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साहसी होने का परिचय दें, असामाजिक तत्वों पर करें प्रहार
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गंगोह मे अमर उजाला अपराजिता द्वारा आयोजित कार्यक्रम छात्राओं के समक्ष विचार रखते कोतवाल भगत सिं
- फोटो : SAHARANPUR
साहसी होने का परिचय दें, असामाजिक तत्वों पर करें प्रहार
गंगोह (सहारनपुर)। असामाजिक तत्व से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि साहस दिखाते हुए डटकर मुकाबला करें। ऐसा करने पर आरोपी का दुस्साहस टूट जाएगा। सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तैयार है, लेकिन बालिकाओं को खुद भी साहसी बनना होगा। इसके लिए जरूरत है जागरूक रहने की। क्योंकि जो सुविधाएं पुलिस की तरफ से दी गई हैं, उनका उपयोग करना चाहिए।
बृहस्पतिवार को शासन के बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान और अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम अपराजिता के तहत गंगोह के सिल्वर ओक पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह, एसएसआई राधेश्याम, प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने शुभारंभ किया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह ने कहा कि बालिकाएं अपने माता-पिता का विश्वास हमेशा बनाकर रखें। स्कूल आते-जाते छेड़छाड़ अथवा कोई हमला होने की सूरत में हमलावर का डटकर मुकाबला करें। विरोध ना करने से ही असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। गलत व्यक्ति जरा सा विरोध करते ही भाग खड़ा होगा। उन्होंने छात्राओं से अपने पास मिर्च पाउडर रखने और आवश्यकता पड़ने पर पेन, परकार, हेयर पिन आदि को अपना हथियार बनाने की बात कही।
एसएसआई राधेश्याम ने शासन द्वारा चलाई जा रही डायल 100, 181, 1090 और 1098 आदि हेल्प लाइनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विकट परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं एवं बालिकाएं तुरंत इन नंबरों पर कॉल कर सकती हैं। कॉल करने के 10 से 15 मिनट के भीतर ही उन्हे पुलिस सहायता प्राप्त हो जाएगी। गुप्त शिकायतों के लिए प्रधानाचार्य को विद्यालय में शिकायत पेटिका रखवाने और उसे प्रतिदिन चेक करके शिकायत मिलने पर उन्हें जानकारी देने के निर्देश दिए। इस दौरान रिया खन्ना, महक वर्मा, पारुल शैल, जोया खान, कर्मवीर, मेधावी आदि छात्राओं ने अधिकारियों ने सुरक्षा के संबंध में विभिन्न प्रश्न पूछे। पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए प्रश्नों का उत्तर दिया गया। संचालन अश्वनी शर्मा ने किया। इस दौरान आकांक्षा, पूनम वर्मा, रूबीना मलिक, वंदना ध्रुव, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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सेमीनार में छात्राओं और अध्यापिकाओं ने छेड़छाड़ की बढ़ती वारदातों पर चिंता जताई। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने मनचलों के खडे़ होने के स्थानों को चिन्हित कराया। उन्होंने बेटियों को निश्चित होकर स्कूल, कॉलेज अथवा ट्यूशन जाने की बात कहते हुए सुरक्षा का पूर्ण आश्वासन दिया। प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विद्यालय में शिकायत पेटिका रखवा दी जाएगी। कोई भी छात्रा अपनी समस्या लिखकर उस पेटिका में डाल सकती है।
क्या बोलीं छात्राएं
- कक्षा 12 की छात्रा अमनप्रीत कौर ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों द्वारा उनकी आशंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान किए जाने के बाद उनके अंदर आत्मविश्वास पैदा हुआ है।
- कक्षा 12 की छात्रा मेधावी अग्रवाल ने कार्यक्रम को सराहते हुए सुझाव दिया कि बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी उक्त कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। तभी समाज में पूरी तरह से जागरूकता आएगी।
- कक्षा 12 की छात्रा वंशिका सिंघल ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए अमर उजाला और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि सुरक्षा की विभिन्न जानकारियां मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वह किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकती हैं।
