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39 बोगियां इंजन से छूटीं, एक हुई बेपटरी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:32 AM IST
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Sarsawa goods train derailed in Shahjahanpur village area.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के सरसावा के गांव भिक्कनपुर के पास रेलवे ट्रैक पर कोयले से लदी मालगाड़ी का पहिया टूटकर अलग हो गया, जिससे कपलिंग टूट गई और गाड़ी दो हिस्सों में बंट गई।
बोगी बिजली के तारों तो तोड़ती हुई बेपटरी हो गई, जबकि बाकी की बोगियां इंजन के साथ दौड़ती चली गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय रेल अफसरों ने ट्रेन को रुकवाया। हादसे में ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें करीब 200 मीटर तक सैकड़ों की संख्या में स्लीपर टूट गए।
सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे रेलवे फाटक 95सी पर जबरदस्त ट्रेन हादसा हुआ। कोयले से लदी मालगाड़ी मध्य प्रदेश से पंजाब जा रही थी। जैसे ही ट्रेन ने सरसावा रेलवे स्टेशन पार किया।
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उसके पहियों से धुआं उठने लगा, जिसका चालक को पता नहीं चल सका और वह ट्रेन को दौड़ाता चला गया। ट्रेन को पहिये से निकलते धुआं को देखकर लाइन किनारे पड़े घुंमतू जाति के लोगों ने शोर मचा दिया।
इससे सबसे लास्ट के डिब्बे में बैठा गार्ड अजीत सिंह अलर्ट हो गया। जब तक गार्ड उनकी बात को समझ पाता, तब तक ट्रेन दो हिस्सों में बंट चुकी थी। 19 बोगियां इंजन के साथ आगे दौड़ रही थीं, जबकि 39 बोगियां कपलिंग टूटने की वजह से पीछे ही रह गए। चालक को इसका पता नहीं चल सका और वह ट्रेन को दौड़ाता चला गया।
घटना का पता चलते ही गार्ड ने वायरलेस के जरिये चालक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन को रोका गया। वहीं पीछे छूट गई बोगियों ने ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया।
एक बोगी के पहिये टूट जाने की वजह से वह बेपटरी हो गया। बेपटरी हुई बोगी 25 हजार वोल्ट की तार की चपेट में आने से तार बोगी पर लिपट गई। इंजन के काफी दूर तक घिसटने से ट्रैक फैल गया। करीब 200 मीटर लंबे ट्रैक के सैकड़ों स्लीपर टूट गए।
रेलवे के अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया पाया कि पहियों की समय-समय पर जांच न होने की वजह से हादसा हुआ है। उधर, हादसे की वजह से रेल यातायात सात घंटे पूरी तरह बाधित रहा। शाम छह बजे यातायात सुचारु हो सका था।
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बोगी बिजली के तारों तो तोड़ती हुई बेपटरी हो गई, जबकि बाकी की बोगियां इंजन के साथ दौड़ती चली गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय रेल अफसरों ने ट्रेन को रुकवाया। हादसे में ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें करीब 200 मीटर तक सैकड़ों की संख्या में स्लीपर टूट गए।
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सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे रेलवे फाटक 95सी पर जबरदस्त ट्रेन हादसा हुआ। कोयले से लदी मालगाड़ी मध्य प्रदेश से पंजाब जा रही थी। जैसे ही ट्रेन ने सरसावा रेलवे स्टेशन पार किया।
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उसके पहियों से धुआं उठने लगा, जिसका चालक को पता नहीं चल सका और वह ट्रेन को दौड़ाता चला गया। ट्रेन को पहिये से निकलते धुआं को देखकर लाइन किनारे पड़े घुंमतू जाति के लोगों ने शोर मचा दिया।
इससे सबसे लास्ट के डिब्बे में बैठा गार्ड अजीत सिंह अलर्ट हो गया। जब तक गार्ड उनकी बात को समझ पाता, तब तक ट्रेन दो हिस्सों में बंट चुकी थी। 19 बोगियां इंजन के साथ आगे दौड़ रही थीं, जबकि 39 बोगियां कपलिंग टूटने की वजह से पीछे ही रह गए। चालक को इसका पता नहीं चल सका और वह ट्रेन को दौड़ाता चला गया।
घटना का पता चलते ही गार्ड ने वायरलेस के जरिये चालक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन को रोका गया। वहीं पीछे छूट गई बोगियों ने ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया।
एक बोगी के पहिये टूट जाने की वजह से वह बेपटरी हो गया। बेपटरी हुई बोगी 25 हजार वोल्ट की तार की चपेट में आने से तार बोगी पर लिपट गई। इंजन के काफी दूर तक घिसटने से ट्रैक फैल गया। करीब 200 मीटर लंबे ट्रैक के सैकड़ों स्लीपर टूट गए।
रेलवे के अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया पाया कि पहियों की समय-समय पर जांच न होने की वजह से हादसा हुआ है। उधर, हादसे की वजह से रेल यातायात सात घंटे पूरी तरह बाधित रहा। शाम छह बजे यातायात सुचारु हो सका था।