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न्याय पर आधारित होगा अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला : मोहतमिम
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:00 AM IST
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मुफ्ती अबुल कासिम नाोमानी।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर के देवबंद में अयोध्या केस पर अधूरे अनुवाद के चलते भले ही सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई टल गई हो, लेकिन इस मसले पर सियासी लाभ लेने के लिए नेताओं की बयानबाजी से यह मुद्दा बेहद पेचीदा बना हुआ है।
इसको लेकर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि बाबरी मस्जिद का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए इस पर न तो बयानबाजी हो और न ही कोई सियासत होनी चाहिए।
बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मसले पर सुनवाई टलने के मामले में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि ये मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए हमें अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
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हिंदुस्तान का मुसलमान मुल्क की अदालत और कानून पर भरोसा करता है। इसलिए हमें यकीन है कि अदलिया (अदालत) से जो भी फैसला आएगा वो न्याय पर आधारित होगा। मौलाना बनारसी ने कहा कि क्योंकि यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और इस पर कोई फैसला नहीं आया है।
इसलिए इस मुद्दे पर न तो किसी प्रकार की बयानबाजी हो और न ही इस पर कोई सियासत करे। गौरतलब है कि अयोध्या विवाद पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और दारुल उलूम देवबंद पहले ही यह साफ कर चुका है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर जो भी फैसला सुनाएगा वो स्वीकार किया जाएगा। इसके बावजूद इस मसले पर सियासी लाभ लेने को जमकर राजनीति हो रही है तथा बयानों के तीर चल रहे हैं। जिससे यह मामला और भी पेचीदा बना हुआ है।
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इसको लेकर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि बाबरी मस्जिद का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए इस पर न तो बयानबाजी हो और न ही कोई सियासत होनी चाहिए।
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बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मसले पर सुनवाई टलने के मामले में दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि ये मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए हमें अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
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हिंदुस्तान का मुसलमान मुल्क की अदालत और कानून पर भरोसा करता है। इसलिए हमें यकीन है कि अदलिया (अदालत) से जो भी फैसला आएगा वो न्याय पर आधारित होगा। मौलाना बनारसी ने कहा कि क्योंकि यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और इस पर कोई फैसला नहीं आया है।
इसलिए इस मुद्दे पर न तो किसी प्रकार की बयानबाजी हो और न ही इस पर कोई सियासत करे। गौरतलब है कि अयोध्या विवाद पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और दारुल उलूम देवबंद पहले ही यह साफ कर चुका है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर जो भी फैसला सुनाएगा वो स्वीकार किया जाएगा। इसके बावजूद इस मसले पर सियासी लाभ लेने को जमकर राजनीति हो रही है तथा बयानों के तीर चल रहे हैं। जिससे यह मामला और भी पेचीदा बना हुआ है।