स्पेशल ट्रेनों के लिए और करना होगा इंतजार, पंजाब में किसान आंदोलन का असर अब तक जारी
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पंजाब में किसान आंदोलन के कारण बाधित चल रहीं स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया। उत्तर रेलवे की ओर से संभावना जताई गई थी कि चार नवंबर से स्पेशल ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इसके चलते दीपावली, भैया दूज से लेकर छठ पर्व पर अपने गंतव्यों को जाने वाले हजारों यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो सकेगी। इस आंदोलन के कारण रेलवे की ओर से 12 ट्रेनों को पूरी तरह स्थगित कर दिया गया था, जबकि 10 ट्रेनों को निर्धारित स्टेशनों से पहले तक ही संचालित कराया जा रहा है। इसलिए इनकी सेवाएं भी प्रभावित चल रही हैं।
उत्तर रेलवे की ओर से त्योहारों को देखते हुए ही सहारनपुर से गुजरने वाली 20 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन कृषि कानूनों को लेकर पंजाब में शुरू हुए किसान आंदोलन ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है।
रेलवे अफसरों को उम्मीद थी कि शायद एक या दो सप्ताह तक ही ऐसे हालात रहेंगे, लेकिन ट्रेनों का संचालन बाधित हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है। आगे की स्थिति पर भी रेलवे कोई दिशा निर्देश नहीं दे पा रहा है।
वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा कहते हैं कि त्योहारी मौसम में स्पेशल ट्रेनों का संचालन हमेशा बढ़ता रहा है। इस बार किसान आंदोलन के कारण हालात बदले हैं। आला अफसरों की ओर से भी ट्रेनों के संचालन के प्रयास जारी हैं। मगर आंदोलन के कारण आ रही अड़चनें कम नहीं हुई हैं।
राजस्थान के आंदोलन पर भी नजर
पंजाब में किसान आंदोलन के साथ ही अब राजस्थान में शुरू हुए गुर्जर आंदोलन पर भी रेलवे अफसरों की नजर है। यदि यह आंदोलन बढ़ता है तो इस राज्य के शहरों से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। इनमें फ्रंटियर मेल जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।