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धराशाई हो सकता है पूर्वी यमुना नहर का पुल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:57 PM IST
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जर्जर हो रहा पुल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में पूर्वी यमुना नहर के पुल की दो डाटों की आधी छत गिरने से पुल किसी भी समय धराशाई हो सकता है। रामपुर मनिहरारान से इस्लामनगर मार्ग पर गांव मुकंदपुर के पास स्थित इस पुल पर हर समय भारी वाहनों का आवागमन रहता है।
गांव मुकंदपुर के पास पूर्वी यमुना नहर के पुल की दो डाटों की छत दो दिन पूर्व आधी टूट कर नीचे गिर गई थी। इससे पुल के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। रामपुर मनिहारान से इस्लामनगर-अंबेहटा पीर नकुड़ मार्ग पर स्थित यह पुल महत्वपूर्ण है।
इस मार्ग से सौ से अधिक गांव जुड़े हैं। इसके धराशाई होते ही सभी गांवों और कस्बों को संपर्क कट जाएगा। हैरत की बात यह है कि सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार ने इसकी जानकारी होने से ही मना कर दिया।
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जबकि सिंचाई विभाग के एक्सईएन शिवराज सिंह ने बताया कि वह पुल का मौके पर जाकर निरीक्षण कर चुके हैं। बताया कि पूर्वी यमुना नहर का निर्माण वर्ष 1907 में ब्रिटिश शासन काल में हुआ था।
इसके बाद का पुल का पुन: निर्माण वर्ष 1955 में किया गया था। उन्होंने कहा कि पुल की मियाद पुरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग पर यह पुल पड़ता है यह मार्ग पीडब्लूडी के अधीन हैं। पुल निर्माण के लिए जिलाधिकारी और पीडब्लूडी के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। ताकि इसे नया बनाया जा सके।
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गांव मुकंदपुर के पास पूर्वी यमुना नहर के पुल की दो डाटों की छत दो दिन पूर्व आधी टूट कर नीचे गिर गई थी। इससे पुल के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। रामपुर मनिहारान से इस्लामनगर-अंबेहटा पीर नकुड़ मार्ग पर स्थित यह पुल महत्वपूर्ण है।
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इस मार्ग से सौ से अधिक गांव जुड़े हैं। इसके धराशाई होते ही सभी गांवों और कस्बों को संपर्क कट जाएगा। हैरत की बात यह है कि सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार ने इसकी जानकारी होने से ही मना कर दिया।
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जबकि सिंचाई विभाग के एक्सईएन शिवराज सिंह ने बताया कि वह पुल का मौके पर जाकर निरीक्षण कर चुके हैं। बताया कि पूर्वी यमुना नहर का निर्माण वर्ष 1907 में ब्रिटिश शासन काल में हुआ था।
इसके बाद का पुल का पुन: निर्माण वर्ष 1955 में किया गया था। उन्होंने कहा कि पुल की मियाद पुरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग पर यह पुल पड़ता है यह मार्ग पीडब्लूडी के अधीन हैं। पुल निर्माण के लिए जिलाधिकारी और पीडब्लूडी के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। ताकि इसे नया बनाया जा सके।