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Saharanpur News: एक्सप्रेस वे के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही, लगातार हो रहे हादसे
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बड़गांव में निर्माणाधीन दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे का टूटा पड़ा बीम। संवाद
सहारनपुर। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के निर्माण में कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है जिस कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। जिम्मेदार इन दुर्घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रहे हैं।
बड़गांव क्षेत्र के गांव मौरा में निर्माणाधीन पुल के गार्डर टूट कर गिरने से तीन मजदूरों के दबने की घटना पहला हादसा नहीं है। गत वर्ष दिसंबर के आखिरी सप्ताह में लाखनौर में निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर बिना किसी संकेतक या चेतावनी बोर्ड के सीमेंट के डिवाइडर हाईवे के बीचोंबीच रख कर मार्ग डायवर्ट किया गया था जिससे एक के बाद एक करके छह वाहन टकरा गए थे। इसके बाद तीस दिसंबर को बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुर में दून काॅलेज के सामने हाईवे पर बीचोंबीच खोद कर छोड़े गए गहरे गड्ढे में रात में बाइक सवार अंदर जा गिरे थे। इसके एक घंटे बाद इसी गड्ढे में देहरादून से दिल्ली जा रही टैक्सी सवारियों सहित बाइक के ऊपर जा गिरी थी जिसमें चार लोगों को चोटें आईं थी।
इस घटना के चार दिन बाद ही मनोहरपुर में बिना चेतावनी बोर्ड के सड़क के बीचोंबीच रखे गए सीमेंट के डिवाइडर से टकरा कर कार सवार दंपती घायल हो गए थे। करीब छह माह पहले बिहारीगढ़ कस्बे में बिना सेफ्टी उपकरणों के वेल्डिंग कर रहा मिस्त्री निर्माणाधीन पुल से गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रत्येक हादसे के बाद जिम्मेदार यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है।
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बड़गांव क्षेत्र के गांव मौरा में निर्माणाधीन पुल के गार्डर टूट कर गिरने से तीन मजदूरों के दबने की घटना पहला हादसा नहीं है। गत वर्ष दिसंबर के आखिरी सप्ताह में लाखनौर में निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर बिना किसी संकेतक या चेतावनी बोर्ड के सीमेंट के डिवाइडर हाईवे के बीचोंबीच रख कर मार्ग डायवर्ट किया गया था जिससे एक के बाद एक करके छह वाहन टकरा गए थे। इसके बाद तीस दिसंबर को बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के गांव गणेशपुर में दून काॅलेज के सामने हाईवे पर बीचोंबीच खोद कर छोड़े गए गहरे गड्ढे में रात में बाइक सवार अंदर जा गिरे थे। इसके एक घंटे बाद इसी गड्ढे में देहरादून से दिल्ली जा रही टैक्सी सवारियों सहित बाइक के ऊपर जा गिरी थी जिसमें चार लोगों को चोटें आईं थी।
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इस घटना के चार दिन बाद ही मनोहरपुर में बिना चेतावनी बोर्ड के सड़क के बीचोंबीच रखे गए सीमेंट के डिवाइडर से टकरा कर कार सवार दंपती घायल हो गए थे। करीब छह माह पहले बिहारीगढ़ कस्बे में बिना सेफ्टी उपकरणों के वेल्डिंग कर रहा मिस्त्री निर्माणाधीन पुल से गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रत्येक हादसे के बाद जिम्मेदार यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है।
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