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मातृत्व भाव से जनमानस का कल्याण करती है मां भगवती
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शाकंभरी में कथा वाचक का पूजन करते श्रद्वालु
- फोटो : SAHARANPUR
शाकंभरी (सहारनपुर)। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी स्थित रैन बसेरा में श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्री देवी भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि मां भगवती मातृत्व भाव से जनमानस का कल्याण करती है।
मंगलवार को संजय मित्तल ने परिवार ने व्यास पीठ का विधिवत पूजन कर कथा व्यास को तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दैनिक यज्ञ में रुड़की के मांगेराम चौधरी यज्ञमान रहे। दुर्गा सप्तशती आचार्य बैजनाथ भट्ट एवं पंडित विशाल शर्मा के द्वारा यज्ञ संपन्न कराया गया।
स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि भगवती आदिशक्ति ही सृष्टि का सृजन एवं विलय का मूल है। वहीं सृष्टि का आदि और अंत है। अर्थात भगवती की शरणागति होने पर ही रिद्धि-सिद्धि समृद्धि एवं मुक्ति संभव है। भगवती शक्ति ही ब्रह्मांड की मूल शक्ति है। पंडित योगेश तिवारी, वासुदेव वत्स, अरुण स्वामी, मेहरचंद जैन, राजेंद्र धीमान, रमेश शर्मा, रविंद्र चौधरी, सुनील, गीता, मीरा, रेखा, करुणा, बबली, पूनम, त्रिशला, सुचेता, कविता आदि रहे।
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मंगलवार को संजय मित्तल ने परिवार ने व्यास पीठ का विधिवत पूजन कर कथा व्यास को तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दैनिक यज्ञ में रुड़की के मांगेराम चौधरी यज्ञमान रहे। दुर्गा सप्तशती आचार्य बैजनाथ भट्ट एवं पंडित विशाल शर्मा के द्वारा यज्ञ संपन्न कराया गया।
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स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि भगवती आदिशक्ति ही सृष्टि का सृजन एवं विलय का मूल है। वहीं सृष्टि का आदि और अंत है। अर्थात भगवती की शरणागति होने पर ही रिद्धि-सिद्धि समृद्धि एवं मुक्ति संभव है। भगवती शक्ति ही ब्रह्मांड की मूल शक्ति है। पंडित योगेश तिवारी, वासुदेव वत्स, अरुण स्वामी, मेहरचंद जैन, राजेंद्र धीमान, रमेश शर्मा, रविंद्र चौधरी, सुनील, गीता, मीरा, रेखा, करुणा, बबली, पूनम, त्रिशला, सुचेता, कविता आदि रहे।
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