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स्वयं को दुखमुक्त कर दुनिया को राह दिखा रहा भारत : भागवत
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मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में कार्यक्रम को संबोधित करती राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत स्वयं के दुख को दूर कर दुनिया को नई राह दिखा रहा है। दूसरे देशों के लोग भौतिकवादी हैं। वह मोक्ष की प्राप्ति तो चाहते हैं, लेकिन इसका रास्ता उनके पास नहीं है। इसका रास्ता सिर्फ भारतीय संस्कृति में है। यही वजह है आज प्राचीन भारतीय संस्कृति और योग को पूरी दुनिया अपना रही है।
वह शनिवार को जनमंच प्रेक्षागृह सहारनपुर में मोक्षायतन योग संस्थान के 49 वें वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने सबका सम्मान किया। इसीलिए पूरी दुनिया में इसकी अलग पहचान है। हर चीज का एक निश्चित समय होता है। आहार-विहार और निद्रा का भी एक समय है। योग हमें बुद्धि और ज्ञान के साथ परमात्मा के नजदीक ले जाकर परमानंद प्राप्त कराता और शरीर को भी स्वस्थ रखता है। प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाए। हम जो देख रहे हैं वह सत्य नहीं है, सत्य को हमें योग दिखाता है और हर परिस्थितियों में सुखी रहने का मूलमंत्र सिखाता है। समारोह की अध्यक्षता पद्मश्री भारत भूषण ने की और संचालन आचार्य प्रतिष्ठा ने किया।
कोरोना काल में दुनिया ने समझा योग का महत्व: राज्यपाल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि योग हमारी प्राचीन पद्धति है। कोरोना काल में योग का महत्व पूरी दुनिया ने समझा है। वर्तमान में स्वस्थ शरीर रखना भी अपने आप में एक चुनौती है और योग ही हमें निरोगी काया देता है। योग के माध्यम से व्यक्ति 100 वर्ष की आयु आसानी से प्राप्त कर सकता है।
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वह शनिवार को जनमंच प्रेक्षागृह सहारनपुर में मोक्षायतन योग संस्थान के 49 वें वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने सबका सम्मान किया। इसीलिए पूरी दुनिया में इसकी अलग पहचान है। हर चीज का एक निश्चित समय होता है। आहार-विहार और निद्रा का भी एक समय है। योग हमें बुद्धि और ज्ञान के साथ परमात्मा के नजदीक ले जाकर परमानंद प्राप्त कराता और शरीर को भी स्वस्थ रखता है। प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाए। हम जो देख रहे हैं वह सत्य नहीं है, सत्य को हमें योग दिखाता है और हर परिस्थितियों में सुखी रहने का मूलमंत्र सिखाता है। समारोह की अध्यक्षता पद्मश्री भारत भूषण ने की और संचालन आचार्य प्रतिष्ठा ने किया।
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कोरोना काल में दुनिया ने समझा योग का महत्व: राज्यपाल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि योग हमारी प्राचीन पद्धति है। कोरोना काल में योग का महत्व पूरी दुनिया ने समझा है। वर्तमान में स्वस्थ शरीर रखना भी अपने आप में एक चुनौती है और योग ही हमें निरोगी काया देता है। योग के माध्यम से व्यक्ति 100 वर्ष की आयु आसानी से प्राप्त कर सकता है।

मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में कार्यक्रम को संबोधित करते सर संघ चालक राष्ट्रीय स्वयं से?- फोटो : SAHARANPUR

मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में कार्यक्रम को संबोधित करते सर संघ चालक राष्ट्रीय स्वयं से?- फोटो : SAHARANPUR

मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को सम्मानित करते प?- फोटो : SAHARANPUR

मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में पहुंचे सर संघ चालक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मोहन भागवत - फोटो : SAHARANPUR

मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में कार्यक्रम में पहुंचे सर संघ चालक राष्ट्रीय स्वयं सेवक सं?- फोटो : SAHARANPUR

मोक्षायतन के स्थापना दिवस पर जनमंच में पहुंचे सर संघ चालक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मोहन भागवत - फोटो : SAHARANPUR
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