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प्रोसेसिंग के लिए मैंगो पैक हाउस में तैयारियां शुरू
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सहारनपुर: मैंगो पैक हाऊस
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। आम प्रसंस्करण के लिए मैंगो पैक हाउस में तैयारी शुरू हो गईं है। इसकी साफ सफाई से लेकर मरम्मत तक के काम को किया जा रहा है। हालांकि अभी प्रसंस्करण के लिए आम आने में समय है। लेकिन उससे पहले ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस से प्रसंस्कृत कर हर वर्ष आम का निर्यात किया जाता है। गत वर्ष दुनिया भर में कोविड प्रकोप के चलते आम के निर्यात में काफी कमी आई थी। इस बार फिर से बड़ी मात्रा में आम निर्यात करने की योजना है। निर्यात किए जाने वाले आम की मैंगो पैक हाउस में सबसे पहले धुलाई होती है। इसके बाद छटाई कर आम को वेपर हीट ट्रीटमेंट दिया जाता है। जिससे आम पूरी तरह से कीटाणु एवं वायरस से मुक्त हो जाता है। यहां से जापान, अमेरिका, यूके, दुबई, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, नेपाल, इटली, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, स्वीडन आदि देशों को आम का निर्यात होता है। इसके अलावा यहां से पिछले वर्षों में हरी मिर्च, अरबी, लौकी का भी लंदन निर्यात किया जा चुका है।
निर्यातक के साथ बागवान को भी अनुदान
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद नवाब ब्रांड के नाम से आम का निर्यात करती है। इसके लिए निर्यातक के साथ ही बागवान को भी अनुदान दिया जाता है। इसमें नवाब ब्रांड से निर्यात करने वाले निर्यातक को 10 रुपये प्रति किलो और उत्पादन करने वाले बागवान को छह रुपये प्रति किलो की दर से अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही हवाई मार्ग से आम को विदेश भेजने पर निर्यातक को 15 रुपये प्रति किलो और सड़क मार्ग से 7.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान मिलता है
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मैंगो पैक हाउस में साफ सफाई एवं मरम्मत कार्य शुरू करा दिए गए हैं। जिससे किसी भी निर्यातक के आते ही उसके आम का प्रसंस्करण किया जा सके। सबसे पहले अप्रैल माह में महाराष्ट्र से अल्फांसो या गुजरात को केसर आम प्रसंस्करण के लिए आता है। इसकी वीएचटी (वेपर हीट ट्रीटमेंट) की जाती है। इसके बाद तीन तीन किलो की पैकिंग कर आम का निर्यात किया जाता है।
- अशोक गुप्ता, मंडी सचिव।
एक नजर में आम निर्यात
वर्ष------------ मात्रा (टन में)
2016------------311.58
2017------------352.29
2018------------361.59
2019------------727.89
2020------------268.01
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।
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मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस से प्रसंस्कृत कर हर वर्ष आम का निर्यात किया जाता है। गत वर्ष दुनिया भर में कोविड प्रकोप के चलते आम के निर्यात में काफी कमी आई थी। इस बार फिर से बड़ी मात्रा में आम निर्यात करने की योजना है। निर्यात किए जाने वाले आम की मैंगो पैक हाउस में सबसे पहले धुलाई होती है। इसके बाद छटाई कर आम को वेपर हीट ट्रीटमेंट दिया जाता है। जिससे आम पूरी तरह से कीटाणु एवं वायरस से मुक्त हो जाता है। यहां से जापान, अमेरिका, यूके, दुबई, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, स्पेन, न्यूजीलैंड, नेपाल, इटली, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, स्वीडन आदि देशों को आम का निर्यात होता है। इसके अलावा यहां से पिछले वर्षों में हरी मिर्च, अरबी, लौकी का भी लंदन निर्यात किया जा चुका है।
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निर्यातक के साथ बागवान को भी अनुदान
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद नवाब ब्रांड के नाम से आम का निर्यात करती है। इसके लिए निर्यातक के साथ ही बागवान को भी अनुदान दिया जाता है। इसमें नवाब ब्रांड से निर्यात करने वाले निर्यातक को 10 रुपये प्रति किलो और उत्पादन करने वाले बागवान को छह रुपये प्रति किलो की दर से अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही हवाई मार्ग से आम को विदेश भेजने पर निर्यातक को 15 रुपये प्रति किलो और सड़क मार्ग से 7.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान मिलता है
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मैंगो पैक हाउस में साफ सफाई एवं मरम्मत कार्य शुरू करा दिए गए हैं। जिससे किसी भी निर्यातक के आते ही उसके आम का प्रसंस्करण किया जा सके। सबसे पहले अप्रैल माह में महाराष्ट्र से अल्फांसो या गुजरात को केसर आम प्रसंस्करण के लिए आता है। इसकी वीएचटी (वेपर हीट ट्रीटमेंट) की जाती है। इसके बाद तीन तीन किलो की पैकिंग कर आम का निर्यात किया जाता है।
- अशोक गुप्ता, मंडी सचिव।
एक नजर में आम निर्यात
वर्ष------------ मात्रा (टन में)
2016------------311.58
2017------------352.29
2018------------361.59
2019------------727.89
2020------------268.01
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।