फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   No medicines in first aid box, fire extinguisher only in name

सहारनपुर: फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं, अग्निशमन यंत्र सिर्फ नाम के

Sat, 18 Feb 2023 06:10 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 18 Feb 2023 06:10 PM IST
विज्ञापन
No medicines in first aid box, fire extinguisher only in name
रोडवेज बस से गायब अग्निशमन यंत्र
सहारनपुर। उप्र सड़क परिवहन निगम ने बसों का किराया तो बढ़ा दिया, लेकिन यात्रियों को सुविधाएं देने में फिसड्डी है। बसों की हालत इतनी खराब है कि फटी सीटों पर यात्री सफर करने को मजबूर हैं। रोडवेज बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं नहीं है तो अग्निशमन यंत्र सिर्फ नाम के लगे हैं।
विज्ञापन

सहारनपुर परिवहन निगम परिक्षेत्र में करीब 578 बसों का बेड़ा है। ये बसें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, खतौली, छुटमलपुर, शामली और गंगोह डिपो से संचालित होती हैं। हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली और पूर्वांचल में लखनऊ, गोरखपुर के अलावा इटावा, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि शहरों में बसें जाती हैं। छह फरवरी को परिवहन निगम मुख्यालय ने रोडवेज बसों में 25 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराये में बढ़ोतरी की थी। उसी के अनुसार यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया लिया जा रहा है।
विज्ञापन

शुक्रवार को अमर उजाला ने दिल्ली रोड स्थित कांशीराम काॅलोनी में अस्थायी बस स्टैंड की पड़ताल की तो कई हकीकत सामने आ गई। यात्रियों को सुरक्षा व सुविधा देने का दावा करने वाले परिवहन निगम की पोल खुल गई। सहारनपुर से दिल्ली रूट की बसों की पड़ताल की गई तो किसी में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले तो अधिकतर बसों में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं थे। जिन बसों में थे, तो उनमें दवाई नहीं थी। एक बस में चालक से इसे खुलवाकर देखा तो उसमें मिट्टी जमी थी। अग्निशमन यंत्र भी सिर्फ नाम के लगे हुए मिले। वह काम नहीं कर रहे थे। अगर किसी दिन बस में आग लग गई तो बुझ नहीं सकेंगी। यहीं नहीं कुछ बसों की सीटें भी फटी मिलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मूलभूत सुविधाएं भी नदारद
महानगर में रोडवेज को कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं है। वर्तमान में तीन स्थायी रोडवेज बस स्टैंड हैं, जिनमें कांशीराम काॅलोनी, मानकमऊ और जेल चुंगी बस अड्डा शामिल है। इन तीनों बस स्टैंड पर यात्रियों की मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं। तीनों ही बस अड्डे सड़कों पर ही संचालित हो रहे है। यहां रोडवेज का कोई भवन नहीं है। धूप, बरसात और सर्दी से बचाव के लिए यात्री शेड नहीं है। बैठक की कोई सुविधा नहीं। यहां तक की शुद्ध पेयजल और शौचालय की कोई सुविधा नहीं हैं। ऐसे में महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
इतना लिया जा किराया:
- सहारनपुर से देहरादून का 105 रुपये, हरिद्वार का 144, लखनऊ का 909, मुजफ्फरनगर का 119, अलीगढ़ कर 428, मेरठ का 210, आगरा का 553, शामली का 100, अंबाला का 131 और दिल्ली तक का 257 रुपये किराया प्रति यात्री हो गया है।

- यहां स्थायी बस अड्डा नहीं होने से तीनों बस स्टैंड सड़कों पर ही संचालित है, इसलिए मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा सकती। रोडवेज बसों में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स की जांच कराई जाएगी। यदि किसी में अग्निशमन यंत्र नहीं चल रहा है तो वह गंभीर है। जिन बसों की सीट फटी हुई है या फिर खराब हो गई है, उन्हें बदलवाया जाएगा।
- परवेज बशीर, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed