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डंपिंग ग्राउंड मामले में शासन को गुमराह करता रहा नगर निगम

Fri, 06 Dec 2019 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2019 11:27 PM IST
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Municipal corporation continues to mislead the government in the dumping ground case
जनता रोड स्थित कूडा घर - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। ढमोला नदी किनारे पर डंपिंग ग्राउंड मामले में नगर निगम का झूठ सामने आया है। कचरा डाले जाने से परेशान लोग तीन माह से हर स्तर पर शिकायत करते आ रहे हैं, जिसके जवाब में नगर निगम अधिकारियों ने शासन तक को गलत रिपोर्ट भेजकर गुमराह किया है। शुक्रवार को कमिश्नर से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे क्षेत्रवासियों ने बाकायदा इसके सुबूत उपलब्ध कराए हैं।
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शुक्रवार को राहुल जैन के नेतृत्व में कमिश्नर संजय कुमार से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे क्षेत्रवासियों ने बताया कि वह पहले दिन से कचरा डाले जाने का विरोध करते आ रहे हैं, मगर नगर निगम के अधिकारियों ने मनमानी करते हुए जबरन कचरा डालना शुरू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर कचरा डाला जा रहा है उसमें काफी बड़ा हिस्सा सिंचाई विभाग का भी है, मगर सिंचाई विभाग के अधिकारी भी उक्त मामले में मौन हैं। उन्होंने बताया कि पहली शिकायत तीन अगस्त 2019 को समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर की गई थी। शिकायत के जवाब में नगर निगम अधिकारियों ने शासन को झूठी रिपोर्ट भेजी, जिसमें कहा कि जिस जगह पर कचरा डाला जा रहा है वह आबादी से दूर है। साथ ही उक्त स्थल पर मिट्टी डलवाई जा रही है और कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव कराया जा रहा है। दूसरी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में तीन सितंबर 2019 को की गई थी। शिकायत पर मांगे गए जवाब में नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने जो रिपोर्ट भेजी उसमें लिखा गया कि नगर निगम कचरा निस्तारण के लिए बेहट रोड पर जमीन खरीद रहा है। जैसे ही जमीन फाइनल हो जाएगी इस क्षेत्र में कचरा डालना बंद कर दिया जाएगा। यानी निगम अधिकारियों को पता था कि जहां कचरा डाला जा रहा है वह गलत है। 15 अक्तूबर 2019 को भी एक जवाब शासन को भेजा गया, जिसमें नगर निगम के अधिकारियों ने लिखा कि जिस जमीन पर कचरा डाला जा रहा है वह आबादी और नदी दोनों से दूर है। मालिक की सहमति से जमीन के गड्ढे को भरने के लिए कचरा डाला जा रहा है। नई जमीन खरीदने की तैयारी चल रही है, जिसके बाद यहां कचरा डालना बंद हो जाएगा। उधर, शासन और प्रशासन को भेजे गए जवाबों पर जब नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गीताराम से बात की गई तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। उनका कहना था कि ढमोला किनारे कचरा डालना बंद कर दिया गया है।
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नदी के दूषित होने की होगी जांच : मौर्य
ढमोला नदी के ऊपर कचरा डंप करने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में भी हलचल है। क्षेत्रीय अधिकारी एसआर मौर्य ने बताया कि अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने को कह दिया गया है। यदि वास्तव में नदी दूषित हो रही है या फिर कचरा जलाया जा रहा होगा तो रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
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मामले को दिखवाएंगे : एक्सईएन
डंपिंग ग्राउंड को लेकर सिंचाई विभाग भी हरकत में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर कचरा डंप किया जा रहा है उसमें बड़ा हिस्सा सिंचाई विभाग का भी है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राधेश्याम का कहना है कि यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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