- कक्षा 12 की छात्रा जोया खान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा के संबंध में नवीनतम योजनाओं और उपायों की जानकारी मिलती रहे। इससे वारदातों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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गंगोह (सहारनपुर)। असामाजिक तत्व से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि साहस दिखाते हुए डटकर मुकाबला करें। ऐसा करने पर आरोपी का दुस्साहस टूट जाएगा। सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तैयार है, लेकिन बालिकाओं को खुद भी साहसी बनना होगा। इसके लिए जरूरत है जागरूक रहने की। क्योंकि जो सुविधाएं पुलिस की तरफ से दी गई हैं, उनका उपयोग करना चाहिए।
बृहस्पतिवार को शासन के बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान और अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम अपराजिता के तहत गंगोह के सिल्वर ओक पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह, एसएसआई राधेश्याम, प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने शुभारंभ किया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवत सिंह ने कहा कि बालिकाएं अपने माता-पिता का विश्वास हमेशा बनाकर रखें। स्कूल आते-जाते छेड़छाड़ अथवा कोई हमला होने की सूरत में हमलावर का डटकर मुकाबला करें। विरोध ना करने से ही असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। गलत व्यक्ति जरा सा विरोध करते ही भाग खड़ा होगा। उन्होंने छात्राओं से अपने पास मिर्च पाउडर रखने और आवश्यकता पड़ने पर पेन, परकार, हेयर पिन आदि को अपना हथियार बनाने की बात कही।
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एसएसआई राधेश्याम ने शासन द्वारा चलाई जा रही डायल 100, 181, 1090 और 1098 आदि हेल्प लाइनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विकट परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं एवं बालिकाएं तुरंत इन नंबरों पर कॉल कर सकती हैं। कॉल करने के 10 से 15 मिनट के भीतर ही उन्हे पुलिस सहायता प्राप्त हो जाएगी। गुप्त शिकायतों के लिए प्रधानाचार्य को विद्यालय में शिकायत पेटिका रखवाने और उसे प्रतिदिन चेक करके शिकायत मिलने पर उन्हें जानकारी देने के निर्देश दिए। इस दौरान रिया खन्ना, महक वर्मा, पारुल शैल, जोया खान, कर्मवीर, मेधावी आदि छात्राओं ने अधिकारियों ने सुरक्षा के संबंध में विभिन्न प्रश्न पूछे। पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए प्रश्नों का उत्तर दिया गया। संचालन अश्वनी शर्मा ने किया। इस दौरान आकांक्षा, पूनम वर्मा, रूबीना मलिक, वंदना ध्रुव, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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सेमीनार में छात्राओं और अध्यापिकाओं ने छेड़छाड़ की बढ़ती वारदातों पर चिंता जताई। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने मनचलों के खडे़ होने के स्थानों को चिन्हित कराया। उन्होंने बेटियों को निश्चित होकर स्कूल, कॉलेज अथवा ट्यूशन जाने की बात कहते हुए सुरक्षा का पूर्ण आश्वासन दिया। प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विद्यालय में शिकायत पेटिका रखवा दी जाएगी। कोई भी छात्रा अपनी समस्या लिखकर उस पेटिका में डाल सकती है।
क्या बोलीं छात्राएं
- कक्षा 12 की छात्रा अमनप्रीत कौर ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों द्वारा उनकी आशंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान किए जाने के बाद उनके अंदर आत्मविश्वास पैदा हुआ है।
- कक्षा 12 की छात्रा मेधावी अग्रवाल ने कार्यक्रम को सराहते हुए सुझाव दिया कि बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी उक्त कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। तभी समाज में पूरी तरह से जागरूकता आएगी।
- कक्षा 12 की छात्रा वंशिका सिंघल ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए अमर उजाला और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि सुरक्षा की विभिन्न जानकारियां मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वह किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकती हैं।
- कक्षा 12 की छात्रा जोया खान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा के संबंध में नवीनतम योजनाओं और उपायों की जानकारी मिलती रहे। इससे वारदातों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।