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अवैध शराब के खिलाफ किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद-बेहट
Updated Wed, 25 May 2016 12:41 AM IST
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बेहट में कच्ची शराब के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन देने जाती मुसैल की महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कच्ची शराब और जुए सट्टे को बंद कराने की मांग के लिए मंगलवार को असदपुर करंजाली के लोगों ने सीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उधर, शराब के अवैध धंधे के खिलाफ बेहट के मुसैल गांव की महिलाओं ने तहसील में उग्र प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी सुशील कुमार जयसवाल, कर्णपाल, अर्जुन, रजनीश, मनीष, अनुज आदि ने बताया कि उनके गांव में कच्ची शराब बड़े पैमाने पर निकालकर बेची जा रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं जुए सट्टे का धंधा भी लंबे समय से जारी है।
इस संबंध में समाज सुधार समिति की बैठक में भी शराब के खिलाफ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन ने इन्हें बंद कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में पंकज, जोनी, नीटू, अजय, नितिन, नीरज रहे।
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बेहट। कच्ची शराब बनाने और इसकी बिक्री के विरोध में मंगलवार को मुसैल गांव की महिलाएं तहसील पहुंचीं। एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर उन्होंने नशे के इस कारोबार को बंद कराने की मांग की। आरोप है कि मुजफ्फराबाद चौकी पुलिस भी अवैध शराब के धंधेबाजों का साथ दे रही है।
थाना फतेहपुर और तहसील बेहट क्षेत्र के मुसैल गांव की महिलाएं पुरुषों के साथ तहसील पहुंचीं। एसडीएम को दिए ज्ञापन में उन्होंने शिकायत की कि उनके गांव में चार लोग बड़े पैमाने पर शराब बनाते हैं। इसके बाद इन्हें गांव में आठ-दस लोगों के यहां भेजा जाता है। ये लोग गलियों में खड़े होकर कच्ची शराब की बिक्री करते हैं।
महिलाओं का कहना है कि गांव के छोटे-छोटे बच्चों को भी शराब की लत लग गई है। नशेड़ी शराब पीकर दिन-रात गलियों में हुडदंग मचाते हैं। इससे गांव में झगड़े-फसाद होते रहते हैं। शराबियों की छेड़छाड़ के चलते गांव की बहू-बेटियां घर से निकलने में भी कतराती हैं।
कई बार छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर मारपीट हो चुकी है। उन्होंने थाने और चौकी में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि चौकी इंचार्ज शराब का अवैध कारोबार करने वालों से महीना लेता है।
शिकायत करने वालों में कुसुम, सोमती, बबीता, गीता, ललतेश, भारती, ललतेश, पार्वती, पुष्पा, रामकली, पुष्पा, सत्तो, रामकली, प्रेमवती, सुषमा, बिरमवती आदि महिलाएं और सोमपाल, राकेश, पंकज, जोनी, राहुल, खेम सिंह, नोरतू सिंह, राजेंद्र सिंह, चरण सिंह, बालेश, चरण सिंह आदि रहे।
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प्रदर्शनकारी सुशील कुमार जयसवाल, कर्णपाल, अर्जुन, रजनीश, मनीष, अनुज आदि ने बताया कि उनके गांव में कच्ची शराब बड़े पैमाने पर निकालकर बेची जा रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं जुए सट्टे का धंधा भी लंबे समय से जारी है।
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इस संबंध में समाज सुधार समिति की बैठक में भी शराब के खिलाफ आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन ने इन्हें बंद कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में पंकज, जोनी, नीटू, अजय, नितिन, नीरज रहे।
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बेहट। कच्ची शराब बनाने और इसकी बिक्री के विरोध में मंगलवार को मुसैल गांव की महिलाएं तहसील पहुंचीं। एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर उन्होंने नशे के इस कारोबार को बंद कराने की मांग की। आरोप है कि मुजफ्फराबाद चौकी पुलिस भी अवैध शराब के धंधेबाजों का साथ दे रही है।
थाना फतेहपुर और तहसील बेहट क्षेत्र के मुसैल गांव की महिलाएं पुरुषों के साथ तहसील पहुंचीं। एसडीएम को दिए ज्ञापन में उन्होंने शिकायत की कि उनके गांव में चार लोग बड़े पैमाने पर शराब बनाते हैं। इसके बाद इन्हें गांव में आठ-दस लोगों के यहां भेजा जाता है। ये लोग गलियों में खड़े होकर कच्ची शराब की बिक्री करते हैं।
महिलाओं का कहना है कि गांव के छोटे-छोटे बच्चों को भी शराब की लत लग गई है। नशेड़ी शराब पीकर दिन-रात गलियों में हुडदंग मचाते हैं। इससे गांव में झगड़े-फसाद होते रहते हैं। शराबियों की छेड़छाड़ के चलते गांव की बहू-बेटियां घर से निकलने में भी कतराती हैं।
कई बार छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर मारपीट हो चुकी है। उन्होंने थाने और चौकी में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि चौकी इंचार्ज शराब का अवैध कारोबार करने वालों से महीना लेता है।
शिकायत करने वालों में कुसुम, सोमती, बबीता, गीता, ललतेश, भारती, ललतेश, पार्वती, पुष्पा, रामकली, पुष्पा, सत्तो, रामकली, प्रेमवती, सुषमा, बिरमवती आदि महिलाएं और सोमपाल, राकेश, पंकज, जोनी, राहुल, खेम सिंह, नोरतू सिंह, राजेंद्र सिंह, चरण सिंह, बालेश, चरण सिंह आदि रहे।