फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Kite flying passion but avoid death

पतंगबाजी का जुनून ठीक पर मौत के मांझे से बचें

Fri, 10 Jan 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
Kite flying passion but avoid death
Kite flying passion but avoid death - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मकर संक्रांति और बसंत पंचमी से पहले ही पतंगबाजी के लिए दुकानें सजने लगी हैं। पतंगबाजी के शौकीन पतंग और मजबूत मांझा खरीदने दुकानों पर पहुंच रहे हैं। मगर पतंगबाजी के जुनून में मौत का मांझा बन चुके चाइनीज मांझे से बचना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

इस मांझे के कारण पिछले दो साल में ही एक किशोर के साथ दो लोगों की जान जा चुकी है और 20 से ज्यादा घायल हो चुके हैं। इतना ही नहीं, कुछ दिन पहले चाइनीज मांझा इलेक्टिक लाइन में लिपटने के कारण फ्रंटियर मेल बर्निंग ट्रेन बनने से बची थी। इस हादसे के बाद कमिश्नर संजय कुमार ने एसडीएम से लेकर सभी थाना प्रभारियों को चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए। मगर बृहस्पतिवार को इन आदेशों का असर नजर नहीं आया। अमर उजाला टीम ने कुछ क्षेत्रों की दुकानों पर जाकर हालात जानने की कोशिश की।
विज्ञापन

शहर के लक्की गेट, रायवाला, रानी बाजार, वुडकार्विंग बाजार, आतिशान बाजार, पुल कांबोहान सहित शहर के अन्य इलाकों में पतंगों की दुकानें सज गई हैं। यहां पतंगबाज पतंगों और मांझे की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। इन बाजारों के कुछ दुकानदारों ने बताया कि अभी मकर संक्रांति और बसंत पंचमी में समय है, लेकिन पतंगबाज आने लगे हैं। तीन दिन बारिश के कारण ग्राहक कम थे। बृहस्पतिवार से फिर पतंगबाजों की संख्या बढ़ गई। कमिश्नर के आदेश के बावजूद कुछ दुकानदार गुपचुप तरीके से 450 से 550 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मांझा बेच रहे हैं। लक्की गेट में एक दुकान पर कुछ बच्चों की कैमरे पर नजर पड़ी तो वे एक बैग में मांझा छिपाने लगे, जबकि दुकानदार कैमरा देखकर मांझे को देेसी बताने लगे। पतंग लेने पहुंचे कुछ ग्राहकों से बात की तो उन्होंने बताया कि देसी मांझा 600 से 700 रुपये तक बेचा जाता है। इसलिए चाइनीज मांझे को खरीदते हैं। यह बहुत मजबूत भी होता है। एक दुकानदार ने बताया कि दिल्ली के कुछ बाजारों से चाइनीज मांझा पहुंचता है। उन्हें तो इतना ही पता है कि इसे मजबूत बनाने के लिए इसमें आयरन, कांच के मिक्सर के साथ कोटिंग की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों को भी नहीं जान की परवाह
- इन बाजारों में दुकानों पर पहुंचने ग्राहकों में कई ऐसे बच्चे भी शामिल रहे जिनकी उम्र 10 और पांच साल से भी कम रही। वे भी छिपकर चाइनीज मांझे के साथ पतंग ले जा रहे थे। वहीं, कुछ किशोर सड़क पर ही पतंगों की दुकान सजाकर बैठ गए हैं।
पिछले वर्षों में छापों और मांझा जब्त करने तक सीमित रहीं टीमें
- चाइनीज मांझे से जख्मी होने से लेकर जिंदगी खत्म होने तक की घटनाओं के मद्देनजर पिछले दो साल में चार पांच बार अभियान चलाया गया। मगर इनमें कुछ दुकानों पर छापे मारकर दुकानदारों के चालान भर काटकर कार्रवाई पूरी कर दी गई। नियमित रूप से चेकिंग न होने के कारण चाइनीज मांझे का प्रयोग नहीं रुक पाया। अब कमिश्नर ने भी आदेश कर दिए तो कार्रवाई शुरू नहीं हुई।

पतंगबाजी के समय यह बरतें सावधानी
- चाइनीज मांझे की जगह देसी मांझे का प्रयोग करें
- सस्ते में ज्यादा मांझे के चक्कर में चाइनीज मांझा न लें
- उंगलियों को बचाने के लिए मोटी टेप जरूर लपेट लें
- हथेली को बचाने के लिए ग्लब्स या मोटा कपड़ा लपेटें
- बाउंड्रीवाल वाली छत पर ही पतंगबाजी करें
- बच्चे या किशोर साथ हों तो उन पर हर समय नजर रखें
- पांच साल से कम बच्चे को पतंगबाजी न करने दें
- हाईटेंशन लाइन, पेड़ और पक्षियों के झुंड वाले स्थानों से बचें
- संभव हो तो खुले मैदान में पतंगबाजी करें, वह ज्यादा बेहतर है
- हाईवे, व्यस्त मार्ग या संकरी गलियों में पतंगबाजी न की जाए
- कटी पतंग को लूटने के चक्कर में सड़क पर न भागें
- पतंग टूट जाए तो उसके मांझे को सड़क पर न छोड़ें
- लाठी, डंडों या पाइप लेकर छतों पर न दौड़ें
- पतंग लूटने या छीनने के चक्कर में पड़ोसियों को परेशान न करें
- सड़क पर मांझा नजर आए तो उससे बचकर ही चलें
- पैदल जाने वाले और दुपहिया वाहन चालक अधिक सतर्क रहें
घायल हो जाएं तो यह जरूर करें....
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद कहते हैं कि पतंगबाजी के दौरान यदि पतंगबाज या रास्ते में राहगीर घायल हो जाए तो सबसे पहले निकट के चिकित्सक से उपचार कराए। पतंग उड़ाते समय ही चिकित्सा किट अपने पास रखें। इसमें डेटॉल, बीटाडिन, दर्द निवारक दवाएं, काटन की पट्टी आदि रखें। आंखों पर मांझा लगे तो बिना देरी किए नेत्र चिकित्सक या जरूरत पड़ने पर नेत्र सर्जन को दिखाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed