ करेगा।
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इसमें हर दूसरे या तीसरे महीने अलग-अलग जनपदवार प्रतिवादी और वादी को बुलाकर मामले निस्तारित करने के निर्देश सभी सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को दिए गए हैं।
सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि यदि आयोग की कार्रवाई से बचना है तो सूचना अधिकारी सूचनाओं को छिपाने की कोशिश न करें। वह सर्किट हाउस में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शुक्रवार को शामली के जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
उस्मान ने जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को बिना किसी भय या दबाव के नियमों के अनुरूप निर्धारित समय में आवेदनकर्ताओं को सूचना देने के निर्देश दिए।
कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने कहा कि कुछ जन सूचना अधिकारी पत्रावली पर सभी जानकारी होने के बाद भी आवेदक को सूचना नहीं देते, जो ठीक नहीं है। कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी भी अपने यहां लंबित अपीलों पर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी। हाफिज उस्मान ने जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों से कहा कि उनके पास जैसी भी सूचना उपलब्ध हो, वैसी ही दें। साथ ही तीसरे पक्ष से जुड़ी सूचना को तीसरे पक्ष की मर्जी के बिना न दें।