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सत्ता बदली है, दिखना चाहिए
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:10 AM IST
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बैठक लेते कमिश्नर और पुलिस अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने कहा है कि सत्ता बदल चुकी है, यह अब काम में नजर आना चाहिए। लोगों को इसका अहसास भी होना चाहिए। सरकार के किसी भी निर्देश को अधिकारी जुमला न समझें, गंभीरता से कार्रवाई करें। अधिकारी अपने व्यवहार को सुधारें और पीड़ितों की बात सुनें।
मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल मंगलवार की शाम को पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई सरकार को काम चाहिए।
न सिर्फ काम होना चाहिए, बल्कि काम दिखना भी चाहिए। नई सरकार बनने पर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जातीं हें। ऐसे में अधिकारियों को हर हाल में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले में पशुओं का अवैध कटान, अवैध खनन, अवैध शराब बंद होना चाहिए।
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किसी भी आदेश को जुमला न समझा जाए और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाए। अपने व्यवहार में सुधार लाया जाए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को लेकर उपलब्ध संसाधनों से सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक अप्रैल से पहले हाईवे किनारे के शराब के ठेकों को बंद करने आदेश भी दिए।
डीआईजी जेके शाही ने कहा कि सभी अधिकारियों को अब काम करना होगा। समय बदल चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को थाने पर न रोकें, तुरंत मेडिकल कराकर जेल भिजवाएं।
उन्होंने कहा कि जो अभियान चलाए गए उनमें कुछ थानाध्यक्षों ने अच्छा काम किया, जबकि चार ऐसे थाने हैं जिनका काम अधिक अच्छा नहीं रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि थाने में विवेचनाओं को लंबित न किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो एसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी शफकत कमाल ने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा।
सीओ और एसडीएम साथ मिलकर चलें और जिससे लोगों में संदेश जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपने स्तर से ही अधिक से अधिक समस्याओं का निस्तारण करें।
सही निस्तारण होगा तो पीड़ित उच्चाधिकारियों के पास नहीं पहुंचेंगे और उन पर विश्वास बढ़ेगा। न्याय न मिलने पर ही लोग उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते हैं। उन्होंने अधिकारियों से सतर्कता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।
एसएसपी लव कुमार ने कहा कि थाना प्रभारियों को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा और सावधानी से कार्य करना होगा। थानाध्यक्षों को घटनाओं के प्रति गंभीरता जतानी होगी। उन पर रोक लगाने के भी प्रयास करने होंगे।
किसी भी थाना क्षेत्र की कोई घटना क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल या फिर साइबर सेल कर रही है तो भी उस थाना क्षेत्र को मामले की पूरी जानकारी रखनी होगी और कार्रवाई करनी होगी।
डीआईजी जेके शाही ने अधिकारियों को चार बिंदुओं पर 24 मार्च तक सूची तैयार कर दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक थाना वार माफिया की सूची, इनामी एवं कुख्यात अपराधियों की सूची, पशु तस्करों की सूची एवं शराब तस्करों की सूची हर हाल में 24 मार्च तक भेजने के निर्देश दिए।
डीआईजी जेके शाही ने महिला थाना प्रभारी को अलग-अलग टीमें बनाकर बालिका विद्यालयों पर सुबह और छुट्टी होने के समय भेजकर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी के भी अनावश्यक रूप से मिलने पर उसकी वीडियो बनाने, अभिभावकों को बुलाकर चेतावनी देने और फिर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीआईजी जेके शाही ने राकेश अरोड़ा हत्याकांड को लेकर रामपुर मनिहारान थाना प्रभारी की जमकर खिंचाई की। जबकि देवबंद थाना प्रभारी को देवबंद में एक मामले को लेकर शाबासी दी।
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मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल मंगलवार की शाम को पुलिस लाइंस सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई सरकार को काम चाहिए।
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न सिर्फ काम होना चाहिए, बल्कि काम दिखना भी चाहिए। नई सरकार बनने पर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जातीं हें। ऐसे में अधिकारियों को हर हाल में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले में पशुओं का अवैध कटान, अवैध खनन, अवैध शराब बंद होना चाहिए।
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किसी भी आदेश को जुमला न समझा जाए और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाए। अपने व्यवहार में सुधार लाया जाए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को लेकर उपलब्ध संसाधनों से सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक अप्रैल से पहले हाईवे किनारे के शराब के ठेकों को बंद करने आदेश भी दिए।
डीआईजी जेके शाही ने कहा कि सभी अधिकारियों को अब काम करना होगा। समय बदल चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को थाने पर न रोकें, तुरंत मेडिकल कराकर जेल भिजवाएं।
उन्होंने कहा कि जो अभियान चलाए गए उनमें कुछ थानाध्यक्षों ने अच्छा काम किया, जबकि चार ऐसे थाने हैं जिनका काम अधिक अच्छा नहीं रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि थाने में विवेचनाओं को लंबित न किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अधिकारी की लापरवाही पाई गई तो एसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी शफकत कमाल ने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा।
सीओ और एसडीएम साथ मिलकर चलें और जिससे लोगों में संदेश जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपने स्तर से ही अधिक से अधिक समस्याओं का निस्तारण करें।
सही निस्तारण होगा तो पीड़ित उच्चाधिकारियों के पास नहीं पहुंचेंगे और उन पर विश्वास बढ़ेगा। न्याय न मिलने पर ही लोग उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते हैं। उन्होंने अधिकारियों से सतर्कता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।
एसएसपी लव कुमार ने कहा कि थाना प्रभारियों को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा और सावधानी से कार्य करना होगा। थानाध्यक्षों को घटनाओं के प्रति गंभीरता जतानी होगी। उन पर रोक लगाने के भी प्रयास करने होंगे।
किसी भी थाना क्षेत्र की कोई घटना क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल या फिर साइबर सेल कर रही है तो भी उस थाना क्षेत्र को मामले की पूरी जानकारी रखनी होगी और कार्रवाई करनी होगी।
डीआईजी जेके शाही ने अधिकारियों को चार बिंदुओं पर 24 मार्च तक सूची तैयार कर दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक थाना वार माफिया की सूची, इनामी एवं कुख्यात अपराधियों की सूची, पशु तस्करों की सूची एवं शराब तस्करों की सूची हर हाल में 24 मार्च तक भेजने के निर्देश दिए।
डीआईजी जेके शाही ने महिला थाना प्रभारी को अलग-अलग टीमें बनाकर बालिका विद्यालयों पर सुबह और छुट्टी होने के समय भेजकर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी के भी अनावश्यक रूप से मिलने पर उसकी वीडियो बनाने, अभिभावकों को बुलाकर चेतावनी देने और फिर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीआईजी जेके शाही ने राकेश अरोड़ा हत्याकांड को लेकर रामपुर मनिहारान थाना प्रभारी की जमकर खिंचाई की। जबकि देवबंद थाना प्रभारी को देवबंद में एक मामले को लेकर शाबासी दी।