{"_id":"65e22c6721e59d58040bec56","slug":"mills-will-have-to-enter-details-of-sugar-stock-on-smart-sugarcane-farmer-portal-saharanpur-news-c-30-1-smrt1052-119302-2024-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: मिलों को स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज करना होगा चीनी स्टॉक का ब्योरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: मिलों को स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज करना होगा चीनी स्टॉक का ब्योरा
Sat, 02 Mar 2024 12:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 02 Mar 2024 12:58 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। चीनी मिलों को अब अपने गाेदाम में रखी चीनी के स्टॉक का ब्योरा महीने में दो बार स्मार्ट गन्ना पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे शुगर मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का डायवर्जन नहीं कर पाएंगे।
जनपद में बड़े स्तर पर गन्ने की खेती होती है। किसान जिले की आठ मिलों में गन्ना सप्लाई करते हैं। मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान होने के बावजूद किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पाता। गन्ना विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी जनपद की चीनी मिलों पर करीब 218 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। कई बार शुगर मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का इस्तेमाल भुगतान में करने की बजाए अन्य मदों में खर्च कर देते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब चीनी मिलों को स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर गोदामों में रखी चीनी के स्टॉक का विवरण अपलोड करना होगा। इस डेटा को महीने में दो बार अपडेट किया जाएगा। इससे गन्ना विभाग की निगरानी बढ़ जाएगी। ऐसा नहीं करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। इससे शुगर मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का डायवर्जन नहीं कर पाएंगे।
अब शुगर मिलों को महीने में दो बार स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर चीनी के स्टॉक का विवरण दर्ज करना होगा। इससे मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का डायवर्जन नहीं कर पाएंगे और गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आएगी।
विज्ञापन
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन
जनपद में बड़े स्तर पर गन्ने की खेती होती है। किसान जिले की आठ मिलों में गन्ना सप्लाई करते हैं। मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान होने के बावजूद किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पाता। गन्ना विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी जनपद की चीनी मिलों पर करीब 218 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। कई बार शुगर मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का इस्तेमाल भुगतान में करने की बजाए अन्य मदों में खर्च कर देते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब चीनी मिलों को स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर गोदामों में रखी चीनी के स्टॉक का विवरण अपलोड करना होगा। इस डेटा को महीने में दो बार अपडेट किया जाएगा। इससे गन्ना विभाग की निगरानी बढ़ जाएगी। ऐसा नहीं करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। इससे शुगर मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का डायवर्जन नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन
अब शुगर मिलों को महीने में दो बार स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर चीनी के स्टॉक का विवरण दर्ज करना होगा। इससे मिल चीनी बेचकर प्राप्त होने वाली धनराशि का डायवर्जन नहीं कर पाएंगे और गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आएगी।
विज्ञापन
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।