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Saharanpur News: नौकरी दिलाने के नाम पर नगर निगम के लिपिक ने ठगे 24 लाख
Wed, 30 Jul 2025 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:27 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम में उद्यान विभाग के लिपिक पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बदायूं के युवक से 24 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। लिपिक अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। अब कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ बदायूं के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज हुआ है।
बदायूं जिले में उसावां थाना क्षेत्र के सिसौरा निवासी अजय रत्न ने बताया कि भाई से मिलने सहारनपुर आया था। भाई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसी दौरान मुलाकात नगर निगम के उद्यान विभाग में कार्यरत विवेक मौर्य से हुई। बातचीत के दौरान विवेक मौर्य ने कहा कि उसकी ऊंची पहुंच है और वह बेरोजगार युवकों को विभिन्न विभागों में नौकरी दिलवा सकता है। पीड़ित अजय रत्न ने विवेक की बातों में आकर खुद के साथ 11 अन्य युवकों को नौकरी दिलाने के लिए 24 लाख रुपये दे दिए। यह रकम 31 अक्तूबर 2024 को भाजपा कार्यालय बदायूं के पास दी गई थी।
आरोप है कि विवेक मौर्य ने 15 नवंबर 2024 को सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए, जो बाद में संबंधित विभागों द्वारा फर्जी पाए गए। जब पीड़ित ने विवेक से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। करीब एक माह पूर्व जब अजय रत्न ने विवेक से दोबारा मुलाकात की तो कुछ अज्ञात लोगों के साथ भाजपा कार्यालय के पास पहुंचा। अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। इसके साथ ही विवेक ने उसके भाई को नौकरी से हटवाने की भी धमकी दी है। पीड़ित ने थाना सिविल लाइन बदायूं में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने 22 फरवरी को डाक से उच्चाधिकारियों को भी शिकायत भेजी, जिसका कोई असर नहीं पड़ा। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी विवेक मौर्य व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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बदायूं जिले में उसावां थाना क्षेत्र के सिसौरा निवासी अजय रत्न ने बताया कि भाई से मिलने सहारनपुर आया था। भाई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उसी दौरान मुलाकात नगर निगम के उद्यान विभाग में कार्यरत विवेक मौर्य से हुई। बातचीत के दौरान विवेक मौर्य ने कहा कि उसकी ऊंची पहुंच है और वह बेरोजगार युवकों को विभिन्न विभागों में नौकरी दिलवा सकता है। पीड़ित अजय रत्न ने विवेक की बातों में आकर खुद के साथ 11 अन्य युवकों को नौकरी दिलाने के लिए 24 लाख रुपये दे दिए। यह रकम 31 अक्तूबर 2024 को भाजपा कार्यालय बदायूं के पास दी गई थी।
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आरोप है कि विवेक मौर्य ने 15 नवंबर 2024 को सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए, जो बाद में संबंधित विभागों द्वारा फर्जी पाए गए। जब पीड़ित ने विवेक से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। करीब एक माह पूर्व जब अजय रत्न ने विवेक से दोबारा मुलाकात की तो कुछ अज्ञात लोगों के साथ भाजपा कार्यालय के पास पहुंचा। अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। इसके साथ ही विवेक ने उसके भाई को नौकरी से हटवाने की भी धमकी दी है। पीड़ित ने थाना सिविल लाइन बदायूं में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने 22 फरवरी को डाक से उच्चाधिकारियों को भी शिकायत भेजी, जिसका कोई असर नहीं पड़ा। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी विवेक मौर्य व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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