मेरठ: ई-रिक्शा खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप, पालिका पहुंचे लोग, चेयरपर्सन बोलीं- जांच कराने के लिए तैयार
सरधना नगर पालिका में ई-रिक्शा खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बुधवार को लोग पालिका कार्यालय पहुंचे। ईओ के नहीं मिलने पर वापस लौटना पड़ा।
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मेरठ से सटे सरधना नगर पालिका की बोर्ड बैठक में ई-रिक्शा की खरीद-फरोख्त को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बुधवार को कई लोग पालिका कार्यालय पहुंचे। लोग ईओ दीपिका शुक्ला से मुलाकात कर मामले में अपना पक्ष रखने और आरोपों पर जवाब मांगने पहुंचे थे, लेकिन ईओ के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर उन्हें लौटना पड़ा।
पालिका कार्यालय पहुंचे लोग
बुधवार को कस्बे के कई लोग ई-रिक्शा खरीद-फरोख्त में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। लोगों का कहना था कि वह मामले में पालिका प्रशासन से जवाब चाहते हैं और अपना पक्ष रखना चाहते हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
कस्बा निवासी दीपक शर्मा ने पालिका में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की बंदरबांट के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पालिका में होने वाली खरीद और विकास कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
खुले मंच पर जवाब देने की मांग
ऐनुद्दीन शाह ने पालिका प्रशासन से आरोपों का जवाब देने के लिए खुले मंच पर चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं तो पालिका प्रशासन को सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखना चाहिए।
चेयरपर्सन बोलीं- राजनीतिक कारणों से बदनाम करने का प्रयास
पालिका चेयरपर्सन सबीला बेगम ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि पालिका में सामान की खरीद से लेकर निर्माण कार्यों तक की प्रक्रिया में जेई द्वारा निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद अलग से ऑडिट भी कराया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से पालिका को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। चेयरपर्सन ने कहा कि पालिका प्रशासन किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार है।