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पुराने बने नहीं और नए खेल मैदान बनाने की तैयारी
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नकुड़ के गांव अध्याना में स्टेडियम बनाने के लिए लगाया गया पत्थर
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले में पुराने खेल मैदान नहीं बन पाए, लेकिन अब मनरेगा के तहत नए खेल मैदान बनाए जाने की तैयारी की गई है, जबकि तीन वर्षों से खेल मैदान बनाने के बड़े प्रोजेक्ट आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं।
दरअसल, मनरेगा के तहत पिछले दिनों 75 कार्य कराए जाने का खाका तैयार किया, जिसमें जनपद के 11 विकास खंडों में प्रत्येक 20 से 30 ग्राम पंचायतों पर एक-एक खेल मैैदान और व्यायाम स्थल बनाने की योजना तैैयार की गई, जिन पर अभी काम शुरू होना बाकी है, लेकिन तीन वर्ष पूर्व प्रत्येक विकासखंड स्तर पर एक खेल मैदान बनाया जाने का खाका खींचा गया था, जिन पर आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है और न ही शासन की ओर से बजट जारी हुआ है। ऐसे सवाल उठता है कि पुराने खेल मैदान बने ही नहीं और नए बनाने की योजना कागजों में तैयार कर ली गई है।
छह करोड़ की लागत से बनना है अघ्याना में स्टेडियम
महानगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम हैं, लेकिन देहात क्षेत्र में कहीं पर भी स्टेडियम नहीं है। तीन वर्ष पूर्व जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने विकासखंड नकुड़ के गांव अघ्याना में सात एकड़ भूमि चिह्नित कर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा था। प्रस्ताव में खेलो इंडिया के तहत बनने वाले स्टेडियम के सभी मानकों को पूरा किया गया, जिसका बजट छह करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। न ही बजट जारी हुआ। यहां के निवासी राजेश त्यागी व पूर्व प्रधान प्रीतम त्यागी का कहना है कि सिर्फ कागजों में ही योजनाएं संचालित हो रही हैं। इस वजह से देहात क्षेत्र के खिलाड़ियों को दिक्कत उठानी पड़ती है। उनकी मांग है कि जल्द स्टेडियम का काम शुरू होना चाहिए।
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यहां बनाए जाने थे मैदान
खेलो इंडिया के तहत जनपद के सभी के विकासखंड साढ़ौली कदीम, मुजफ्फराबाद, पुवांरका, बलियाखेड़ी, सरसावा, नकुड़, गंगोह, रामपुर मनिहारान, नागल, नानौता, देवबंद क्षेत्र में भी खेल मैदान बनाए जाने हैं, लेकिन तीन साल बाद भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
मनरेगा के तहत होने वाले कार्य में छोटे व्यायाम स्थल और खेल मैदान बनाए जाएंगे। पुराने प्रस्तावों पर भी जल्द कार्य शुरू कराने और बजट जारी कराने को शासन को पत्र लिखा जाएगा। -- विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी ु
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दरअसल, मनरेगा के तहत पिछले दिनों 75 कार्य कराए जाने का खाका तैयार किया, जिसमें जनपद के 11 विकास खंडों में प्रत्येक 20 से 30 ग्राम पंचायतों पर एक-एक खेल मैैदान और व्यायाम स्थल बनाने की योजना तैैयार की गई, जिन पर अभी काम शुरू होना बाकी है, लेकिन तीन वर्ष पूर्व प्रत्येक विकासखंड स्तर पर एक खेल मैदान बनाया जाने का खाका खींचा गया था, जिन पर आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है और न ही शासन की ओर से बजट जारी हुआ है। ऐसे सवाल उठता है कि पुराने खेल मैदान बने ही नहीं और नए बनाने की योजना कागजों में तैयार कर ली गई है।
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छह करोड़ की लागत से बनना है अघ्याना में स्टेडियम
महानगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम हैं, लेकिन देहात क्षेत्र में कहीं पर भी स्टेडियम नहीं है। तीन वर्ष पूर्व जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने विकासखंड नकुड़ के गांव अघ्याना में सात एकड़ भूमि चिह्नित कर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा था। प्रस्ताव में खेलो इंडिया के तहत बनने वाले स्टेडियम के सभी मानकों को पूरा किया गया, जिसका बजट छह करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है। न ही बजट जारी हुआ। यहां के निवासी राजेश त्यागी व पूर्व प्रधान प्रीतम त्यागी का कहना है कि सिर्फ कागजों में ही योजनाएं संचालित हो रही हैं। इस वजह से देहात क्षेत्र के खिलाड़ियों को दिक्कत उठानी पड़ती है। उनकी मांग है कि जल्द स्टेडियम का काम शुरू होना चाहिए।
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यहां बनाए जाने थे मैदान
खेलो इंडिया के तहत जनपद के सभी के विकासखंड साढ़ौली कदीम, मुजफ्फराबाद, पुवांरका, बलियाखेड़ी, सरसावा, नकुड़, गंगोह, रामपुर मनिहारान, नागल, नानौता, देवबंद क्षेत्र में भी खेल मैदान बनाए जाने हैं, लेकिन तीन साल बाद भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
मनरेगा के तहत होने वाले कार्य में छोटे व्यायाम स्थल और खेल मैदान बनाए जाएंगे। पुराने प्रस्तावों पर भी जल्द कार्य शुरू कराने और बजट जारी कराने को शासन को पत्र लिखा जाएगा। -- विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी ु